{"_id":"6aa9a3a91acf44c36c0474f0","slug":"the-board-will-also-conduct-practical-examinations-for-science-and-home-science-at-the-high-school-level-badaun-news-c-123-1-sbly1001-173211-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: हाईस्कूल में विज्ञान-गृह विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा भी कराएगा बोर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: हाईस्कूल में विज्ञान-गृह विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा भी कराएगा बोर्ड
विज्ञापन
बदायूं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल की मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव किया है। अब हाईस्कूल में विज्ञान और गृह विज्ञान विषय की प्रयोगात्मक परीक्षा विद्यालय स्तर पर नहीं होगी। इन दोनों विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षा अब यूपी बोर्ड की ओर से कराई जाएगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रयोगात्मक परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने और सभी विद्यार्थियों के मूल्यांकन में एकरूपता लाना माना जा रहा है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर अभी तक हाईस्कूल के विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षा विद्यालय स्तर पर ही कराई जाती रही है। विद्यालय के शिक्षक विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक गतिविधियों के आधार पर अंक निर्धारित करते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इसमें बदलाव किया जाएगा। बोर्ड की ओर से प्रयोगात्मक परीक्षा कराने की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी और उसी के अनुसार विद्यार्थियों का मूल्यांकन कराया जाएगा। बोर्ड स्तर से प्रयोगात्मक परीक्षा कराने की व्यवस्था होने से विद्यालयों की भूमिका सीमित होगी।
परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक कार्य के माध्यम से विषय की व्यावहारिक समझ प्रदर्शित करनी होगी। इससे केवल लिखित परीक्षा के आधार पर विद्यार्थियों की विषयगत जानकारी जांचने के बजाय उनके प्रयोगात्मक ज्ञान और समझ का भी आकलन किया जा सकेगा।
विज्ञापन
नई व्यवस्था से विद्यार्थियों के साथ विद्यालयों को भी परीक्षा की तैयारी पहले से करनी होगी। विज्ञान विषय में प्रयोगशाला से जुड़े कार्य, प्रयोगों की प्रक्रिया और उनके परिणाम की जानकारी विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से करानी होगी। इसी तरह गृह विज्ञान के विद्यार्थियों को भी विषय से संबंधित व्यावहारिक कार्यों का अभ्यास कराया जाएगा।
इस संबंध में डीआईओएस लालजी यादव ने बताया छात्र-छात्राओं से लेकर स्कूल प्रशासन को बोर्ड के निर्देशों से अवगत कराया जा रहा है। सभी स्कूल कॉलेजों को भी निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर अभी तक हाईस्कूल के विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षा विद्यालय स्तर पर ही कराई जाती रही है। विद्यालय के शिक्षक विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक गतिविधियों के आधार पर अंक निर्धारित करते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इसमें बदलाव किया जाएगा। बोर्ड की ओर से प्रयोगात्मक परीक्षा कराने की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी और उसी के अनुसार विद्यार्थियों का मूल्यांकन कराया जाएगा। बोर्ड स्तर से प्रयोगात्मक परीक्षा कराने की व्यवस्था होने से विद्यालयों की भूमिका सीमित होगी।
विज्ञापन
परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक कार्य के माध्यम से विषय की व्यावहारिक समझ प्रदर्शित करनी होगी। इससे केवल लिखित परीक्षा के आधार पर विद्यार्थियों की विषयगत जानकारी जांचने के बजाय उनके प्रयोगात्मक ज्ञान और समझ का भी आकलन किया जा सकेगा।
विज्ञापन
नई व्यवस्था से विद्यार्थियों के साथ विद्यालयों को भी परीक्षा की तैयारी पहले से करनी होगी। विज्ञान विषय में प्रयोगशाला से जुड़े कार्य, प्रयोगों की प्रक्रिया और उनके परिणाम की जानकारी विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से करानी होगी। इसी तरह गृह विज्ञान के विद्यार्थियों को भी विषय से संबंधित व्यावहारिक कार्यों का अभ्यास कराया जाएगा।
इस संबंध में डीआईओएस लालजी यादव ने बताया छात्र-छात्राओं से लेकर स्कूल प्रशासन को बोर्ड के निर्देशों से अवगत कराया जा रहा है। सभी स्कूल कॉलेजों को भी निर्देश दिए गए हैं।