{"_id":"6021927b8ebc3e27e9722ba3","slug":"suside-ex-bsp-leader-badaun-news-bly4365754166","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरवीर की मौत के बाद जागा प्रशासन, भूमि की श्रेणी भी बदली, वरासत भी दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरवीर की मौत के बाद जागा प्रशासन, भूमि की श्रेणी भी बदली, वरासत भी दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं/ सहसवान। तहसील क्षेत्र के गांव रसूलपुर टप्पा डांस निवासी हरवीर की मौत के बाद जागे तहसील प्रशासन ने उसकी पट्टे की जमीन की श्रेणी बदलकर जमीन को संक्रमणीय भूमि घोषित कर दिया है। इसके साथ ही उसकी वरासत भी दर्ज कर दी गई है। मामले में मजिस्ट्रेटियल जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व नरेंद्र बहादुर सिंह कर रहे हैं। हालांकि, अभी मामले से जुड़े पक्षों के बयान दर्ज नहीं हो सके हैं। ऐसे में जांच लंबी खिंचने की अंदेशा जताया जा रहा है।
गांव रसूलपुर टप्पा डांस निवासी हरवीर (35) पुत्र गंगाधर अनुसूचित जाति का था। वह नगर के मोहल्ला सैफुल्लागंज में परिवार के साथ रहता था। हरवीर के नाम वर्ष 2006 में साढ़े दस बीघा जमीन का पट्टा हुआ था। हरवीर काफी समय से पट्टे की इस भूमि को असंक्रमणीय श्रेणी से संक्रमणीय श्रेणी में दर्ज कराने के लिए तहसील के चक्कर लगा रहा था। शनिवार को भी वह इसी सिलसिले में तहसील गया था। यहां उसकी एसडीएम किशोर गुप्त से कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि एसडीएम ने उससे भला बुरा कहा तथा जेल भिजवाने की धमकी दी। इसके बाद हरवीर तहसील से अपने घर चला गया। घर पर विषाक्त पदार्थ का सेवन करने के बाद शाम करीब पांच बजे फिर से तहसील पहुंचा। यहां उसकी हालत बिगड़ गई। जिला अस्पताल से बरेली ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई थी।
हरवीर ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। इसमें अपनी मौत के लिए एसडीएम किशोर गुप्त और कानूनगो ओमकार को जिम्मेदार ठहराया था। हरवीर बसपा से जुड़ा हुआ था। वह बसपा का विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष भी रह चुका था। ऐसे में मामला तूल पकड़ने लगा था। बसपाई लामबंद होने लगे। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। रविवार को डीएम कुमार प्रशांत ने कानूनगो ओमकार को निलंबित कर दिया तथा मामले की मजिस्ट्रेटियल जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व नरेंद्र बहादुर सिंह को सौंप दी। अब, हरवीर की मौत के बाद तहसील प्रशासन ने न सिर्फ उसकी असंक्रमीय भूमि को संक्रमणीय घोषित कर दिया है, बल्कि उसकी वरासत भी दर्ज कर ली गई है। तहसीलदार राम नयन ने बताया कि हरवीर की पट्टे की भूमि को संक्रमणीय श्रेणी में दर्ज कर लिया गया है। उसकी वरासत भी दर्ज कर ली गई है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
इस मामले में जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व कर रहे हैं। कानूनगो को निलंबित किया जा चुका है। नियमानुसार जो भी कार्रवाई है वह की जा रही है। तहसील प्रशासन को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। - कुमार प्रशांत, डीएम
विज्ञापन
गांव रसूलपुर टप्पा डांस निवासी हरवीर (35) पुत्र गंगाधर अनुसूचित जाति का था। वह नगर के मोहल्ला सैफुल्लागंज में परिवार के साथ रहता था। हरवीर के नाम वर्ष 2006 में साढ़े दस बीघा जमीन का पट्टा हुआ था। हरवीर काफी समय से पट्टे की इस भूमि को असंक्रमणीय श्रेणी से संक्रमणीय श्रेणी में दर्ज कराने के लिए तहसील के चक्कर लगा रहा था। शनिवार को भी वह इसी सिलसिले में तहसील गया था। यहां उसकी एसडीएम किशोर गुप्त से कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि एसडीएम ने उससे भला बुरा कहा तथा जेल भिजवाने की धमकी दी। इसके बाद हरवीर तहसील से अपने घर चला गया। घर पर विषाक्त पदार्थ का सेवन करने के बाद शाम करीब पांच बजे फिर से तहसील पहुंचा। यहां उसकी हालत बिगड़ गई। जिला अस्पताल से बरेली ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन
हरवीर ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। इसमें अपनी मौत के लिए एसडीएम किशोर गुप्त और कानूनगो ओमकार को जिम्मेदार ठहराया था। हरवीर बसपा से जुड़ा हुआ था। वह बसपा का विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष भी रह चुका था। ऐसे में मामला तूल पकड़ने लगा था। बसपाई लामबंद होने लगे। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। रविवार को डीएम कुमार प्रशांत ने कानूनगो ओमकार को निलंबित कर दिया तथा मामले की मजिस्ट्रेटियल जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व नरेंद्र बहादुर सिंह को सौंप दी। अब, हरवीर की मौत के बाद तहसील प्रशासन ने न सिर्फ उसकी असंक्रमीय भूमि को संक्रमणीय घोषित कर दिया है, बल्कि उसकी वरासत भी दर्ज कर ली गई है। तहसीलदार राम नयन ने बताया कि हरवीर की पट्टे की भूमि को संक्रमणीय श्रेणी में दर्ज कर लिया गया है। उसकी वरासत भी दर्ज कर ली गई है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
इस मामले में जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व कर रहे हैं। कानूनगो को निलंबित किया जा चुका है। नियमानुसार जो भी कार्रवाई है वह की जा रही है। तहसील प्रशासन को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। - कुमार प्रशांत, डीएम