{"_id":"636419af71014374387ee122","slug":"the-main-accused-s-son-archit-had-hatched-a-conspiracy-badaun-news-bly5027135143","type":"story","status":"publish","title_hn":"अर्चित ने रची थी तिहरे हत्याकांड की साजिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अर्चित ने रची थी तिहरे हत्याकांड की साजिश
विज्ञापन
तिहरे हत्याकांड के बाद सुनसान पड़ा सपा नेता का घर। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। सथरा गांव के तिहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने तमाम बातों का खुलासा नहीं किया है। पर, मृतक पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता के भाई राजेश गुप्ता का दावा है कि इस हत्याकांड की पूरी साजिश का तानाबाना रविंद्र दीक्षित के छोटे बेटे अर्चित ने रचा था।
विगत 31 अक्तूबर को उसहैत थाना क्षेत्र के गांव सथरा में सपा नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता, उनकी मां शांति देवी और पत्नी शारदा गुप्ता की उनके ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्याकांड राजनीति मामले से भी जुड़ा था। इससे पुलिस और अधिकारी रातभर चकरघिन्नी बने रहे। उस दौरान सबकी जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर सपा नेता, उनकी मां और पत्नी की हत्या किसने की। थाना पुलिस तो इसकी जानकारी नहीं जुटा पाई, लेकिन उनके परिवार वालों ने गांव के रविंद्र दीक्षित को मुख्य हत्यारोपी बताया।
उसका सहयोगी बेटा सार्थक दीक्षित और विक्रम उर्फ विक्की बताया। इसके अलावा इसमें दो अज्ञात लोग शामिल बताए थे। सपा नेता के भाई राजेश गुप्ता ने इसकी एफआईआर दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि रविंद्र का छोटा बेटा अर्चित दीक्षित भले ही हत्याकांड में शामिल नहीं था, लेकिन इसकी साजिश उसने ही रची थी। थाना पुलिस ने भी उसको षड्यंत्र रचने का दोषी माना है। थाना पुलिस अर्चित और विक्रम उर्फ विक्की को तलाश करने का दावा कर रही है।
विज्ञापन
एफआईआर के अनुसार चल रही है पुलिस
तिहरे हत्याकांड में कहीं न कहीं उसहैत पुलिस के पैर डगमगा गए हैं। पुलिस गांव जाकर बयान दर्ज करने से तक डर रही है। इसमें पुलिस ने एफआईआर के अनुसार ही जांच शुरू कर दी है। उसी के अनुसार पुलिस चल भी रही है।
विज्ञापन
विगत 31 अक्तूबर को उसहैत थाना क्षेत्र के गांव सथरा में सपा नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता, उनकी मां शांति देवी और पत्नी शारदा गुप्ता की उनके ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्याकांड राजनीति मामले से भी जुड़ा था। इससे पुलिस और अधिकारी रातभर चकरघिन्नी बने रहे। उस दौरान सबकी जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर सपा नेता, उनकी मां और पत्नी की हत्या किसने की। थाना पुलिस तो इसकी जानकारी नहीं जुटा पाई, लेकिन उनके परिवार वालों ने गांव के रविंद्र दीक्षित को मुख्य हत्यारोपी बताया।
विज्ञापन
उसका सहयोगी बेटा सार्थक दीक्षित और विक्रम उर्फ विक्की बताया। इसके अलावा इसमें दो अज्ञात लोग शामिल बताए थे। सपा नेता के भाई राजेश गुप्ता ने इसकी एफआईआर दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि रविंद्र का छोटा बेटा अर्चित दीक्षित भले ही हत्याकांड में शामिल नहीं था, लेकिन इसकी साजिश उसने ही रची थी। थाना पुलिस ने भी उसको षड्यंत्र रचने का दोषी माना है। थाना पुलिस अर्चित और विक्रम उर्फ विक्की को तलाश करने का दावा कर रही है।
विज्ञापन
एफआईआर के अनुसार चल रही है पुलिस
तिहरे हत्याकांड में कहीं न कहीं उसहैत पुलिस के पैर डगमगा गए हैं। पुलिस गांव जाकर बयान दर्ज करने से तक डर रही है। इसमें पुलिस ने एफआईआर के अनुसार ही जांच शुरू कर दी है। उसी के अनुसार पुलिस चल भी रही है।