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Budaun News: युवाओं में तनाव बना रहा अल्जाइमर का रोगी

Sat, 21 Sep 2024 04:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2024 04:10 AM IST
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Stress among youth is causing Alzheimer's patients
डॉ.एसएम कमल, फिजी​शियन।
बदायूं। बदलते खानपान और युवाओं में बढ़ते तनाव के चलते अल्जाइमर (भूल जाना) बीमारी अब युवाओं को भी अपने आगोश में ले रही है। आज से 15 साल पहले तक 60 साल से अधिक आयु वाले बुजुर्गों को यह बीमारी होती थी, लेकिन अब 35 साल तक के युवा इसकी चपेट में हैं। चिकित्सक कहते हैं कि बीमारी बिल्कुल ठीक करना तो बेहद मुश्किल है, सिर्फ दवा लेकर इसे बढ़ने से रोका जा सकता है। बदायूं जिला अस्पताल में भी इस बीमारी के संबंधित एक-दो लोग प्रत्येक माह पहुंच जाते हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के चलते उन्हें रेफर कर दिया जाता है।
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मानसिक क्रियाओं को नष्ट करने वाली अल्जाइमर बीमारी दिमाग की कोशिकाएं कमजोर कर देती है। उनका एक-दूसरे से जुड़ाव खत्म हो जाता है। इसी वजह से याददाश्त और दिमाग की काम करने की क्षमता कम हो जाती है। यह बीमारी पहले 60 साल से अधिक आयु वाले लोगों को हुआ करती थी, लेकिन अब युवाओं का खानपान और तनाव उन्हें इसका रोगी बना रहा है।
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बीमारी का जिला अस्पताल में कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। प्रत्येक माह एक-दो मरीज आ जाते हैं, लेकिन कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के चलते मरीजों को यहां से रेफर कर दिया जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि अब तक इस बीमारी से ग्रसित कोई युवा मरीज नहीं आया है। चार साल पहले एक 40 साल की आयु वाला व्यक्ति जरूर आया था।
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सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने बताया कि आज से 15 साल पहले यह बीमारी किसी युवा को नहीं होती थी, लेकिन हमने चार-पांच साल पहले एक मरीज अल्जाइमर बीमारी का देखा था, जिसकी आयु लगभग 40 साल थी। यह भी चिंता का विषय है।




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अल्जाइमर होने पर क्या करें
पहले यह बीमारी बहुत ही अधिक आयु वाले लोगों को होती थी, लेकिन अब कम आयु वाले लोगों को भी होने लगी है। अगर किसी को अल्जाइमर बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं तो सबसे पहले न्यूरोलॉजिस्ट चिकित्सक को दिखाएं। लगातार दवाई लेते रहे। तनाव बिल्कुल नहीं लें। -
डॉ. एसएम कमल, फिजीशियन, जिला अस्पताल बदायूं
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