फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Standards gave shelved The 23 schools recognized

मानकों को ताख पर रख दे दी गई 23 विद्यालयों को मान्यता

Fri, 01 Jul 2016 11:07 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Fri, 01 Jul 2016 11:07 PM IST
विज्ञापन
किसी सक्षम अधिकारी ने भौतिक सत्यापन की जरूरत नहीं समझी
विज्ञापन

न कक्ष हैं,न प्रयोगशाला और न खेल का मैदान, फिर कैसे दे दी मान्यता?

 माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत आने वाले 23 ऐसे विद्यालयों को शासन ने मान्यता प्रदान कर दी जो निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। शासन स्तर पर जब इसकी शिकायतें हुईं, तो ऐसे विद्यालयों की जांच पड़ताल की गई। ऐसे में सामने आया है कि बिना भौतिक सत्यापन के मान्यता संबंधी औपचारिकताएं पूर्ण कर फाइल को शासन भेज दी गई। ऐसे में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की भी भूमिका संदिग्ध हो गई है। हालांकि चंद दिनों पहले यहां आए डीआईओएस का कहना है कि अभी उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है, यदि ऐसा मामला है तो उसकी बारीकी से जांच पड़ताल कराई जाएगी।
हर गली-मोहल्ले में स्कूल नजर आते हैं। इन स्कूलों के बोर्ड पर शासन द्वारा मान्यता प्रदान किए जाने का उल्लेख भी होता है। भले ही इन स्कूलों ने मान्यता लेने के लिए जरूरी औपचारिकताएं-मानकों को पूरा नहीं किया हो। चूंकि सब कुछ सेटिंग से होता है, इसलिए स्कूल के संचालक किसी तरह का सिरदर्द भी नहीं रखते हैं। मानकों को पूरा किए बगैर ही मान्यता हासिल कर लेते हैं। हालांकि मान्यता प्राप्त करने के लिए बहुत सारी औपचारिकताएं पूर्ण करनी होती हैं। जब अमर उजाला टीम ने औपचारिकताएं पूरी करने के बारे में पड़ताल की तो अधिकांश स्कूलों में मानक पूरे नहीं पाए गए। कहीं निर्माण चल रहा था, कहीं मैदान नहीं था। कहीं-कहीं तो फर्नीचर की व्यवस्था तक नहीं थी।
विज्ञापन

----
इंटर की मान्यता के लिए ये हैं औपचारिकताएं
1-इंटरमीडिएट के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड के मानकों का पालन हो
2-लोक निर्माण विभाग की एनओसी
3-विद्यालय के लिए पंजीकृत सोसाइटी के नाम 1600 वर्ग मीटर ग्रामीण क्षेत्र में बैनामा
4-विद्यालय के लिए 20वाई 25 के 23 कमरे और बरामदे
5-विज्ञान के लिए 20वाई 30 की तीन प्रयोगशालाएं
6-पुस्तकालय कक्ष
7-खेल का मैदान
8-अग्नि सुरक्षा के मानक में फायर सिस्टम लगा होना
9-विद्यालय से प्राइमरी स्कूल संबंद्ध न हो
------
हाईस्कूल संबंधी ये हैं औपचारिकताएं-
1-हाईस्कूल के लिए नेशनल बिल्डिग कोड के मानकों का पालन हो
2-लोक निर्माण विभाग की एनओसी
3-विद्यालय के लिए पंजीकृत सोसाइटी के नाम 1600 वर्ग मीटर ग्रामीण क्षेत्र में बैनामा
4-विद्यालय के लिए 20वाई 25 के 14 कमरे और बरामदे
5-विज्ञान के लिए 20 वाई 30 की तीन प्रयोगशालाएं
6-पुस्तकालय कक्ष
7-खेल का मैदान
8-अग्नि सुरक्षा के मानक में फायर सिस्टम लगा होना
9-विद्यालय से प्राइमरी स्कूल संबंद्ध न हो
-----
इन विद्यालयों को मिली है मान्यता
0 एनआर इंटर कॉलेज, वजीरगंज
0एमएस इंटर कॉलेज, रियोनाई
0 पोप सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रेमनगर, बिल्सी
0 गौस ए मोहम्मद हायर सेकेंड्री स्कूल, बदायूं
0 न्यू लिटिल स्टार पब्लिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उझानी
0 रानी अंवतीबाई लोधी कन्या इंटर कॉलेज, लहरा लाडपुर
0 बतसून नमीउद्दीन मेमोरियल कन्या इंटर कॉलेज, रमजानपुर
0 शांतिस्वरूप मेमोरियल इंटर कॉलेज, जरीफनगर
0 राधिका देवी इंटर कॉलेज, खरखोली खुर्द
0 हाजी मुख्तार हायर सेकेंड्री स्कूल, ककराला
0 अयोध्या देवी इंटर कॉलेज, मंदारी
0 सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बिसौली
0 आरबी इंटर कॉलेज, वजीरगंज
0 पंडित दीनदयाल उपाध्याय सत्यवती मेमोरियल इंटर कॉलेज, दिलवारी दातागंज
0सोमशंकर आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मोहम्मददीनगर
0 कुंवरनाथ लक्ष्मी देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पापड़
0 गौतम बुद्ध उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लभारी
0 कलावती शिक्षा निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उपरैला
0 श्रीमती अमृता देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, धर्मपुर उझानी
0 रामेश्वर प्रसाद इंटर कॉलेज, भटपुरा बिसौली
0 अहमद हसन हायर सेकेंड्री स्कूल, उसहैत
0 श्री गढ़ी बाबा मुन्ना लाल मेमोरियल इंटर कॉलेज, कादरचौक
0 नारायण भट्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मुड़िया धुरेकी
-----
इस जीओ से दी जा सकती है बिना जांच पड़ताल के मान्यता
बदायूं। एक विभागीय अधिकारी ने बताया कि जीओ 9-4 के तहत माध्यमिक कैबिनेट मंत्री को अधिकार है कि वह किसी भी विद्यालय को मानकों के पूरा न करने के बाद भी मान्यता प्रदान कर सकते हैं। बताया कि यह जीओ पांच साल से अमल में नहीं लाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
कुछ समय पहले ही मैंने बदायूं में कार्यभार ग्रहण किया है। ऐसे विद्यालयों के बारे में उन्हें अभी कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ है, तो वह उन विद्यालयों के पूरी जांच पड़ताल भौतिक सत्यापन के जरिए कराएंगे। जिस स्तर से कमी की गई है, वैसी ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -राकेश कुमार, डीआईओएस, बदायूं
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed