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Budaun News: बनकोटा की गोशाला में 27 दिन में छह पशुओं की मौत
Mon, 17 Jun 2024 04:58 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 17 Jun 2024 04:58 AM IST
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बनकोटा गोशाला में सूखा भूसा खाते गोवंश। संवाद
वजीरगंज। ग्राम पंचायत बनकोटा स्थित गोशाला में गोवंश दम तोड़ रहे हैं। रविवार को भी पेट फूलने से गाय की तड़प-तड़प कर जान चली गई। बीते सात दिन में दो गायों की मौत हो चुकी है, जबकि 27 दिन में गोशाला में 65 में से सिर्फ 59 गोवंश ही बचे हैं।
बीते करीब डेढ़ वर्ष पूर्व चर्चा में आई बनकोटा गोशाला में भूख से कई गोवंश मर गए थे। अब एक बार फिर से गोवंशों के मरने का सिलसिला शुरू हो गया है। यहां खाने में सिर्फ सूखा भूसा दिया जा रहा है,जिसके चलते गर्मी में कई गोवंश दम तोड़ चुके हैं।
ताजा मामला रविवार को उस समय देखने को मिला जब एक गाय ने तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। ग्रामीणों के अनुसार गाय पिछले चार दिनों से बीमार थी, उसका उपचार नहीं कराया गया। शनिवार को उसका पेट फूल गया। जिम्मेदार उसे देखने तक नही पहुंचे, दोपहर करीब तीन बजे उसने दम तोड़ दिया। सात दिन पहले भी भूख से एक गाय मर गई उसे चुपचाप गड्ढा खोदकर दवा दिया गया।
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खंड विकास अधिकारी अखिलेश चौबे ने बताया कि मामले की जांच कराएंगे तथा गोवंशों के लिए हरे चारे का भी प्रबंध कराया जाएगा।
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बीते करीब डेढ़ वर्ष पूर्व चर्चा में आई बनकोटा गोशाला में भूख से कई गोवंश मर गए थे। अब एक बार फिर से गोवंशों के मरने का सिलसिला शुरू हो गया है। यहां खाने में सिर्फ सूखा भूसा दिया जा रहा है,जिसके चलते गर्मी में कई गोवंश दम तोड़ चुके हैं।
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ताजा मामला रविवार को उस समय देखने को मिला जब एक गाय ने तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। ग्रामीणों के अनुसार गाय पिछले चार दिनों से बीमार थी, उसका उपचार नहीं कराया गया। शनिवार को उसका पेट फूल गया। जिम्मेदार उसे देखने तक नही पहुंचे, दोपहर करीब तीन बजे उसने दम तोड़ दिया। सात दिन पहले भी भूख से एक गाय मर गई उसे चुपचाप गड्ढा खोदकर दवा दिया गया।
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खंड विकास अधिकारी अखिलेश चौबे ने बताया कि मामले की जांच कराएंगे तथा गोवंशों के लिए हरे चारे का भी प्रबंध कराया जाएगा।