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Budaun News: पुलिस चौकी से 40 मीटर की दूरी पर घटना, पुुलिस चौकसी पर लग रहे सवालिया निशान
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एडीजी रमित शर्मा, डीआईजी समेत पुलिस अधिकारी मामले की छानबीन करते हुए। स्रोत-पुलिस
बदायूं। दोनों ओर से पुलिस से घिरे साईं मंदिर पर बदमाश आसानी से पुजारी की हत्या कर निकल गए। किसी को भनक तक नहीं लग सकी। इससे सुरक्षा-व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहे है। नवादा चौकी की दूरी 40 मीटर बताई गई है, जबकि दमकल विभाग का कार्यालय 20 मीटर की दूरी पर है। पुलिस गश्त करती होती तो बदमाश इतनी आसानी से नहीं निकल पाते।
मंदिर में भोलेनाथ का शिवलिंग सहित कई देवी देवताओं की प्रतिमाएं हैं। श्रद्धालु पूजा करने के लिए सुबह तड़के पहुंचने लगते हैं। श्रद्धालुुओं के अनुसार, सोमवार सुबह जब वह छत पर पहुंचे तो पुजारी के हाथ-पैर गमछे से बंधे हुए थे। गले में गमछा बंधा हुआ था।
मानदेय के रूप में मिलते थे 57 सौ रुपये
मंदिर में प्रबंधन की ओर से पुजारी को मानदेय के रूप में 57 सौ रुपये प्रति महीने मिलते थे। दिनभर मंदिर में नियमित पूजा-पाठ और प्रसाद वितरण के बाद रात को मंदिर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में वह सोते थे। सुबह जब भक्तगण मंदिर पहुंचे तो मेनगेट खुला हुआ था, लेकिन पुजारी नहीं दिखे। कुछ लोग उन्हें आवाज लगाते हुए छत वाले कमरे में पहुंचे तो वहां पुजारी का शव पड़ा हुआ देखा। मंदिर प्रबंधक सुरेंद्र वैश्य का कहना है कि चांदी के दो मुकुट मंदिर में फिलहाल नहीं मिले हैं।
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सपा नेता मोहतशाम सिद्दीकी पहुंचे
मोहल्ले में ही रहने वाले समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव मोहतशाम सिद्दीकी घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि यहां पर हिंदू-मुस्लिम दोनों ही बड़े प्रेम के साथ रहते आ रहे हैं। चौकी के पास हुई यह घटना बहुत दुखद है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
गांव पहुंची थाना पुलिस तो देखते ही भाग खड़ा हुआ युवक
घटना की छानबीन करने के लिए इंस्पेक्टर नीरज मलिक पुलिस टीम के साथ पुजारी मनोज शंखधार के गांव कल्लिया काजमपुर सोमवार दोपहर के समय पहुंचीं। वहां उन्होंने गांव के लोगों को बुलाकर बयान दर्ज किए। इसी दौरान एक युवक पुलिस को देखकर भाग खड़ा हुआ। इस पर पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर ली। पूछताछ में पता लगा कि उसके कोर्ट से वारंट जारी हो गए हैं। उसने समझा कि पुलिस उसको पकड़ने आई है, जिससे वह भागा था। इसके बाद पुलिस ने उसको जाने दिया।
पांच भाइयों में दूसरे नंबर के थे मनोज
मनोज पांच भाई थे। वह दूसरे नंबर के थे। वह मंदिर की पूजा करते थे, जबकि अन्य भाई गांव में ही खेती करते हैं। मनोज कभी-कभी अपने गांव जाते थे। अधिकांश समय वह मंदिर की देखरेख में ही गुजारा करते थे। उनकी हत्या से परिवार समेत नवादा गांव के रहने वाले श्रद्धालु भी सदमें में आ गए हैं।
हिंदू संगठनों में रोष, मंदिर के आसपास सन्नाटा
इस वारदात के बाद हिंदू संगठन के लोगों में रोष व्याप्त हो गया है। घटना के बाद मौके पर तमाम लोग पहुंचे और आरोपियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएग। वहीं मंदिर परिसर के आसपास सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां जो दुकानें हैं, सोमवार को वह भी बंद रहीं। लोग कह रहे हैं कि पुजारी बहुत ही शालीन व सरल स्वभाव के थे। उनकी हत्या क्यों और किसने की, इसको लेकर हर कोई चर्चा कर रहा है।
परिजनों ने कहा कि किसी से नहीं थी दुश्मनी
मृतक के बहनोई सतेंद्र मिश्रा ने बताया कि मनोज की किसी से दुश्मनी नहीं थी। इसके बाद भी उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस को देर शाम तक कोई ठोस सुबूत हाथ नहीं लग सके हैं।
शादी नहीं की थी मनोज ने
मनोज मंदिर की देखरेख करते थे। कई बार परिजनों ने उनके सामने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। वह 12 साल से साइं मंदिर के पुजारी थे। आसपास के लोगों से उनका प्रेम भाव बना हुआ था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। देखा तो पुजारी के हाथ पैर गमछे से बंधे थे और गमछा से गला घोंटकर उनकी हत्या होना पाया गया। चार टीमों का गठन किया गया है। हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जल्द की आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा। - डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी बदायूं
