बदायूं में बुखार का प्रकोप: 11 गांवों में फैली बीमारी, अब तक 636 लोग मलेरिया और 34 डेंगू से पीड़ित मिले
बदायूं जिले में एक माह के संचारी रोग नियंत्रण अभियान के बावजूद 11 गांवों में बुखार का प्रकोप फैल गया है। अब तक 636 मलेरिया और 34 डेंगू के मामले सामने आए हैं। एक डेंगू और तीन बुखार से मौतें हुई हैं। ग्रामीणों ने गंदगी और सफाई न होने की शिकायत की है।
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बदायूं जिले में करीब एक माह संचारी रोग नियंत्रण अभियान गांव-गांव चलाकर लाखों रुपये खर्च किए गए, बावजूद इसके 11 गांवों में संक्रमण फैल गया। मीरापुर, बीबीपुर, नैथू, रसूलपुर, नझियाई, रैपुरा, फकीराबाद, जमालपुर, बमनौसी, घनघोसी और पसरिया नगला गांव में लोग बुखार से तप रहे हैं। इन गांवों में अब तक 636 मलेरिया और 34 लोग डेंगू से पॉजिटिव मिल चुके हैं। अब तक एक डेंगू तो तीन की जान बुखार से जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव कैंप कर रही हैं, बावजूद इसके मरीज झोलाछाप और निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं।
12 विभागों को मिली जिम्मेदारी, फिर हालात बदतर
संचारी रोग नियंत्रण अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अलावा पंचायती राज, कृषि, शिक्षा, सूचना एवं जनसंपर्क समेत 12 विभागों को जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन गांवों में हालात इसके उलट हैं। ग्रामीण रामदीन, जुनैद, मोहम्मद फैजल, श्याम सिंह और धर्मेंद्र का कहना है कि गलियों और आबादी के आसपास जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। नालियां गंदगी से अटी हैं। कई स्थानों पर पानी जमा है। लंबे समय से सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़ रहा है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। शाम होते ही मच्छर इतने बढ़ जाते हैं कि घरों में बैठना मुश्किल हो जाता है। मलेरिया और जिला पंचायती राज विभाग भी खानापूर्ति में सफाई व फॉगिंग करा रहे हैं।
मीरापुर में एक और नैथू में पांच डेंगू के मरीज मिले, कई बुखार पीड़ित
मंगलवार को मीरापुर में एक और नैथू गांव में पांच मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले। दोनों गांवों में काफी संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। बावजूद इसके कई गांवों में स्वास्थ्य विभाग की नियमित जांच और निगरानी नहीं हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि किसी गांव में बीमारी गंभीर होने या मौत का मामला सामने आने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय होती है।
मीरापुर में एक और मरीज डेंगू पॉजिटिव
मीरापुर में लगातार डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। बावजूद इसके बीमारी पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को यहां एक और मरीज की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई। इससे पहले भी गांव में आठ डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच के लिए शिविर लगाए, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि बुखार के मरीजों की संख्या के मुकाबले जांच का दायरा पर्याप्त नहीं है। नैथू गांव की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। यहां मंगलवार को पांच मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले।
गांव में पहले से ही बुखार का प्रकोप है। दो किशोरियों की मौत के बाद गांव में बीमारी को लेकर दहशत और बढ़ गई है। इन मौतों का कारण डेंगू ही था, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीण सोहन, मोनू, रोहित, रामदीन का कहना है कि कई लोग शहर के निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। कुछ गांव में झोलाछाप से दवा ले रहे हैं। हाल यह है कि कई लोग तो पैथोलॉजी सेंटरों में जांच व उपचार करा रहे हैं।
सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि गांवों में लगातार शिविर लगाए जा रहे हैं, संदिग्धों की जांच कराई जा रही है। जो भी मलेरिया, डेंगू पॉजिटिव मिलते हैं। उनका इलाज किया जा रहा है। जिले में डेंगू, मलेरिया से कोई भी मौत नहीं हुई है।