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तेलंगाना टीम ने दो गांवों में तैयार की छह प्रशिक्षिकाएं
badaun
Updated Thu, 15 Jan 2015 07:16 PM IST
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) द्वारा गठित समूहों को संचालन की विधा सिखाने के लिए तेलंगाना की अब जल्दी ही चार टीमें बदायूं पहुंचने वाली हैं। इस बार ये टीमें पूरे सालारपुर ब्लाक को संतृत्व करेंगी। इससे पूर्व तेलंगाना की एक टीम आई थी। इसने दो गांवों के समूहों को संतृप्त कर दिया है। छह ऐसी महिलाएं भी निकाली हैं जो आगरा से ट्रेनिंग लेकर प्रशिक्षक बन गई हैं। आगरा में इन्होंने अपनी कार्यकुशला का लोहा मनवा लिया था।
समूह गठन कर स्वरोजगार सृजन किए जाने में बदायूं उन 22 जिलों में शामिल है, जिनमें विशेष अभियान लिए गए हैं। यही वजह है कि तेलंगाना की महिला टीम को यहां विशेष प्रशिक्षण को भेजा गया था। सालारपुर ब्लाक के गांव दुगरैया को संतृत्व किए जाने के बाद तेलंगाना की इस महिला टीम ने कासमपुर गांव के समूहों को भी संचालन का प्रशिक्षण दे दिया है। खुली बैठक में टीम द्वारा उन गरीबों को भी योजना में शामिल किया है जो गरीब तो हैं लेकिन उनका गरीबों की सूची में नाम नहीं है। समूहों के संचालन से लेकर उनको अभिलेखों के बारे में भी पूरी जानकारी दी जा रही है। तेलंगाना टीम का प्रशिक्षण और स्थलीय क्रिया कलाप किसी भी समूह को बेहतर रोजगार के गुर सिखा सकते हैं। तेलंगाना की एक टीम आकर वापस जा चुकी है लेकिन अब चार टीमें एक साथ आएंगी। ये टीमें पूरे सालारपुर ब्लाक को संतृप्त तो करेंगी ही अपनी तरह की कुछ प्रशिक्षिकाएं भी निकालेंगी। दो गांवों में पहली टीम ने जो छह प्रशिक्षिकाएं निकाली थीं, उनकी आगरा प्रशिक्षण में बेहतर प्रस्तुति पर बदायूं का नाम रोशन हुआ था।
ताकि कोई गरीब न रहे, अगली पीढ़ी का इंतजाम
एनआरएलएम गरीब परिवारों के बच्चों को भी रोजगार से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत लीड बैंक पीएनबी ने सर्राफा बाजार में एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट चल रहा है। जिसमें समूह से जुड़े लोगों के बच्चों को सुविधा मिलेगी। इसमें कंप्यूटर ट्रेनिंग, ब्यूटी पार्लर और डेस डिजाइन और कढ़ाई-सिलाई की व्यवसायिक ट्रेनिंग दी जा रही है। एक बैच ट्रेनिंग भी ले चुका है। रोजगारपरक ट्रेनिंग में समूह के गरीब परिवारों से जुड़े 18 से 35 वर्ष तक आयु के सदस्य प्रशिक्षण का प्रावधान है। प्रशिक्षण में प्रति अभ्यर्थी दो सौ रुपये एनआरएलएम की ओर से दिए जाएंगे। पहले सत्र में करीब 700 बच्चों ने ट्रेनिंग पूरी कर ली है। दूसे बैच की तैयारी की जा रही है। इसके संचालन की कमान लीड बैंक पीएनबी को दी गई है।
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एनआरएलएम की मंशा के अनुरूप शुरू योजना में उन सभी बिंदुओं पर काम हो रहा है, जिससे धरातल पर आने वाली समस्याएं समूहों को विघटित न कर सकें। समूह से जुड़े बच्चों को भी स्वरोजगार के लिए ट्रेनिंग एक बड़ा प्रोत्साहन है। तेलंगाना की चार टीमें जल्दी ही यहां आएंगी। कुछ प्रशिक्षिकाएं और तैयार करेंगी ताकि पूरे जिले को संतृप्त किया जा सके।
- आरपी सिंह, उपायुक्त, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
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समूह गठन कर स्वरोजगार सृजन किए जाने में बदायूं उन 22 जिलों में शामिल है, जिनमें विशेष अभियान लिए गए हैं। यही वजह है कि तेलंगाना की महिला टीम को यहां विशेष प्रशिक्षण को भेजा गया था। सालारपुर ब्लाक के गांव दुगरैया को संतृत्व किए जाने के बाद तेलंगाना की इस महिला टीम ने कासमपुर गांव के समूहों को भी संचालन का प्रशिक्षण दे दिया है। खुली बैठक में टीम द्वारा उन गरीबों को भी योजना में शामिल किया है जो गरीब तो हैं लेकिन उनका गरीबों की सूची में नाम नहीं है। समूहों के संचालन से लेकर उनको अभिलेखों के बारे में भी पूरी जानकारी दी जा रही है। तेलंगाना टीम का प्रशिक्षण और स्थलीय क्रिया कलाप किसी भी समूह को बेहतर रोजगार के गुर सिखा सकते हैं। तेलंगाना की एक टीम आकर वापस जा चुकी है लेकिन अब चार टीमें एक साथ आएंगी। ये टीमें पूरे सालारपुर ब्लाक को संतृप्त तो करेंगी ही अपनी तरह की कुछ प्रशिक्षिकाएं भी निकालेंगी। दो गांवों में पहली टीम ने जो छह प्रशिक्षिकाएं निकाली थीं, उनकी आगरा प्रशिक्षण में बेहतर प्रस्तुति पर बदायूं का नाम रोशन हुआ था।
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ताकि कोई गरीब न रहे, अगली पीढ़ी का इंतजाम
एनआरएलएम गरीब परिवारों के बच्चों को भी रोजगार से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत लीड बैंक पीएनबी ने सर्राफा बाजार में एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट चल रहा है। जिसमें समूह से जुड़े लोगों के बच्चों को सुविधा मिलेगी। इसमें कंप्यूटर ट्रेनिंग, ब्यूटी पार्लर और डेस डिजाइन और कढ़ाई-सिलाई की व्यवसायिक ट्रेनिंग दी जा रही है। एक बैच ट्रेनिंग भी ले चुका है। रोजगारपरक ट्रेनिंग में समूह के गरीब परिवारों से जुड़े 18 से 35 वर्ष तक आयु के सदस्य प्रशिक्षण का प्रावधान है। प्रशिक्षण में प्रति अभ्यर्थी दो सौ रुपये एनआरएलएम की ओर से दिए जाएंगे। पहले सत्र में करीब 700 बच्चों ने ट्रेनिंग पूरी कर ली है। दूसे बैच की तैयारी की जा रही है। इसके संचालन की कमान लीड बैंक पीएनबी को दी गई है।
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एनआरएलएम की मंशा के अनुरूप शुरू योजना में उन सभी बिंदुओं पर काम हो रहा है, जिससे धरातल पर आने वाली समस्याएं समूहों को विघटित न कर सकें। समूह से जुड़े बच्चों को भी स्वरोजगार के लिए ट्रेनिंग एक बड़ा प्रोत्साहन है। तेलंगाना की चार टीमें जल्दी ही यहां आएंगी। कुछ प्रशिक्षिकाएं और तैयार करेंगी ताकि पूरे जिले को संतृप्त किया जा सके।
- आरपी सिंह, उपायुक्त, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन