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Budaun News: ककोड़ा मेले की जमीन पर लगा दिया गन्ना और यूकेलिप्टस
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ककोड़ा मेला स्थल पर आने वाली कठिनाइयों पर चर्चा करते जिप के अधिकारी। संवाद
कादरचौक। ककोड़ा मेले की जमीन पर किसानों ने गन्ना और यूकेलिप्टस लगा दिया है। मेले की तैयारियों में यह बाधा बन गए हैं। गन्ना और यूकेलिप्टस काटने के लिए जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी और सहायक अभियंता ने किसानों से बात की। किसानों ने इसे काटने से इन्कार कर दिया है। इससे जिला पंचायत की समस्या बढ़ गई है।
गंगा किनारे ककोड़ा मेला लगेगा। यह मेला गंगा किनारे 1300 मीटर की लंबाई और 1500 मीटर चौड़ाई में बसाया जाएगा। ककोड़ा देवी मंदिर से 14 किलोमीटर के अर्ध व्यास में गंगा के तट पर मेला स्थल माना जाएगा। मेला के समय जहां भी गंगा की उपयुक्त धारा होगी, वहां मेला लगेगा। दशकों से मेला कासगंज की भूमि पर ही लग रहा है। यह जमीन भी भूमिधर नहीं है। पिछले वर्ष भी इसी जगह पर मेला लगा था। इस बार किसानों ने मेला के करीब 100 बीघे क्षेत्र में गन्ना लगा दिया है। साथ ही कई बीघे में यूकेलिप्टस लगा दिया है। शनिवार को जिला पंचायत के सहायक अभियंता पवर कुमार पहुंचे और किसानों से बात की। फिलहाल किसान काटने को तैयार नहीं है।
इसके अलावा कच्ची सड़कें बनाने का काम शुरू हो चुका है। मुख्य सड़कों को चौड़ी करने का काम किया जा रहा है। दीपावली के बाद टेंट का सामान आ जाएगा।
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वर्जन--
- कुछ किसानों ने मेले की जमीन पर गन्ना लगा दिया है। यह पट्टे की जमीन है। मेला स्थल में आने वाली फसलें हटवाया जाना जरूरी है। इसके लिए किसानों को समझाया जा रहा है। किसानों ने इस बार जान-बूझकर यूकेलिप्टस के पेड़ लगा दिए हैं, हालांकि गजट के अनुसार मेला स्थल को खाली कराना होता है। - पवन कुमार गोयल, एई, जिला पंचायत, बदायूं।
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गंगा किनारे ककोड़ा मेला लगेगा। यह मेला गंगा किनारे 1300 मीटर की लंबाई और 1500 मीटर चौड़ाई में बसाया जाएगा। ककोड़ा देवी मंदिर से 14 किलोमीटर के अर्ध व्यास में गंगा के तट पर मेला स्थल माना जाएगा। मेला के समय जहां भी गंगा की उपयुक्त धारा होगी, वहां मेला लगेगा। दशकों से मेला कासगंज की भूमि पर ही लग रहा है। यह जमीन भी भूमिधर नहीं है। पिछले वर्ष भी इसी जगह पर मेला लगा था। इस बार किसानों ने मेला के करीब 100 बीघे क्षेत्र में गन्ना लगा दिया है। साथ ही कई बीघे में यूकेलिप्टस लगा दिया है। शनिवार को जिला पंचायत के सहायक अभियंता पवर कुमार पहुंचे और किसानों से बात की। फिलहाल किसान काटने को तैयार नहीं है।
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इसके अलावा कच्ची सड़कें बनाने का काम शुरू हो चुका है। मुख्य सड़कों को चौड़ी करने का काम किया जा रहा है। दीपावली के बाद टेंट का सामान आ जाएगा।
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वर्जन
- कुछ किसानों ने मेले की जमीन पर गन्ना लगा दिया है। यह पट्टे की जमीन है। मेला स्थल में आने वाली फसलें हटवाया जाना जरूरी है। इसके लिए किसानों को समझाया जा रहा है। किसानों ने इस बार जान-बूझकर यूकेलिप्टस के पेड़ लगा दिए हैं, हालांकि गजट के अनुसार मेला स्थल को खाली कराना होता है। - पवन कुमार गोयल, एई, जिला पंचायत, बदायूं।
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