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Budaun News: हत्या की कोशिश करने वाले को दस साल का कारावास
Sun, 20 Oct 2024 04:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 20 Oct 2024 04:21 AM IST
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बदायूं। हत्या की कोशिश करने वाले आरोपी को 19 साल बाद दोषी करार देते हुए विशेष न्यायालय की न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट रिंकू जिंदल ने दस साल की सजा व तीन हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव पस्तोर निवासी प्रेम पाल ने 11 अगस्त 2005 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि गांव दियोचरी हजरतपुर निवासी भाई के साले दुर्गपाल को छोड़ने वह अपने भाई के साथ गुलड़िया बस स्टैंड जा रहा था।
अहोरामई तथा गुलड़िया के बीच रास्ते में सड़क किनारे खेत से गांव दियोचरी हज़रतपुर निवासी होराम व महेश निकले और दुर्गपाल को देख कर तमंचा निकाल लिया। दोनों ने फायर किया, गोली के छर्रे दुर्गपाल के मुंह पर लगे। गोली चलाने के बाद दोनों आरोपी मौके से भाग गए।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन कर दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। शनिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर एडीजीसी तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद होराम को सजा सुनाई। वहीं महेश को साल 2013 में ही सजा सुनाई जा चुकी है।
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मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव पस्तोर निवासी प्रेम पाल ने 11 अगस्त 2005 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि गांव दियोचरी हजरतपुर निवासी भाई के साले दुर्गपाल को छोड़ने वह अपने भाई के साथ गुलड़िया बस स्टैंड जा रहा था।
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अहोरामई तथा गुलड़िया के बीच रास्ते में सड़क किनारे खेत से गांव दियोचरी हज़रतपुर निवासी होराम व महेश निकले और दुर्गपाल को देख कर तमंचा निकाल लिया। दोनों ने फायर किया, गोली के छर्रे दुर्गपाल के मुंह पर लगे। गोली चलाने के बाद दोनों आरोपी मौके से भाग गए।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन कर दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। शनिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर एडीजीसी तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद होराम को सजा सुनाई। वहीं महेश को साल 2013 में ही सजा सुनाई जा चुकी है।