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Budaun News: गैस एजेंसियों पर नहीं मिल रहा छोटा सिलिंडर, कामगार परेशान
Sat, 04 Apr 2026 12:05 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 04 Apr 2026 12:05 AM IST
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ठेले पर लगा हुआ छोटा सिलिंडर। संवाद
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बदायूं। पांच किलो वाला गैस सिलिंडर एक अप्रैल से 51 रुपये महंगा हो गया है। इसके साथ ही इस सिलिंडर की आपूर्ति भी एजेंसियों की ओर से नहीं की जा रही है। इससे ठेले-खोमचों का काम करने वाले और मजदूरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पांच किलो वाला सिलिंडर का उपयोग ज्यादातर मजदूर और ठेले खोमचे वाले करते हैं। यह सिलिंडर बिना किसी बुकिंग से आसानी से मिल जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बिना लंबी बुकिंग प्रक्रिया या एड्रेस प्रूफ के भी खरीदा जा सकता है। एक अप्रैल से इस सिलिंडर में भी 51 रुपये बढ़ गए हैं। इस सिलिंडर को भी एजेंसियों की ओर से वितरित नहीं किया जा रहा है। इसके कारण लोगों को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है।
चाट, टिक्की का काम करने वाले राम खिलाड़ी ने बताया कि पहले छोटा सिलिंडर आसानी से मिल जाता था। अब गैस एजेंसियों की ओर से यह सिलिंडर नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण बड़ी मुश्किल से दो सौ रुपये किलो की गैस डलवाकर काम कर रहा हूं। फास्ट फूड बेचने वाले मदन ने बताया कि वह छोटे सिलिंडर का उपयोग करते हैं। इसे लाने और ले जाने में दिक्कत नहीं होती है। लेकिन, गैस की कमी कारण दोगुने रुपये में गैस डलवाकर काम कर रहा हूं। ऐसी स्थिति मजदूरों के साथ भी हो रही है।
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छोटे सिलिंडर डिमांड के हिसाब से दिए जा रहे हैं, अगर कोई प्रवासी मजदूर या ठेले वाले अपनी डिमांड भेजेंगे तो उन्हें सिलिंडर मुहैया कराया जाएगा।
- सतीश कुमार मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी
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पांच किलो वाला सिलिंडर का उपयोग ज्यादातर मजदूर और ठेले खोमचे वाले करते हैं। यह सिलिंडर बिना किसी बुकिंग से आसानी से मिल जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बिना लंबी बुकिंग प्रक्रिया या एड्रेस प्रूफ के भी खरीदा जा सकता है। एक अप्रैल से इस सिलिंडर में भी 51 रुपये बढ़ गए हैं। इस सिलिंडर को भी एजेंसियों की ओर से वितरित नहीं किया जा रहा है। इसके कारण लोगों को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है।
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चाट, टिक्की का काम करने वाले राम खिलाड़ी ने बताया कि पहले छोटा सिलिंडर आसानी से मिल जाता था। अब गैस एजेंसियों की ओर से यह सिलिंडर नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण बड़ी मुश्किल से दो सौ रुपये किलो की गैस डलवाकर काम कर रहा हूं। फास्ट फूड बेचने वाले मदन ने बताया कि वह छोटे सिलिंडर का उपयोग करते हैं। इसे लाने और ले जाने में दिक्कत नहीं होती है। लेकिन, गैस की कमी कारण दोगुने रुपये में गैस डलवाकर काम कर रहा हूं। ऐसी स्थिति मजदूरों के साथ भी हो रही है।
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छोटे सिलिंडर डिमांड के हिसाब से दिए जा रहे हैं, अगर कोई प्रवासी मजदूर या ठेले वाले अपनी डिमांड भेजेंगे तो उन्हें सिलिंडर मुहैया कराया जाएगा।
- सतीश कुमार मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी