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Budaun News: 12 घंटे से 77 गांवों में आपूर्ति ठप, एक लाख लोग परेशान
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संजू ,लभारी
- फोटो : mathura
कादरचौक। 33 केवी लाइन में फाल्ट की वजह से तार टूट गया। इससे बुधवार रात एक बजे से बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। आपूर्ति ठप होने से कस्बा सहित देहात के 77 गांवों के एक लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक महीने में तीसरी बार लाइन में फाल्ट हुआ है।
कादरचौक उपकेंद्र की 33 केवी की लाइन पेडों के बीच गई है। कादरचौक से उझानी की दूरी 18 किमी थी, उस समय की लाइन हवाओं की दिशा के अनुकूल थी। अब शेखूपुर से होकर 26 किमी लंबाई की उझानी तक लाइन डाली गई। इस वजह से पिछले वर्ष एक माह तक बिजली की समस्या बनी है। अब नई लाइन में भी फाल्ट आ रहे हैं। बुधवार रात 33 केवी लाइन में उझानी के पास फाल्ट होने की वजह से तार टूट हो गया। उससे नूरपुर, कादरचौक, ककोड़ा, लवारी, मामूरगंज, ज्योरी नगला सहित 77 गांवों की बिजली ठप हो गई।
कम क्षमता का पैनल नहीं उठा रहा लोड
नूरपुर कृषि एरिया, नूरपुर ग्रामीण व कादरचौक का एक ही फीडर है। इसका पैनल 200 एम्पियर से संचालित है। लोड को देखते हुए क्षमता कम है। फीडर पर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता तो बढ़ा दी गई, लेकिन पैनल क्षमता न बढ़ने से ट्रिपिंग हो जाती है।
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फोटो-19
ककोड़ा गांव के खुशीराम का कहना है कि बिजली उपकेंद्र के लिए 33 केवीए की लाइन डालते समय साइड का सही चयन नहीं हुआ। अधिक लंबी लाइन होने के और पेड़ों की वजह से लाइन अक्सर खराब होती रहती है। विभाग ने ज्यादा दूरी में लंबी लाइन डालकर घोटाला किया है।
फोटो- 18 संजू
लभारी गांव के निवासी संजू का कहना है कि बिजली की समस्या 33 केवी लाइन के कारण बनी रहती है। अक्सर लाइन में फाल्ट होते रहने से आपूर्ति नहीं मिल रही। रोस्टर के हिसाब से बिजली न मिल पाने के कारण फसल सूख रही है। किसान बेहद परेशान हैं।
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आठ घंटा मिल रही बिजली
कादरचौक। असरासी विद्युत उपकेंद्र ओवरलोड होने के कारण अन्य इलाकों में कम बिजली सप्लाई हो रही है। रमजानपुर और खिरिया बाकरपुर को 24 घंटे में मात्र आठ-आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे मक्का व मूंगफली के खेत सूख रहे हैं। बादुल्लागंज को भी आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। यहां लो वोल्टेज की समस्या है। कई बार किसानों ने हंगामा किया है। संवाद
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कादरचौक उपकेंद्र की 33 केवी की लाइन पेडों के बीच गई है। कादरचौक से उझानी की दूरी 18 किमी थी, उस समय की लाइन हवाओं की दिशा के अनुकूल थी। अब शेखूपुर से होकर 26 किमी लंबाई की उझानी तक लाइन डाली गई। इस वजह से पिछले वर्ष एक माह तक बिजली की समस्या बनी है। अब नई लाइन में भी फाल्ट आ रहे हैं। बुधवार रात 33 केवी लाइन में उझानी के पास फाल्ट होने की वजह से तार टूट हो गया। उससे नूरपुर, कादरचौक, ककोड़ा, लवारी, मामूरगंज, ज्योरी नगला सहित 77 गांवों की बिजली ठप हो गई।
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कम क्षमता का पैनल नहीं उठा रहा लोड
नूरपुर कृषि एरिया, नूरपुर ग्रामीण व कादरचौक का एक ही फीडर है। इसका पैनल 200 एम्पियर से संचालित है। लोड को देखते हुए क्षमता कम है। फीडर पर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता तो बढ़ा दी गई, लेकिन पैनल क्षमता न बढ़ने से ट्रिपिंग हो जाती है।
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फोटो-19
ककोड़ा गांव के खुशीराम का कहना है कि बिजली उपकेंद्र के लिए 33 केवीए की लाइन डालते समय साइड का सही चयन नहीं हुआ। अधिक लंबी लाइन होने के और पेड़ों की वजह से लाइन अक्सर खराब होती रहती है। विभाग ने ज्यादा दूरी में लंबी लाइन डालकर घोटाला किया है।
फोटो- 18 संजू
लभारी गांव के निवासी संजू का कहना है कि बिजली की समस्या 33 केवी लाइन के कारण बनी रहती है। अक्सर लाइन में फाल्ट होते रहने से आपूर्ति नहीं मिल रही। रोस्टर के हिसाब से बिजली न मिल पाने के कारण फसल सूख रही है। किसान बेहद परेशान हैं।
आठ घंटा मिल रही बिजली
कादरचौक। असरासी विद्युत उपकेंद्र ओवरलोड होने के कारण अन्य इलाकों में कम बिजली सप्लाई हो रही है। रमजानपुर और खिरिया बाकरपुर को 24 घंटे में मात्र आठ-आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे मक्का व मूंगफली के खेत सूख रहे हैं। बादुल्लागंज को भी आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। यहां लो वोल्टेज की समस्या है। कई बार किसानों ने हंगामा किया है। संवाद

संजू ,लभारी- फोटो : mathura

संजू ,लभारी- फोटो : mathura