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आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान, दिक्कतें बढ़ीं
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2016 11:39 PM IST
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आंधी
- फोटो : अमर उजाला
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चोक नालों से शहर में गलियों-सड़कों पर जलभराव, निकलना मुश्किल
मक्का को छोड़ अन्य सभी फसलों को बारिश से फायदा
शनिवार की रात एक साथ कई मुसीबतें लेकर आई। पहले तेज आंधी आई, कुछ देर बाद ओले गिरे लेकिन बाद में ओले और बारिश का दौर चला। अकस्मात मौसम के तेबर बिगड़ने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
चोक नालों की वजह से शहर में जलभराव ने बड़े-बड़े तालाबों की शक्ल ले ली। गलियों-सड़कों पर पानी भर गया। लोगों को निकलना भी मुश्किल हो गया। देहात क्षेत्रों में मौसम का पूरा असर हुआ। मक्का की फसल छोड़कर अन्य सभी फसलों को बारिश से फायदा हुआ है।
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इन मोहल्लों में रहा सवार्धिक जलभराव
शनिवार रात को हुई बारिश से शहर के अधिकांश मोहल्लों में जलभराव की स्थिति रही। बारिश से शहर के मोहल्ला, पनवडिय़ा, पटियाली सराय, सुभाष चौक, चौबे मोहल्ला, शहवाजपुर, टिकटगंज, ब्राह्मपुर, जवाहरपुरी, जोगीपुरा, बरेली मथुरा हाइवे पर कई स्थानों पर जमकर जलभराव हुआ।
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अब बिजली सप्लाई दुरुस्त कर लें
बदायूं। आंधी के साथ बारिश होने की वजह से कई स्थानों पर बिजली के पोल उखड़ गए, तो तमाम स्थानों पर तार टूट गए। इससे न सिर्फ रात भर बिजली सप्लाई बाधित रही, बल्कि दोपहर बाद ही कुछ मोहल्लों में बिजली सप्लाई शुरू की जा सकी। इसके लिए सुबह से ही बिजली विभाग के कर्मचारी तारों को जोड़ते हुए नजर आए।
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आओ लकड़ी और चारा इकट्ठा करें
बदायूं। रात को आंधी चलने के साथ बारिश होने से तमाम पेड़ उखड़ गए थे। सुबह जब बारिश बंद हुई तो तमाम पशु पालकों और गरीब समुदाय के लोगों ने आंधी में गिरे पेड़ की टहनियों और पत्तियों को एकत्रित कर ले जाने लगे। उन लोगों के इस कार्य से न सिर्फ जानवरों का पेट भरा, बल्कि लकड़ियों का इंतजाम भी हो गया।
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दैनिक कार्यों में भी हुई परेशानी
शनिवार को रात में बारिश होने की वजह से दोपहर 12 बजे के करीब बिजली सप्लाई शुरू हो सकी, जिससे तमाम लोगों के यहां पानी भी खत्म हो गया। इससे लोगों को दैनिक कार्यों में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार का अवकाश होने की वजह से सरकारी एवं निजी कर्मचारियों को कार्यालय में जाने की जल्दबाजी नहीं रही।
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नुमाइश तहस-नहस, लाखों का नुकसान
मई और जून के अवकाश में शहरियों और बच्चों का मनोरंजन करने के लिए गांधी ग्राउंड में लगी नुमाइश आंधी के साथ हुई बारिश से तहस-नहस हो गई। बारिश की वजह से गांधी ग्राउंड में जलभराव हो गया। नुमाइश में लगी दुकानें उड़ गई, उनके टेंट फट गए। काफी सामान दूर जा गिरा और बारिश में भीगने की वजह से काफी माल का नुकसान हो गया। वहीं फास्टफूड सेंटरों पर खाने-पीने के सामान का भारी नुकसान गया।
