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Budaun News: निपुण बनाने के मुहिम की निजी संस्था से कराई जाएगी जांच
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बदायूं। परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा दो तक के विद्यार्थियों को निपुण बनाने की मुहिम की अब निजी संस्था से जांच कराई जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन (सीएसएफ) संस्था का चयन किया है। इससे शिक्षकों पर दबाव बनेगा। और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
शासन ने बेसिक शिक्षा परिषद और फाउंडेशन को साथ में तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। फाउंडेशन यह देखेगी कि विद्यार्थियों को गिनती व अक्षर ज्ञान है या नहीं और विद्यालय में निपुण भारत मिशन ढंग से चलाया जा रहा है या नहीं। साथ यह भी देखेंगे कि इस मिशन के लिए भेजी गई शिक्षण सामग्री का शिक्षक प्रयोग कर रहे हैं या नहीं। अगर वे ढंग से इसका प्रयोग नहीं कर रहे हैं तो शिक्षकों को यह समझाएंगे कि किस तरह इसका उपयोग किया जाना है। वहीं इसकी संपूर्ण रिपोर्ट राज्य परियोजना कार्यालय देगी।
निपुण भारत मिशन के तहत ऐसे विद्यालय, जिनमें न्यूनतम 80 प्रतिशत छात्र-छात्राएं गणित व भाषा में दक्ष होंगे, उन्हें निपुण विद्यालय माना जाएगा। इस संबंध में बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जिले में छात्र-छात्राओं को निपुण करने के लिए सभी एआरपी, शिक्षक संकुल आदि लगे हुए हैं। सभी बेहतर तरीके से काम कर रहे हैं।
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शासन ने बेसिक शिक्षा परिषद और फाउंडेशन को साथ में तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। फाउंडेशन यह देखेगी कि विद्यार्थियों को गिनती व अक्षर ज्ञान है या नहीं और विद्यालय में निपुण भारत मिशन ढंग से चलाया जा रहा है या नहीं। साथ यह भी देखेंगे कि इस मिशन के लिए भेजी गई शिक्षण सामग्री का शिक्षक प्रयोग कर रहे हैं या नहीं। अगर वे ढंग से इसका प्रयोग नहीं कर रहे हैं तो शिक्षकों को यह समझाएंगे कि किस तरह इसका उपयोग किया जाना है। वहीं इसकी संपूर्ण रिपोर्ट राज्य परियोजना कार्यालय देगी।
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निपुण भारत मिशन के तहत ऐसे विद्यालय, जिनमें न्यूनतम 80 प्रतिशत छात्र-छात्राएं गणित व भाषा में दक्ष होंगे, उन्हें निपुण विद्यालय माना जाएगा। इस संबंध में बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जिले में छात्र-छात्राओं को निपुण करने के लिए सभी एआरपी, शिक्षक संकुल आदि लगे हुए हैं। सभी बेहतर तरीके से काम कर रहे हैं।
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