{"_id":"698254cd91eb351c1c059f2a","slug":"the-change-in-weather-has-led-to-an-increase-in-influenza-cases-badaun-news-c-123-1-sbly1001-156452-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: मौसम में बदलाव से इंफ्लूएंजा के मरीज बढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: मौसम में बदलाव से इंफ्लूएंजा के मरीज बढ़े
विज्ञापन
बदायूं। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के चलते जिले में इंफ्लूएंजा के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंड के कारण लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है। इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल के साथ-साथ निजी क्लीनिकों में भी खांसी, जुकाम, बुखार, बदन दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।
बदलता मौसम इंफ्लूएंजा वायरस के फैलने के लिए अनुकूल स्थिति बनाता है। खासतौर पर छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित लोग इसकी चपेट में जल्दी आ रहे हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी के दौरान सर्दी-जुकाम और बुखार से संबंधित मरीजों की संख्या में पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।
पहले 100 से 110 मरीज सर्दी-खांसी के आ रहे थे, लेकिन अब यह संख्या 250 से ऊपर बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मामलों में इंफ्लूएंजा सामान्य दवाओं और आराम से ठीक हो सकता है, लेकिन लापरवाही बरतने पर यह गंभीर रूप भी ले सकता है। बुखार लंबे समय तक बने रहना, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या अत्यधिक कमजोरी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. अमित वार्ष्णेय ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। बदलते मौसम में हल्के और गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करने, संतुलित आहार लेने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की जरूरत है। इसके अलावा हाथों की नियमित सफाई, भीड़भाड़ वाले स्थानों में मास्क का प्रयोग और खांसते या छींकते समय मुंह ढकना भी संक्रमण से बचाव में मददगार है।
विज्ञापन
बदलता मौसम इंफ्लूएंजा वायरस के फैलने के लिए अनुकूल स्थिति बनाता है। खासतौर पर छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित लोग इसकी चपेट में जल्दी आ रहे हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी के दौरान सर्दी-जुकाम और बुखार से संबंधित मरीजों की संख्या में पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।
विज्ञापन
पहले 100 से 110 मरीज सर्दी-खांसी के आ रहे थे, लेकिन अब यह संख्या 250 से ऊपर बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मामलों में इंफ्लूएंजा सामान्य दवाओं और आराम से ठीक हो सकता है, लेकिन लापरवाही बरतने पर यह गंभीर रूप भी ले सकता है। बुखार लंबे समय तक बने रहना, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या अत्यधिक कमजोरी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. अमित वार्ष्णेय ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। बदलते मौसम में हल्के और गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करने, संतुलित आहार लेने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की जरूरत है। इसके अलावा हाथों की नियमित सफाई, भीड़भाड़ वाले स्थानों में मास्क का प्रयोग और खांसते या छींकते समय मुंह ढकना भी संक्रमण से बचाव में मददगार है।