शनिवार रात को आंधी शुरू होने पर ही झूले संचालकों ने झूलों को बंद कर दिया था। इसके बाद अन्य दुकानदारों ने भी दुकानों को समेटना शुरू कर दिया, लेकिन यकायक बारिश होने के साथ तेज आंधी आने पर दुकानों को सामान पैक करने का वक्त भी नहीं मिला। तेज आंधी की वजह से कई टेंट फट गए तो कई तो उखड़कर दूर जा गिरे। बाकी काम बारिश ने कर दिया। बारिश की वजह से सामान भीगकर बर्बाद हो गया। दुकानदारों के मुताबिक उन लोगों का लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
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तेज आंधी में झूलों से लगा डर
शनिवार को तेज आंधी चलने की वजह से झूले बिना चलाए ही तेजी से घूम रहे थे। तेज आंधी और बारिश में गांधी ग्राउंड में फंसे दर्शकों की धड़कन झूलों को तेजी से हिलता देखकर बढ़ी हुई नजर आई। हालांकि बारिश की वजह से झूलों का कोई खास नुकसान नहीं हुआ।
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मक्का को छोड़कर अन्य सभी फसलों को फायदा
बदायूं। आंधी तूफान के साथ हुई बारिश हुई बारिश से मक्का को छोड़कर अन्य सभी फसलों को काफी फायदा हुआ। इस बारिश से फसलों की रुकी हुई पैदावार तेजी के साथ होगी। इस बारे में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अर्जुन सिंह ने बताया कि बारिश से तो अधिकांश फसलों को फायदा हुआ है, लेकिन ओलावृष्टि और तूफान से नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान तूफान की वजह से तैयार खड़ी अगैती मक्का फसल को हुआ है, क्योंकि तैयार फसल गिर गईं है।
ओलावृष्टि से लतावर्गीय फसलों को मामूली नुकसान हुआ है, लेकिन उससे अधिक बारिश से फायदा पहुंचाया। बारिश से गन्ने और मेंथा को फायदा हुआ है।, तूफान से मेंथा छोटा होने की वजह से नुकसान होने से बच गया। तूफान की वजह से आम काफी गिर गया, लेकिन बारिश होने से आम की पैदावार काफी बढ़ जाएगी।
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मक्का को छोड़ अन्य सभी फसलों को बारिश से फायदा
शनिवार की रात एक साथ कई मुसीबतें लेकर आई। पहले तेज आंधी आई, कुछ देर बाद ओले गिरे लेकिन बाद में ओले और बारिश का दौर चला। अकस्मात मौसम के तेबर बिगड़ने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
चोक नालों की वजह से शहर में जलभराव ने बड़े-बड़े तालाबों की शक्ल ले ली। गलियों-सड़कों पर पानी भर गया। लोगों को निकलना भी मुश्किल हो गया। देहात क्षेत्रों में मौसम का पूरा असर हुआ। मक्का की फसल छोड़कर अन्य सभी फसलों को बारिश से फायदा हुआ है।
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इन मोहल्लों में रहा सवार्धिक जलभराव
शनिवार रात को हुई बारिश से शहर के अधिकांश मोहल्लों में जलभराव की स्थिति रही। बारिश से शहर के मोहल्ला, पनवडिय़ा, पटियाली सराय, सुभाष चौक, चौबे मोहल्ला, शहवाजपुर, टिकटगंज, ब्राह्मपुर, जवाहरपुरी, जोगीपुरा, बरेली मथुरा हाइवे पर कई स्थानों पर जमकर जलभराव हुआ।
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अब बिजली सप्लाई दुरुस्त कर लें
बदायूं। आंधी के साथ बारिश होने की वजह से कई स्थानों पर बिजली के पोल उखड़ गए, तो तमाम स्थानों पर तार टूट गए। इससे न सिर्फ रात भर बिजली सप्लाई बाधित रही, बल्कि दोपहर बाद ही कुछ मोहल्लों में बिजली सप्लाई शुरू की जा सकी। इसके लिए सुबह से ही बिजली विभाग के कर्मचारी तारों को जोड़ते हुए नजर आए।
