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अब तक डेढ़ फीसदी धान ही खरीद सका एसएफसी
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 27 Nov 2016 11:21 PM IST
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57 दिनों में 10 फीसदी धान की नहीं हो सकी खरीद
नेकॉफ और यूपीएसएस के सात धान क्रय केंद्र घटाए
सरकारी धान क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं होने की वजह से जहां शासन से लगातार लक्ष्य घटाए जा रहे हैं। बावजूद इसके धान क्रय एजेंसियां खरीद नहीं कर रही हैं। इससे फिलहाल लक्ष्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि एसएफसी जैसी एजेंसियों ने घटे हुए लक्ष्य का डेढ़ फीसदी धान 57 दिनों में खरीद पाया है, जबकि अब शेष 64 दिनों में 98.5 फीसदी धान खरीद बड़ी चुनौती साबित होगा, जो पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। इसलिए जिला प्रशासन को इसमें समय रहते हस्तक्षेप करके धान क्रय पर ध्यान देना होगा।
जिले को जहां पहले एक लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया। खरीद न होने पर उसे घटाकर 40720 मीट्रिक टन कर दिया गया था। साथ ही नेकॉफ और यूपीएसएस के सात धान क्रय केंद्रों को खरीद से हटा दिया गया गया था। उम्मीद की जा रही थी 22 धान क्रय केंद्रों पर्याप्त खरीद हो जाएगी, लेकिन धान क्रय एजेंसियां अब भी इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं। इनमें एसएफसी सबसे फिसड्डी है और एफसीआई एवं पीसीएफ ने तो दहाई फीसदी का आंकड़ा भी नहीं छुआ। यूपी एग्रो भी महज 14 फीसदी धान खरीद सका, जबकि विपणन विभाग ने खरीद में तेजी से काम करते हुए 35 फीसदी का आंकड़ा छू लिया है, लेकिन इसे भी संतोषजनक खरीद नहीं माना जा सकता है। खरीद की यही गति रही तो शासन को फिर से लक्ष्य घटाने को मजबूर होना पड़ेगा। कम खरीद करने वाली क्रय एजेंसियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो धान खरीद का लक्ष्य पूरा होना महज सपना बनकर रह जाएगा।
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विभागों के नाम खरीद फीसदी केंद्र
1. विपणन विभाग 3457 एमटी 35.0 6
2. पीसीएफ 418 एमटी 7.5 9
3. यूपी एग्रो 1395 एमटी 14.0 3
4. एसएफसी 185 एमटी 1.5 2
5. एफसीआई 299 एमटी 9.0 2
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कुल 5758 एमटी 14 22
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कम खरीद करने वाली धान क्रय एजेंसियों को निर्देशित किया जा चुका है कि वे लोग धान खरीद में तेजी लाएं। इस संबंध में विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है।
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-संतोष यादव, जिला विपणन अधिकारी
नेकॉफ और यूपीएसएस के सात धान क्रय केंद्र घटाए
सरकारी धान क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं होने की वजह से जहां शासन से लगातार लक्ष्य घटाए जा रहे हैं। बावजूद इसके धान क्रय एजेंसियां खरीद नहीं कर रही हैं। इससे फिलहाल लक्ष्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि एसएफसी जैसी एजेंसियों ने घटे हुए लक्ष्य का डेढ़ फीसदी धान 57 दिनों में खरीद पाया है, जबकि अब शेष 64 दिनों में 98.5 फीसदी धान खरीद बड़ी चुनौती साबित होगा, जो पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। इसलिए जिला प्रशासन को इसमें समय रहते हस्तक्षेप करके धान क्रय पर ध्यान देना होगा।
जिले को जहां पहले एक लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया। खरीद न होने पर उसे घटाकर 40720 मीट्रिक टन कर दिया गया था। साथ ही नेकॉफ और यूपीएसएस के सात धान क्रय केंद्रों को खरीद से हटा दिया गया गया था। उम्मीद की जा रही थी 22 धान क्रय केंद्रों पर्याप्त खरीद हो जाएगी, लेकिन धान क्रय एजेंसियां अब भी इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं। इनमें एसएफसी सबसे फिसड्डी है और एफसीआई एवं पीसीएफ ने तो दहाई फीसदी का आंकड़ा भी नहीं छुआ। यूपी एग्रो भी महज 14 फीसदी धान खरीद सका, जबकि विपणन विभाग ने खरीद में तेजी से काम करते हुए 35 फीसदी का आंकड़ा छू लिया है, लेकिन इसे भी संतोषजनक खरीद नहीं माना जा सकता है। खरीद की यही गति रही तो शासन को फिर से लक्ष्य घटाने को मजबूर होना पड़ेगा। कम खरीद करने वाली क्रय एजेंसियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो धान खरीद का लक्ष्य पूरा होना महज सपना बनकर रह जाएगा।
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विभागों के नाम खरीद फीसदी केंद्र
1. विपणन विभाग 3457 एमटी 35.0 6
2. पीसीएफ 418 एमटी 7.5 9
3. यूपी एग्रो 1395 एमटी 14.0 3
4. एसएफसी 185 एमटी 1.5 2
5. एफसीआई 299 एमटी 9.0 2
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कुल 5758 एमटी 14 22
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कम खरीद करने वाली धान क्रय एजेंसियों को निर्देशित किया जा चुका है कि वे लोग धान खरीद में तेजी लाएं। इस संबंध में विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है।
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-संतोष यादव, जिला विपणन अधिकारी