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Budaun News: उद्योग-धंधों से जुड़ी योजनाओं की स्थिति खराब, 1450 आवेदन निरस्त
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बदायूं। जिले में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजनाओं की स्थिति बेहद खराब है। खराब सिविल, कागजात अधूरे होने और ऋण की रकम वापस न मिलने की आशंका जताते हुए 17 बैंकों ने 1450 युवाओं के आवेदन निरस्त किए हैं। योजनाओं में बड़ी संख्या में आवेदनों के निरस्त होने से उद्योग विभाग से लेकर जिला प्रशासन भी चिंतित है। अब 28 अक्तूबर को होने वाली जिला उद्याेग बंधु की बैठक में निरस्त हुए आवेदनों पर चर्चा होगी।
जिला उद्योग केंद्र कार्यालय के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री युवा स्व रोजगार योजना में 173 युवाओं ने आवेदन किए। इसमें 105 निरस्त हो गए। एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना में 113 आवेदन हुए, इसमें 106 निरस्त हो गए। वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 1741 युवाओं ने आवेदन किए। इनमें से जांच पड़ताल के बाद 1239 युवाओं के आवेदन निरस्त कर दिए गए।
आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 62 आवेदकों की फाइलों को बैंकों ने मंजूरी दी। 50 लोगों को ऋण आवंटित किया गया। 112.53 लाख रुपये वितरित किए थे। एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना में महज सात आवेदकों को ही 17 लाख रुपये आवंटित किए गए। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 475 आवेदकों को ही ऋण वितरण पत्र आवंटित किए हैं।
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डीएम के निर्देशों का बैंकों पर नहीं दिख रहा असर
29 सितंबर को कलक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु की बैठक हुई थी। बैठक के संबंध में 6 अक्तूबर को डीएम, उपायुक्त उद्योग की ओर से जारी हुए कार्यवृत्त के अनुसार बैठक में तीनों योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हुई। इसमें डीएम अवनीश राय ने अग्रणी जिला प्रबंधक और बैंकों के सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश दिए कि शाखा प्रबंधक को निर्देशित करें कि बिना उचित कारण के आवेदन निरस्त न करें। प्रत्येक योजना में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति नहीं हो रही है। पीएनबी के लंबित और रिजेक्ट आवेदनों पर विस्तार से चर्चा की। बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त पर डीएम ने नाराजगी जताई थी।
आवेदन निरस्त पर एसएलबीसी को भेजी गई चिट्ठी
उद्योग विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में एसबीआई ने 749, पीएनबी ने 439, बॉब ने 134, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने 237 आवेदनों को निरस्त किया है। इसमें एसबीआई ने आवेदन निरस्त करने का कारण स्पष्ट नहीं किया है। डीएम ने बैंकोंं को बिना किसी ठोस कारण आवेदन निरस्त करने के संबंध में उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए कि एसएलबीसी (राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति) को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के संबंध में पत्र लिखें, ताकि बैंक यह स्पष्ट कर सकें कि आवेदन किस वजह से निरस्त किए गए हैं। उपायुक्त उद्योग सौरभ जैन ने बताया कि आवेदनों के निरस्त करने के संबंध में मुख्यालय को पत्र भेजा है।
तीनों योजनाओं में आए आवेदनों के निरस्त होने के संबंध में बैठकों में भी चर्चा हुई थी। बैंकों ने ज्यादातर आवेदन निरस्त किए हैं, इसका ठोस कारण बैठकों में भी स्पष्ट नहीं किया है। डीएम के निर्देश पर मुख्यालय को भी अवगत कराते हुए चिट्ठी लिखी गई है। - सचिन जैन, उपायुक्त उद्योग बदायूं
पिछली जिला उद्योग बंधु की बैठक में सभी बैंकों को रिजेक्ट किए आवेदनों को रि-कॉल करने के निर्देश दिए गए थे। बैंकों के आवेदन निरस्त करने को लेकर डीजी संस्थागत वित्त को भी पत्र लिखा गया है। बैंकों ने रिजेक्ट आवेदनों में कितना सुधार किया है, इसकी जानकारी 28 अक्तूबर को होने वाली बैठक में मिलेगी। - अवनीश राय, डीएम बदायूं
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जिला उद्योग केंद्र कार्यालय के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री युवा स्व रोजगार योजना में 173 युवाओं ने आवेदन किए। इसमें 105 निरस्त हो गए। एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना में 113 आवेदन हुए, इसमें 106 निरस्त हो गए। वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 1741 युवाओं ने आवेदन किए। इनमें से जांच पड़ताल के बाद 1239 युवाओं के आवेदन निरस्त कर दिए गए।
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आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 62 आवेदकों की फाइलों को बैंकों ने मंजूरी दी। 50 लोगों को ऋण आवंटित किया गया। 112.53 लाख रुपये वितरित किए थे। एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना में महज सात आवेदकों को ही 17 लाख रुपये आवंटित किए गए। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 475 आवेदकों को ही ऋण वितरण पत्र आवंटित किए हैं।
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डीएम के निर्देशों का बैंकों पर नहीं दिख रहा असर
29 सितंबर को कलक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु की बैठक हुई थी। बैठक के संबंध में 6 अक्तूबर को डीएम, उपायुक्त उद्योग की ओर से जारी हुए कार्यवृत्त के अनुसार बैठक में तीनों योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हुई। इसमें डीएम अवनीश राय ने अग्रणी जिला प्रबंधक और बैंकों के सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश दिए कि शाखा प्रबंधक को निर्देशित करें कि बिना उचित कारण के आवेदन निरस्त न करें। प्रत्येक योजना में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति नहीं हो रही है। पीएनबी के लंबित और रिजेक्ट आवेदनों पर विस्तार से चर्चा की। बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त पर डीएम ने नाराजगी जताई थी।
आवेदन निरस्त पर एसएलबीसी को भेजी गई चिट्ठी
उद्योग विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में एसबीआई ने 749, पीएनबी ने 439, बॉब ने 134, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने 237 आवेदनों को निरस्त किया है। इसमें एसबीआई ने आवेदन निरस्त करने का कारण स्पष्ट नहीं किया है। डीएम ने बैंकोंं को बिना किसी ठोस कारण आवेदन निरस्त करने के संबंध में उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए कि एसएलबीसी (राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति) को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के संबंध में पत्र लिखें, ताकि बैंक यह स्पष्ट कर सकें कि आवेदन किस वजह से निरस्त किए गए हैं। उपायुक्त उद्योग सौरभ जैन ने बताया कि आवेदनों के निरस्त करने के संबंध में मुख्यालय को पत्र भेजा है।
तीनों योजनाओं में आए आवेदनों के निरस्त होने के संबंध में बैठकों में भी चर्चा हुई थी। बैंकों ने ज्यादातर आवेदन निरस्त किए हैं, इसका ठोस कारण बैठकों में भी स्पष्ट नहीं किया है। डीएम के निर्देश पर मुख्यालय को भी अवगत कराते हुए चिट्ठी लिखी गई है। - सचिन जैन, उपायुक्त उद्योग बदायूं
पिछली जिला उद्योग बंधु की बैठक में सभी बैंकों को रिजेक्ट किए आवेदनों को रि-कॉल करने के निर्देश दिए गए थे। बैंकों के आवेदन निरस्त करने को लेकर डीजी संस्थागत वित्त को भी पत्र लिखा गया है। बैंकों ने रिजेक्ट आवेदनों में कितना सुधार किया है, इसकी जानकारी 28 अक्तूबर को होने वाली बैठक में मिलेगी। - अवनीश राय, डीएम बदायूं