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शरद पूर्णिमा पर गंगाघाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब
ब्यूरो/बदायूं
Updated Sun, 16 Oct 2016 11:41 PM IST
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शरद पूर्णिमा पर गंगाघाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब
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कछला गंगाघाट रविवार को आस्था से सराबोर हो गया। लाखों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने जीवनदायनी में स्नान कर पूजा-अर्चना की। बच्चों के मुंडन संस्कार कराए गए। घाट पर हर-हर गंगे की गूंज के बीच आस्था के कई नजारे देखने को मिले। सर्वाधिक भीड़ प्रमुख घाटों पर रही। मेला में महिलाओं ने सामान की खरीददारी की तो बच्चों ने मनोरंजन के संसाधनों का लुत्फ उठाया।
शरद पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। सुबह में हालांकि भीड़भाड़ कोई ज्यादा नहीं रही लेकिन पूर्वाह्न में श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले साल का भी रिकार्ड तोड़ दिया। घाटों पर हर-हर गंगे की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। कासगंज वाले के छोर वाले घाट पर खासी भीड़ रही। भीड़ अधिक होने की वजह से कई नये घाट भी अस्तित्व में आ गए। दोनों पुल के आसपास श्रद्धालुओं को गहराई में जाने से रोकने के लिए पुलिस का भी पहरा रहा।
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाट पर ही धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए। बच्चों के मुंडन संस्कार कराके उनके घरवालों ने प्रसाद वितरित किया। साधुओं को भी भोजन कराया गया। घाट के समीप ही लगे मेला के मीना बाजार में महिलाओं ने सौंदर्य और घरेलू सामान की खरीददारी की। बच्चों ने मनोरंजन के संसाधनों का लुत्फ उठाया। दोपहर बाद तक घाटों और आसपास के इलाके में हर कोई आस्था से सराबोर नजर आया। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस बार दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
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अव्यवस्थाओं से परेशान दिखीं महिलाएं
उझानी। कछला गंगाघाट पर पहले के मुकाबले महिलाओं को सुविधाओं में प्रशासन गंभी नहीं दिखा। अधिक भीड़ जुटने के अनुमान के बीच नगर पंचायत प्रशासन ने महिला श्रद्धालुओं को कपड़े बदलने के लिए अस्थाई इंतजाम भी नहीं कराए। हालांकि एसडीएम सदर जंगबहादुर सिंह राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे लेकिन महिलाओं की परेशानी से उन्हें भी रूबरू होना पड़ा।
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शरद पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। सुबह में हालांकि भीड़भाड़ कोई ज्यादा नहीं रही लेकिन पूर्वाह्न में श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले साल का भी रिकार्ड तोड़ दिया। घाटों पर हर-हर गंगे की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। कासगंज वाले के छोर वाले घाट पर खासी भीड़ रही। भीड़ अधिक होने की वजह से कई नये घाट भी अस्तित्व में आ गए। दोनों पुल के आसपास श्रद्धालुओं को गहराई में जाने से रोकने के लिए पुलिस का भी पहरा रहा।
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गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाट पर ही धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए। बच्चों के मुंडन संस्कार कराके उनके घरवालों ने प्रसाद वितरित किया। साधुओं को भी भोजन कराया गया। घाट के समीप ही लगे मेला के मीना बाजार में महिलाओं ने सौंदर्य और घरेलू सामान की खरीददारी की। बच्चों ने मनोरंजन के संसाधनों का लुत्फ उठाया। दोपहर बाद तक घाटों और आसपास के इलाके में हर कोई आस्था से सराबोर नजर आया। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस बार दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
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अव्यवस्थाओं से परेशान दिखीं महिलाएं
उझानी। कछला गंगाघाट पर पहले के मुकाबले महिलाओं को सुविधाओं में प्रशासन गंभी नहीं दिखा। अधिक भीड़ जुटने के अनुमान के बीच नगर पंचायत प्रशासन ने महिला श्रद्धालुओं को कपड़े बदलने के लिए अस्थाई इंतजाम भी नहीं कराए। हालांकि एसडीएम सदर जंगबहादुर सिंह राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे लेकिन महिलाओं की परेशानी से उन्हें भी रूबरू होना पड़ा।