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Budaun News: यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम को लेकर 67 हजार से अधिक विद्यार्थियों की धड़कनें तेज
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बदायूं। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम आज बृहस्पतिवार को आ रहा है। जिले के 67 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अपने रिजल्ट को लेकर उत्साहित और चिंतित हैं।
जिले में इस वर्ष हाईस्कूल के 37,369 और इंटरमीडिएट के 30,576 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा संपन्न होने के बाद से ही सभी छात्र-छात्राएं अपने परिणाम को लेकर लगातार अपडेट पर नजर बनाए हुए थे। आज रिजल्ट जारी होने के साथ ही उनकी मेहनत का परिणाम सामने आएगा। विद्यालयों में भी रिजल्ट को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कई स्कूलों ने छात्र-छात्राओं का परिणाम देखने में सहायता देने के लिए हेल्पडेस्क बनाने की योजना बनाई है।
वहीं, अधिकांश छात्र-छात्राएं मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम से अपना रिजल्ट देखने की तैयारी में हैं। एसके इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संदीप भारती का कहना है कि इस बार परिणाम बेहतर रहने की उम्मीद है, क्योंकि परीक्षा के दौरान छात्रों ने अच्छी तैयारी दिखाई थी। वहीं, कुछ छात्र-छात्राएं अपने भविष्य को लेकर चिंतित भी नजर आ रहे हैं, क्योंकि यही परिणाम उनके आगे के शैक्षणिक और कॅरियर विकल्प तय करेंगे।इंटरमीडिएट के छात्र उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की दिशा तय करेंगे, जबकि हाईस्कूल के छात्र अपने विषय चयन को लेकर निर्णय लेंगे।
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रिजल्ट को लेकर न लें दबाव
जिला अस्पताल में तैनात साइकोलॉजिस्ट डॉ. सर्वेश कुमारी का कहना है कि रिजल्ट के समय छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाएं। उन्हें सकारात्मक माहौल दें। अपेक्षित परिणाम न आने पर भी छात्रों को हतोत्साहित करने के बजाय उन्हें आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रशासन की ओर से भी छात्रों से अपील की गई है कि वे रिजल्ट को लेकर तनाव न लें और किसी भी स्थिति में धैर्य बनाए रखें। यदि किसी छात्र को अपने परिणाम से संतुष्टि नहीं होती है, तो वह पुनर्मूल्यांकन या अन्य विकल्पों का लाभ उठा सकता है।
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जिले में इस वर्ष हाईस्कूल के 37,369 और इंटरमीडिएट के 30,576 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा संपन्न होने के बाद से ही सभी छात्र-छात्राएं अपने परिणाम को लेकर लगातार अपडेट पर नजर बनाए हुए थे। आज रिजल्ट जारी होने के साथ ही उनकी मेहनत का परिणाम सामने आएगा। विद्यालयों में भी रिजल्ट को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कई स्कूलों ने छात्र-छात्राओं का परिणाम देखने में सहायता देने के लिए हेल्पडेस्क बनाने की योजना बनाई है।
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वहीं, अधिकांश छात्र-छात्राएं मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम से अपना रिजल्ट देखने की तैयारी में हैं। एसके इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संदीप भारती का कहना है कि इस बार परिणाम बेहतर रहने की उम्मीद है, क्योंकि परीक्षा के दौरान छात्रों ने अच्छी तैयारी दिखाई थी। वहीं, कुछ छात्र-छात्राएं अपने भविष्य को लेकर चिंतित भी नजर आ रहे हैं, क्योंकि यही परिणाम उनके आगे के शैक्षणिक और कॅरियर विकल्प तय करेंगे।इंटरमीडिएट के छात्र उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की दिशा तय करेंगे, जबकि हाईस्कूल के छात्र अपने विषय चयन को लेकर निर्णय लेंगे।
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रिजल्ट को लेकर न लें दबाव
जिला अस्पताल में तैनात साइकोलॉजिस्ट डॉ. सर्वेश कुमारी का कहना है कि रिजल्ट के समय छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाएं। उन्हें सकारात्मक माहौल दें। अपेक्षित परिणाम न आने पर भी छात्रों को हतोत्साहित करने के बजाय उन्हें आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रशासन की ओर से भी छात्रों से अपील की गई है कि वे रिजल्ट को लेकर तनाव न लें और किसी भी स्थिति में धैर्य बनाए रखें। यदि किसी छात्र को अपने परिणाम से संतुष्टि नहीं होती है, तो वह पुनर्मूल्यांकन या अन्य विकल्पों का लाभ उठा सकता है।