{"_id":"6a2c57bbff240a4a220656dd","slug":"supreme-court-stays-arrest-of-alapur-chairperson-huma-b-badaun-news-c-123-1-bdn1010-166080-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: अलापुर की चेयरपर्सन हुमा बी की गिरफ्तारी पर सुप्रीम रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: अलापुर की चेयरपर्सन हुमा बी की गिरफ्तारी पर सुप्रीम रोक
विज्ञापन
अलापुर। नगर पंचायत की चेयरपर्सन हुमा बी को छह माह बाद सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। मामले में अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई होगी।
दिसंबर, 2024 को ईओ त्रिवेंद्र कुमार ने चेयरपर्सन व उनके पति फहीमुद्दीन और नगर पंचायत की कार्यालय लिपिक गार्गी गुप्ता के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने फहीमउद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोप था कि नगर पंचायत में ई-निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में कथित छेड़खानी की गई थी।
गौरतलब है कि नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी की ओर से दर्ज कराए मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि ई-निविदा प्रक्रिया के दौरान हस्ताक्षर स्कैन कर तिथियों में फेरबदल कर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई थी। मामले में नगर पंचायत चेयरपर्सन के पति फहीमुद्दीन को कोर्ट जमानत मिल चुकी है।
विज्ञापन
अब चेयरपर्सन हुमा बी की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। चेयरपर्सन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जब भी मामले से जुड़े पुलिस अधिकारी उन्हें पक्ष रखने के लिए बुलाएंगे तो वह विवेचना में पूरा सहयोग करेंगी।
विज्ञापन
दिसंबर, 2024 को ईओ त्रिवेंद्र कुमार ने चेयरपर्सन व उनके पति फहीमुद्दीन और नगर पंचायत की कार्यालय लिपिक गार्गी गुप्ता के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने फहीमउद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोप था कि नगर पंचायत में ई-निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में कथित छेड़खानी की गई थी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी की ओर से दर्ज कराए मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि ई-निविदा प्रक्रिया के दौरान हस्ताक्षर स्कैन कर तिथियों में फेरबदल कर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई थी। मामले में नगर पंचायत चेयरपर्सन के पति फहीमुद्दीन को कोर्ट जमानत मिल चुकी है।
विज्ञापन
अब चेयरपर्सन हुमा बी की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। चेयरपर्सन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जब भी मामले से जुड़े पुलिस अधिकारी उन्हें पक्ष रखने के लिए बुलाएंगे तो वह विवेचना में पूरा सहयोग करेंगी।