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आओ लकड़ी और चारा इकट्ठा करें
बदायूं। रात को आंधी चलने के साथ बारिश होने से तमाम पेड़ उखड़ गए थे। सुबह जब बारिश बंद हुई तो तमाम पशु पालकों और गरीब समुदाय के लोगों ने आंधी में गिरे पेड़ की टहनियों और पत्तियों को एकत्रित कर ले जाने लगे। उन लोगों के इस कार्य से न सिर्फ जानवरों का पेट भरा, बल्कि लकड़ियों का इंतजाम भी हो गया।
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दैनिक कार्यों में भी हुई परेशानी
शनिवार को रात में बारिश होने की वजह से दोपहर 12 बजे के करीब बिजली सप्लाई शुरू हो सकी, जिससे तमाम लोगों के यहां पानी भी खत्म हो गया। इससे लोगों को दैनिक कार्यों में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार का अवकाश होने की वजह से सरकारी एवं निजी कर्मचारियों को कार्यालय में जाने की जल्दबाजी नहीं रही।
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नुमाइश तहस-नहस, लाखों का नुकसान
मई और जून के अवकाश में शहरियों और बच्चों का मनोरंजन करने के लिए गांधी ग्राउंड में लगी नुमाइश आंधी के साथ हुई बारिश से तहस-नहस हो गई। बारिश की वजह से गांधी ग्राउंड में जलभराव हो गया। नुमाइश में लगी दुकानें उड़ गई, उनके टेंट फट गए। काफी सामान दूर जा गिरा और बारिश में भीगने की वजह से काफी माल का नुकसान हो गया। वहीं फास्टफूड सेंटरों पर खाने-पीने के सामान का भारी नुकसान गया।
शनिवार रात को आंधी शुरू होने पर ही झूले संचालकों ने झूलों को बंद कर दिया था। इसके बाद अन्य दुकानदारों ने भी दुकानों को समेटना शुरू कर दिया, लेकिन यकायक बारिश होने के साथ तेज आंधी आने पर दुकानों को सामान पैक करने का वक्त भी नहीं मिला। तेज आंधी की वजह से कई टेंट फट गए तो कई तो उखड़कर दूर जा गिरे। बाकी काम बारिश ने कर दिया। बारिश की वजह से सामान भीगकर बर्बाद हो गया। दुकानदारों के मुताबिक उन लोगों का लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
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तेज आंधी में झूलों से लगा डर
शनिवार को तेज आंधी चलने की वजह से झूले बिना चलाए ही तेजी से घूम रहे थे। तेज आंधी और बारिश में गांधी ग्राउंड में फंसे दर्शकों की धड़कन झूलों को तेजी से हिलता देखकर बढ़ी हुई नजर आई। हालांकि बारिश की वजह से झूलों का कोई खास नुकसान नहीं हुआ।
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मक्का को छोड़कर अन्य सभी फसलों को फायदा
बदायूं। आंधी तूफान के साथ हुई बारिश हुई बारिश से मक्का को छोड़कर अन्य सभी फसलों को काफी फायदा हुआ। इस बारिश से फसलों की रुकी हुई पैदावार तेजी के साथ होगी। इस बारे में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अर्जुन सिंह ने बताया कि बारिश से तो अधिकांश फसलों को फायदा हुआ है, लेकिन ओलावृष्टि और तूफान से नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान तूफान की वजह से तैयार खड़ी अगैती मक्का फसल को हुआ है, क्योंकि तैयार फसल गिर गईं है।
ओलावृष्टि से लतावर्गीय फसलों को मामूली नुकसान हुआ है, लेकिन उससे अधिक बारिश से फायदा पहुंचाया। बारिश से गन्ने और मेंथा को फायदा हुआ है।, तूफान से मेंथा छोटा होने की वजह से नुकसान होने से बच गया। तूफान की वजह से आम काफी गिर गया, लेकिन बारिश होने से आम की पैदावार काफी बढ़ जाएगी।