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गर्मी में राहत की बारिश

Thu, 05 May 2016 11:30 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Thu, 05 May 2016 11:30 PM IST
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बुधवार की रात हुई हल्की बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। इसके चलते गुरुवार को चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। पारा चार डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया। बारिश ने आम लोगों के साथ ही किसानों को भी राहत पहुंचाई।
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अप्रैल से ही तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा था। पहली मई को पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार गया तो लोग गर्मी से व्याकुल होने लगे। लेकिन तीन मई से मौसम में बदलाव शुरू हुआ। सुबह बादल छाए और रात को भी मौसम नम रहा। चार मई को बारिश ने तो काफी राहत पहुंचाई। हालांकि पानी के साथ आई आंधी ने दर्जनों घरों के चप्पर भी उड़ा। कई जगह बिजली के पोल तिरछे हुए तो शहरों में लगी होर्डिंग धराशायी हो गई। बारिश का जनजीवन पर सकारात्मक असर पहुंचा। एक ही दिन में बाजारों को रौनक बढ़ गई। अभी तक जहां दिन में सन्नाटा पसरा रहता था, वहीं गुरुवार को लोगों ने खरीददारी की।
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खिल गए किसानों के चेहरे
बारिश से किसानों के चेहरे पर भी रौनक आ गई। दबतोरी क्षेत्र में बिजली कटौती होने की वजह से निजी और सरकारी ट्यूबवेलों से सिंचाई न होने से परेशान किसान इस पानी से काफी खुश हुए। जिला उद्यान अधिकारी आरएन वर्मा के अनुसार बारिश तो कम हुई, लेकिन तापमान करीब चार डिग्री सेल्सियस नीचे आया। यह फायदेमंद है। बारिश से आम व सब्जियों की पैदावार में बढ़ोतरी होगी, क्योंकि अधिक तापमान होने पर परागकण अच्छे नहीं बन पाते हैं। पारा गिरने से परागकण क्रिया बेहतर होगी और पैदावार में बढ़ोतरी होगी।
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आंधी में दीवार गिरी, मलबे में दबकर बुजुर्ग की मौत
सिलहरी। बुधवार की रात आई आंधी की वजह से सिविल लाइंस थाने के गांव भरकुइयां में दीवार गिरने से एक बुजुर्ग की जान चली गई। 
रात दो बजे के बाद आंधी आने के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई। भरकुइयां निवासी 60 वर्षीय जगदीश घर के पास बने टीन शेड में सो रहे थे। रात करीब ढाई बजे तेज आंधी की वजह से टीन शेड के ऊपर बनी बाउंड्री ढह गई। इसके मलबे में जगदीश दब गए। दीवार गिरने से धमाका हुआ तो परिवार और पड़ोस के लोग भी जाग गए। आननफानन में मलबा हटाकर जगदीश को निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। गुरुवार को एसडीएम सदर प्रदीप यादव कानूनगो और हलका लेखपाल के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने घटना के बारे में परिवार के लोगों से जानकारी की। एसडीएम ने बताया कि जांच-पड़ताल के बाद मृतक के परिवार वालों को किसान दुर्घटना बीमा का लाभ दिलाया जाएगा। लेखपाल से रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
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