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संगठन की शक्ति से ही समाज सुरक्षित : आचार्य आनंद ब्रह्मचारी
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कार्यक्रम में उपस्थित हरिद्वार से पधारे आचार्य आनंद ब्रह्मचारी। संवाद
बिल्सी। गोरक्षा संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व हरिद्वार से आए आचार्य आनंद ब्रह्मचारी ने कहा कि कलियुग में संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति है। इसका मूल स्रोत गाय है। उन्होंने हिंदू समाज से आह्वान किया कि वह गो पालन अपनाकर स्वयं को स्वस्थ और सशक्त बनाएं। वह रविवार की रात नगर के नारायन ग्रीन हाउस में ब्राह्मण समाज द्वारा परशुराम जन्मोत्सव पर आयोजित सहभोज कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शास्त्रों में भी उल्लेख है कि कलियुग में संगठन ही सुरक्षा का आधार है। यदि समाज संगठित और मजबूत होगा तो कोई भी उसकी ओर आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं कर सकेगा। आचार्य ने कहा कि एक अरब से अधिक आबादी होने के बावजूद हिंदू समाज को अपनी शक्ति का एहसास नहीं है। समाज के प्रत्येक घटक को सशक्त बनाने के लिए गो पालन अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ और मजबूत व्यक्तियों से बना संगठन ही सुदृढ़ राष्ट्र की नींव रखता है। उन्होंने एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि गांव से लेकर शहर तक यदि समाज संगठित रहेगा तो कोई भी उसके खिलाफ कुछ कहने या करने का साहस नहीं जुटा पाएगा। एकजुटता ही भारत को पुनः विश्व गुरु बना सकती है। इससे पहले यहां अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। संचालन शिक्षक दिवाकर मिश्रा ने किया। इस मौके पर पंडित गोरेलाल शर्मा, रजनीश शर्मा, शैलेष पाठक, लवकुमार शर्मा, ललितेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि शास्त्रों में भी उल्लेख है कि कलियुग में संगठन ही सुरक्षा का आधार है। यदि समाज संगठित और मजबूत होगा तो कोई भी उसकी ओर आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं कर सकेगा। आचार्य ने कहा कि एक अरब से अधिक आबादी होने के बावजूद हिंदू समाज को अपनी शक्ति का एहसास नहीं है। समाज के प्रत्येक घटक को सशक्त बनाने के लिए गो पालन अत्यंत आवश्यक है।
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उन्होंने कहा कि स्वस्थ और मजबूत व्यक्तियों से बना संगठन ही सुदृढ़ राष्ट्र की नींव रखता है। उन्होंने एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि गांव से लेकर शहर तक यदि समाज संगठित रहेगा तो कोई भी उसके खिलाफ कुछ कहने या करने का साहस नहीं जुटा पाएगा। एकजुटता ही भारत को पुनः विश्व गुरु बना सकती है। इससे पहले यहां अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। संचालन शिक्षक दिवाकर मिश्रा ने किया। इस मौके पर पंडित गोरेलाल शर्मा, रजनीश शर्मा, शैलेष पाठक, लवकुमार शर्मा, ललितेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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