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Budaun News: 58 करोड़ का टेंडर मात्र एक लाख नौ हजार का दर्शाया

Thu, 02 May 2024 05:04 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Thu, 02 May 2024 05:04 AM IST
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Tender worth Rs 58 crore shown only for one lakh nine thousand
बदायूं। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में खेल कर दिया। 58 करोड़ 13 लाख का टेंडर मात्र एक लाख नौ हजार रुपये में दर्शा दिया गया। इससे ठेकेदार की वित्तीय क्षमता बढ़ जाए। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद अधीक्षण अभियंता ने लिपिक संजीव कुमार को निलंबित और दो ऑउटसोर्सिंग कर्मचारी राम माहेश्वरी, संजय गोयल की संविदा समाप्त कर दी हैं।
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मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर बदायूं से लेकर उसावां तक 36 किलोमीटर तक के चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण के लिए मार्च 2023 में अनुमति मिली। लोक निर्माण विभाग ने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके तहत अप्रैल में टेंडर का प्रकाशन किया गया। जून में टेंडर हुए और फर्म एबी इंंफ्राजोन प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर मिला। फर्म के साथ अनुबंध किया गया। इसके बाद में काम शुरू हो गया। अक्तूबर 2023 में लिपिक संजीव कुमार की आईडी से ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रहरी पोर्टल पर अनुबंध की धनराशि में हेरफेर की गई। इसमें 58 करोड़ 13 लाख 32 हजारा 344 रुपये के काम को एक लाख नौ हजार रुपये दर्शाया गया। इससे प्रहरी पोर्टल पर ठेकेदार की वित्तीय क्षमता बढ़ गई। ठेकेदार दूसरे ठेके लेने के लिए अपनी वित्तीय क्षमता का इस्तेमाल करने का अधिकारी बन गए। शिकायत की जांच के बाद में प्रथम दृष्टाया मामला सही पाए जाने पर बरेली पीडब्ल्यूडी एसई रविदत्त ने जांच व कार्रवाई की। इस मामले में निर्माण खंड के एक्सईएन देवपाल को विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।
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मुरादाबाद में टेंडर डालने के दौरान हुई शिकायत
-मुरादाबाद पीडब्ल्यूडी की ओर से एक काम के लिए टेंडर निकाला गया। इसमें बदायूं से उसावां रोड पर काम करने वाले ठेकेदार ने भी आवेदन किया था। इसकी जानकारी मिलने पर एक व्यक्ति ने जनवरी 2024 में इसकी शिकायत मुरादाबाद में की। वहां से ठेकेदार के खिलाफ जांच शुरू की गई। जो मार्च 2024 के अंत में पूरी हो सकी। इसी बीच संस्था को भी ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इसकी जानकारी बरेली पीडब्ल्यूडी एसई रविदत्त को दी गई। उन्होंने संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। जवाब संतोषजनक न मिलने पर कार्रवाई की गई।
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क्या होती है वित्तीय क्षमता
-किसी भी ठेकेदार की वित्तीय क्षमता को बिड कहते हैं। कार्य करने की वित्तीय क्षमता को इसमें दर्शाया जाता है। उसके आधार पर ठेकेदारों को काम मिलता है। अगर किसी ठेकेदार की (बिड) काम करने की क्षमता 50 लाख रुपये की है। वह किसी जगह पर 40 लाख रुपये का काम ले चुका है तो वह केवल बचे हुए 10 लाख रुपये का ही आगे काम ले सकता है लेकिन कई बार ठेकेदार और कर्मचारी, अधिकारियों से साठगांठ कर हेराफेरी करा लेते हैं। ऐसा ही यह मामला है।
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