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मंदिर में भोलेनाथ का शिवलिंग सहित कई देवी देवताओं की प्रतिमाएं हैं। श्रद्धालु पूजा करने के लिए सुबह तड़के पहुंचने लगते हैं। श्रद्धालुुओं के अनुसार, सोमवार सुबह जब वह छत पर पहुंचे तो पुजारी के हाथ-पैर गमछे से बंधे हुए थे। गले में गमछा बंधा हुआ था।
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मानदेय के रूप में मिलते थे 57 सौ रुपये
मंदिर में प्रबंधन की ओर से पुजारी को मानदेय के रूप में 57 सौ रुपये प्रति महीने मिलते थे। दिनभर मंदिर में नियमित पूजा-पाठ और प्रसाद वितरण के बाद रात को मंदिर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में वह सोते थे। सुबह जब भक्तगण मंदिर पहुंचे तो मेनगेट खुला हुआ था, लेकिन पुजारी नहीं दिखे। कुछ लोग उन्हें आवाज लगाते हुए छत वाले कमरे में पहुंचे तो वहां पुजारी का शव पड़ा हुआ देखा। मंदिर प्रबंधक सुरेंद्र वैश्य का कहना है कि चांदी के दो मुकुट मंदिर में फिलहाल नहीं मिले हैं।
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सपा नेता मोहतशाम सिद्दीकी पहुंचे
मोहल्ले में ही रहने वाले समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव मोहतशाम सिद्दीकी घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि यहां पर हिंदू-मुस्लिम दोनों ही बड़े प्रेम के साथ रहते आ रहे हैं। चौकी के पास हुई यह घटना बहुत दुखद है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
गांव पहुंची थाना पुलिस तो देखते ही भाग खड़ा हुआ युवक
घटना की छानबीन करने के लिए इंस्पेक्टर नीरज मलिक पुलिस टीम के साथ पुजारी मनोज शंखधार के गांव कल्लिया काजमपुर सोमवार दोपहर के समय पहुंचीं। वहां उन्होंने गांव के लोगों को बुलाकर बयान दर्ज किए। इसी दौरान एक युवक पुलिस को देखकर भाग खड़ा हुआ। इस पर पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर ली। पूछताछ में पता लगा कि उसके कोर्ट से वारंट जारी हो गए हैं। उसने समझा कि पुलिस उसको पकड़ने आई है, जिससे वह भागा था। इसके बाद पुलिस ने उसको जाने दिया।
पांच भाइयों में दूसरे नंबर के थे मनोज
मनोज पांच भाई थे। वह दूसरे नंबर के थे। वह मंदिर की पूजा करते थे, जबकि अन्य भाई गांव में ही खेती करते हैं। मनोज कभी-कभी अपने गांव जाते थे। अधिकांश समय वह मंदिर की देखरेख में ही गुजारा करते थे। उनकी हत्या से परिवार समेत नवादा गांव के रहने वाले श्रद्धालु भी सदमें में आ गए हैं।
हिंदू संगठनों में रोष, मंदिर के आसपास सन्नाटा
इस वारदात के बाद हिंदू संगठन के लोगों में रोष व्याप्त हो गया है। घटना के बाद मौके पर तमाम लोग पहुंचे और आरोपियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएग। वहीं मंदिर परिसर के आसपास सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां जो दुकानें हैं, सोमवार को वह भी बंद रहीं। लोग कह रहे हैं कि पुजारी बहुत ही शालीन व सरल स्वभाव के थे। उनकी हत्या क्यों और किसने की, इसको लेकर हर कोई चर्चा कर रहा है।
परिजनों ने कहा कि किसी से नहीं थी दुश्मनी
मृतक के बहनोई सतेंद्र मिश्रा ने बताया कि मनोज की किसी से दुश्मनी नहीं थी। इसके बाद भी उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस को देर शाम तक कोई ठोस सुबूत हाथ नहीं लग सके हैं।
शादी नहीं की थी मनोज ने
मनोज मंदिर की देखरेख करते थे। कई बार परिजनों ने उनके सामने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। वह 12 साल से साइं मंदिर के पुजारी थे। आसपास के लोगों से उनका प्रेम भाव बना हुआ था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। देखा तो पुजारी के हाथ पैर गमछे से बंधे थे और गमछा से गला घोंटकर उनकी हत्या होना पाया गया। चार टीमों का गठन किया गया है। हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जल्द की आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा। - डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी बदायूं

एडीजी रमित शर्मा, डीआईजी समेत पुलिस अधिकारी मामले की छानबीन करते हुए। स्रोत-पुलिस

एडीजी रमित शर्मा, डीआईजी समेत पुलिस अधिकारी मामले की छानबीन करते हुए। स्रोत-पुलिस