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Budaun News: माध्यमिक स्कूलों में बनेंगे शक्ति मंच, बालिकाओं की सुरक्षा पर होगा फोकस
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बदायूं। नए शैक्षणिक सत्र से जिले के माध्यमिक विद्यालयों में बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत शक्ति मंच का गठन किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से मिले निर्देशों के अनुसार हर विद्यालय में यह मंच सक्रिय रूप से कार्य करेगा। इसकी नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में छात्र-छात्राओं की भागीदारी हो इसके लिए शिक्षकों को निर्देशित किया गया है, ताकि वे सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रख सकें।
बैठकों के दौरान छात्र-छात्राएं लेखन, वाद-विवाद, चित्रकला, नाटक, गीत, कहानी लेखन और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता, शिक्षा, आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य सिर्फ बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देना नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना भी है।
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मंच के माध्यम से छात्राओं को उनके अधिकारों, हेल्पलाइन नंबरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। विद्यालयों में शिक्षकों की देखरेख में इन मंचों का संचालन होगा। समय-समय पर विशेष कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। डीआईओएस लालजी यादव का कहना है कि इस पहल से स्कूलों में सुरक्षित और सकारात्मक माहौल बनेगा। छात्राओं को अपनी प्रतिभा निखारने और समस्याओं को साझा करने का बेहतर मंच मिलेगा।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से मिले निर्देशों के अनुसार हर विद्यालय में यह मंच सक्रिय रूप से कार्य करेगा। इसकी नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में छात्र-छात्राओं की भागीदारी हो इसके लिए शिक्षकों को निर्देशित किया गया है, ताकि वे सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रख सकें।
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बैठकों के दौरान छात्र-छात्राएं लेखन, वाद-विवाद, चित्रकला, नाटक, गीत, कहानी लेखन और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता, शिक्षा, आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य सिर्फ बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देना नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना भी है।
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मंच के माध्यम से छात्राओं को उनके अधिकारों, हेल्पलाइन नंबरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। विद्यालयों में शिक्षकों की देखरेख में इन मंचों का संचालन होगा। समय-समय पर विशेष कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। डीआईओएस लालजी यादव का कहना है कि इस पहल से स्कूलों में सुरक्षित और सकारात्मक माहौल बनेगा। छात्राओं को अपनी प्रतिभा निखारने और समस्याओं को साझा करने का बेहतर मंच मिलेगा।