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Budaun News: शिवलिंग और नंदी को जमीन में दबाया
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मझिया के सूर्यकुंड पर शिवलिंग और नंदी की प्रतिमा को निकालकर गंगा जल से पवित्र करते बीएचपी के प
बदायूं। सिविल लाइंस के दातागंज मार्ग पर रेलवे क्राॅसिंग के पास एक मंदिर में शिवलिंग व नंदी को कुछ खुराफाती तत्वों ने जमीन के नीचे दबा दिया। पिछले कई दिनों से मंदिर पर कुछ लोग रह रहे थे। उन्होंने पहले मंदिर की पहचान मिटाने का प्रयास किया। बाद में मंदिर के अंदर शिवलिंग और नंदी को मिट्टी में दबा दिया। हिंदू संगठनों के नेताओं ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया तो पुलिस एक्शन में आई। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, शिवलिंग और नंदी को स्थापित कराया। तब जाकर मामला शांत हुआ।
दातागंज रेलवे क्राॅसिंग के पास में सम्राट अशोक बुद्ध पर्यटन स्थल है। यहां पर तीन मंदिर हैं। पिछले कुछ दिनों से इस पर्यटन स्थल में कुछ लोग रह रहे थे। उन्होंने सबसे पहले एक मंदिर की दीवार पर बुद्ध बिहार लिखा। बाद में एक शिवलिंग और नंदी को मिट्टी में दबा दिया। साथ ही मंदिर की दीवार पर डॉ. भीमराव आंबेडकर का पोस्टर भी लगा दिया।
इस मामले की जानकारी शनिवार की सुबह विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ता को हुई तो वह एकत्र होकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मौके पर जाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद भी मंदिर में रह रहे लोग वहां से नहीं गए। हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने मौके से पूरनलाल, रामकुमार, मथुरा प्रसाद और आनंद को हिरासत में ले लिया। इसके बाद मिट्टी में दबे शिवलिंग और नंदी को बाहर निकाला और पानी से साफ करके दोबारा स्थापित किया। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष नीरज रस्तोगी, जिला मठ मंदिर प्रमुख राजीव जौहरी, हरिओम पाठक, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
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पर्यटन स्थल की 84 बीघा जमीन को कब्जाने का प्रयास
पर्यटन स्थल की 84 बीघा जमीन है। बताते हैं कि मंदिर पर कब्जा करने के बाद चारों लोग पर्यटन स्थल की 84 बीघा जमीन को कब्जाने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले ही हंगामा हो गया।
पहले भी हुआ विरोध, लेकिन पुलिस तक नहीं पहुंचा मामला
जब बौद्ध धर्म के लोगों ने मंदिर की दीवारों पर बुद्ध बिहार लिखते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर का फोटो लगाया तो मंदिर पर जाने वाले भक्तों ने विरोध किया था। तब किसी ने पुलिस से शिकायत नहीं की। अब पिछले कुछ दिनों से मंदिर का शिवलिंग न दिखने पर यहां आने वाले श्रद्धालु असमंजस में पड़ गए कि शिवलिंग व नंदी कहां गए। हिंदू संगठन के लोग जब मौके पर पहुंचे तो पता चला कि इन्हें जमीन में दबा दिया गया है।
मंदिर से बौद्ध धर्म के लोगों को भगा दिया गया है। चार लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई करते हुए पांच-पांच लाख के निजी मुचलकों से पाबंद किया गया है।
- मनोज कुमार, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस
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दातागंज रेलवे क्राॅसिंग के पास में सम्राट अशोक बुद्ध पर्यटन स्थल है। यहां पर तीन मंदिर हैं। पिछले कुछ दिनों से इस पर्यटन स्थल में कुछ लोग रह रहे थे। उन्होंने सबसे पहले एक मंदिर की दीवार पर बुद्ध बिहार लिखा। बाद में एक शिवलिंग और नंदी को मिट्टी में दबा दिया। साथ ही मंदिर की दीवार पर डॉ. भीमराव आंबेडकर का पोस्टर भी लगा दिया।
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इस मामले की जानकारी शनिवार की सुबह विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ता को हुई तो वह एकत्र होकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मौके पर जाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद भी मंदिर में रह रहे लोग वहां से नहीं गए। हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने मौके से पूरनलाल, रामकुमार, मथुरा प्रसाद और आनंद को हिरासत में ले लिया। इसके बाद मिट्टी में दबे शिवलिंग और नंदी को बाहर निकाला और पानी से साफ करके दोबारा स्थापित किया। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष नीरज रस्तोगी, जिला मठ मंदिर प्रमुख राजीव जौहरी, हरिओम पाठक, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
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पर्यटन स्थल की 84 बीघा जमीन को कब्जाने का प्रयास
पर्यटन स्थल की 84 बीघा जमीन है। बताते हैं कि मंदिर पर कब्जा करने के बाद चारों लोग पर्यटन स्थल की 84 बीघा जमीन को कब्जाने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले ही हंगामा हो गया।
पहले भी हुआ विरोध, लेकिन पुलिस तक नहीं पहुंचा मामला
जब बौद्ध धर्म के लोगों ने मंदिर की दीवारों पर बुद्ध बिहार लिखते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर का फोटो लगाया तो मंदिर पर जाने वाले भक्तों ने विरोध किया था। तब किसी ने पुलिस से शिकायत नहीं की। अब पिछले कुछ दिनों से मंदिर का शिवलिंग न दिखने पर यहां आने वाले श्रद्धालु असमंजस में पड़ गए कि शिवलिंग व नंदी कहां गए। हिंदू संगठन के लोग जब मौके पर पहुंचे तो पता चला कि इन्हें जमीन में दबा दिया गया है।
मंदिर से बौद्ध धर्म के लोगों को भगा दिया गया है। चार लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई करते हुए पांच-पांच लाख के निजी मुचलकों से पाबंद किया गया है।
- मनोज कुमार, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस