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Budaun News: 36 घंटे से हवालात में है हत्यारोपी शराब तस्कर, कोर्ट में नहीं किया पेश
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फैजगंज बेहटा। भवानीपुर गांव में शुक्रवार शाम हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार सुबह ही शराब तस्कर हत्यारोपी को पकड़ कर लिया था। पुलिस उसे 36 घंटे से हवालात में बैठाए हैं। उसे जेल नहीं किया गया है। आरोप है कि पुलिस उसे बचाने में जुटी है।
गांव भवानीपुर निवासी धर्मेंद्र उर्फ बुद्धि (32) पुत्र ओमप्रकाश की शुक्रवार शाम पड़ोस के ही शराब तस्कर राजपाल ने अपने घर में रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी थी। उसने धर्मेंद्र के शव को घर के एक कमरे में छिपा दिया था। शनिवार सुबह धर्मेंद्र के बड़े भाई जुगेंद्र ने उसकी तलाश की। उसका शव राजपाल के घर में मिला। ग्रामीणों ने शराब तस्कर राजपाल को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने थाने लाकर पूछताछ की। उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी गला दबने से मौत की पुष्टि हो गई थी।
पुलिस ने जुगेंद्र की तहरीर पर शराब तस्कर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन उसे रविवार देर शाम तक जेल नहीं भेजा गया। उसे हवालात में 36 घंटे से बैठाए हैं। जबकि नियमानुसार गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर जेल भेजना होता है।
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परिजनों ने पुलिस पर लगाया आरोप
परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। आरोपी को पकड़ने के 36 घंटे बाद भी उसे जेल नहीं भेजा गया है। आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से वह गांव में शराब बेच रहा था। इस वजह से उसके जरिए पुलिस अन्य लोगों से पूछताछ के नाम पर रुपये वसूलने में जुटी है। इसको लेकर पुलिस ने रविवार को कुछ लोगों को बुलाकर पूछताछ भी की है। फैजगंज बेहटा एसओ रामेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी को सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। उससे पूछताछ की जा रही है।
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गांव भवानीपुर निवासी धर्मेंद्र उर्फ बुद्धि (32) पुत्र ओमप्रकाश की शुक्रवार शाम पड़ोस के ही शराब तस्कर राजपाल ने अपने घर में रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी थी। उसने धर्मेंद्र के शव को घर के एक कमरे में छिपा दिया था। शनिवार सुबह धर्मेंद्र के बड़े भाई जुगेंद्र ने उसकी तलाश की। उसका शव राजपाल के घर में मिला। ग्रामीणों ने शराब तस्कर राजपाल को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने थाने लाकर पूछताछ की। उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी गला दबने से मौत की पुष्टि हो गई थी।
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पुलिस ने जुगेंद्र की तहरीर पर शराब तस्कर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन उसे रविवार देर शाम तक जेल नहीं भेजा गया। उसे हवालात में 36 घंटे से बैठाए हैं। जबकि नियमानुसार गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर जेल भेजना होता है।
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परिजनों ने पुलिस पर लगाया आरोप
परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। आरोपी को पकड़ने के 36 घंटे बाद भी उसे जेल नहीं भेजा गया है। आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से वह गांव में शराब बेच रहा था। इस वजह से उसके जरिए पुलिस अन्य लोगों से पूछताछ के नाम पर रुपये वसूलने में जुटी है। इसको लेकर पुलिस ने रविवार को कुछ लोगों को बुलाकर पूछताछ भी की है। फैजगंज बेहटा एसओ रामेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी को सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। उससे पूछताछ की जा रही है।