{"_id":"69839c873c53aeaa480d019d","slug":"shab-e-barat-was-celebrated-with-devotion-in-bilsi-badaun-news-c-123-1-sbly1006-156538-2026-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: बिल्सी में अकीदत के साथ मनाई गई शब-ए-बरात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: बिल्सी में अकीदत के साथ मनाई गई शब-ए-बरात
विज्ञापन
बिल्सी में कोठी वाली मजिस्द में शब-ए-बारात मनाते लोग। संवाद
बिल्सी। नगर में मंगलवार की रात शब-ए-बरात अकीदत और हर्षोल्लास से मनाई गई। मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिदों में रात भर अल्लाह की इबादत की और देश में अमन-शांति व खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं।
कोठी वाली मस्जिद के इमाम मौलाना शाह मोहम्मद ने बताया कि शब-ए-बरात की रात बेहद बरकतों वाली होती है। इस रात की गई इबादत और सच्चे मन से मांगी गई दुआएं अल्लाह जरूर कबूल करते हैं। इस अवसर पर मस्जिदों और कब्रिस्तानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। लोगों ने कब्रिस्तानों पर पहुंचकर फातिहा पढ़ी और अपने पूर्वजों को याद किया।
मोहल्ला संख्या आठ स्थित कब्रिस्तान पर रिजवान मलिक द्वारा खीर का लंगर आयोजित किया गया। वहीं ईदगाह कब्रिस्तान में भी भव्य सजावट की गई, जहां देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहा। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना असरारुल हक ने बताया कि इस रात इंसान के कर्मों का हिसाब होता है, इसलिए लोग गुनाहों से तौबा कर अल्लाह से माफी मांगते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोठी वाली मस्जिद के इमाम मौलाना शाह मोहम्मद ने बताया कि शब-ए-बरात की रात बेहद बरकतों वाली होती है। इस रात की गई इबादत और सच्चे मन से मांगी गई दुआएं अल्लाह जरूर कबूल करते हैं। इस अवसर पर मस्जिदों और कब्रिस्तानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। लोगों ने कब्रिस्तानों पर पहुंचकर फातिहा पढ़ी और अपने पूर्वजों को याद किया।
विज्ञापन
मोहल्ला संख्या आठ स्थित कब्रिस्तान पर रिजवान मलिक द्वारा खीर का लंगर आयोजित किया गया। वहीं ईदगाह कब्रिस्तान में भी भव्य सजावट की गई, जहां देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहा। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना असरारुल हक ने बताया कि इस रात इंसान के कर्मों का हिसाब होता है, इसलिए लोग गुनाहों से तौबा कर अल्लाह से माफी मांगते हैं।
विज्ञापन