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छात्राएं अभी से करें छोटी-छोटी बचत, भविष्य की राह होगी आसान
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कार्यक्रम में उपस्थित छात्राएं। संवाद
- फोटो : BADAUN
बिल्सी। भूदेवी वार्ष्णेय इंटर कॉलेज में छात्राओं को बैंकिंग सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया। कहा गया कि छात्राएं अभी से छोटी-छोटी बचत शुरू करें ताकि भविष्य में आने वाले आर्थिक संकट से आसानी से बचा जा सकें। इसके लिए वे बैंक में अपना बचत खाता जरूर खुलवाएं।
अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक जीआर वर्मा ने छात्राओं को बैंक सेवाओं के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि भारत हो या विदेश, जब उच्च शिक्षा की बात आती है तो ज्यादातर लोगों को धन की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में सबसे अच्छा विकल्प एजुकेशन ऋण होता है, जिन्हें बैंक आसानी से छात्राओं को उपलब्ध करा देती है। इससे छात्राओं को आगे की शिक्षा ग्रहण करने में कोई परेशानी नहीं होती है।
डिजिटल होने के साथ साइबर क्राइम से रहें सावधान
कॉलेज के डिप्टी मैनेजर दिनेश कुमार गुप्ता ने छात्राओं को डिजिटल बैंकिंग और परंपरागत बैंकिंग में अंतर बताते हुए कहा कि डिजिटल बैंकिंग को इंटरनेट के जरिये ऑनलाइन ऑपरेट किया जाता है। अकाउंट खुलवाना, पैसे निकालना और जमा करना, किसी को पेमेंट करना, किसी से पेमेंट प्राप्त करना, डिमांड ड्राफ्ट बनवाना सब कुछ ऑनलाइन होता है। पर, छात्राओं को डिजिटल होने के साथ-साथ साइबर अपराध से सावधान भी रहना होगा। इस दौरान प्रधानाचार्य पीके शर्मा, राजेंद्र कुमार शर्मा, गीता रानी, प्रदीप सक्सेना, संजीव माथुर, विवेक कुमार आदि मौजूद रहे। संचालन सुनील कुमार सिंह ने किया।
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अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक जीआर वर्मा ने छात्राओं को बैंक सेवाओं के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि भारत हो या विदेश, जब उच्च शिक्षा की बात आती है तो ज्यादातर लोगों को धन की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में सबसे अच्छा विकल्प एजुकेशन ऋण होता है, जिन्हें बैंक आसानी से छात्राओं को उपलब्ध करा देती है। इससे छात्राओं को आगे की शिक्षा ग्रहण करने में कोई परेशानी नहीं होती है।
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डिजिटल होने के साथ साइबर क्राइम से रहें सावधान
कॉलेज के डिप्टी मैनेजर दिनेश कुमार गुप्ता ने छात्राओं को डिजिटल बैंकिंग और परंपरागत बैंकिंग में अंतर बताते हुए कहा कि डिजिटल बैंकिंग को इंटरनेट के जरिये ऑनलाइन ऑपरेट किया जाता है। अकाउंट खुलवाना, पैसे निकालना और जमा करना, किसी को पेमेंट करना, किसी से पेमेंट प्राप्त करना, डिमांड ड्राफ्ट बनवाना सब कुछ ऑनलाइन होता है। पर, छात्राओं को डिजिटल होने के साथ-साथ साइबर अपराध से सावधान भी रहना होगा। इस दौरान प्रधानाचार्य पीके शर्मा, राजेंद्र कुमार शर्मा, गीता रानी, प्रदीप सक्सेना, संजीव माथुर, विवेक कुमार आदि मौजूद रहे। संचालन सुनील कुमार सिंह ने किया।

बिल्सी के भूदेवी वार्ष्णेय इंटर कॉलेज में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को बैंकिंग के - फोटो : BADAUN
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