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Budaun News: जानलेवा हमले के दोषी को सात साल कैद की सजा
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बदायूं। 15 साल पुराने मामले में न्यायालय एडीजी गैंगस्टर एक्ट के न्यायाधीश अखिलेश गुप्ता ने गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी मानते हुए यादराम निवासी मितरोली थाना इस्लामनगर को सात साल कैद की सजा सुनाई है। वहीं दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
घटना थाना इस्लामनगर क्षेत्र के गांव मितरोली में 31 अक्तूबर 2008 को सामने आई थी। गांव निवासी यादराम ने गांव के ही वेदप्रकाश शर्मा पर फरसे से जानलेवा हमला कर दिया था। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। तहरीर के आधार पर मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचना उपनिरीक्षक राकेश कुमार शर्मा को सौंपी गई।
विवेचना के दौरान धारा 307 की बढ़ोतरी की गई । पुलिस ने तीन नवंबर 2008 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 16 जनवरी 2009 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। शुक्रवार को आरोपी को सात साल की कैद की सजा सुनाई गई। इंस्पेक्टर हरेन्द्र सिंह तोमर का कहना है कि आरोपी यादराम थाने के टॉप टेन अपराधियों की सूची में शामिल किया गया था। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान में यह भी चिह्नित किया गया था।
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घटना थाना इस्लामनगर क्षेत्र के गांव मितरोली में 31 अक्तूबर 2008 को सामने आई थी। गांव निवासी यादराम ने गांव के ही वेदप्रकाश शर्मा पर फरसे से जानलेवा हमला कर दिया था। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। तहरीर के आधार पर मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचना उपनिरीक्षक राकेश कुमार शर्मा को सौंपी गई।
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विवेचना के दौरान धारा 307 की बढ़ोतरी की गई । पुलिस ने तीन नवंबर 2008 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 16 जनवरी 2009 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। शुक्रवार को आरोपी को सात साल की कैद की सजा सुनाई गई। इंस्पेक्टर हरेन्द्र सिंह तोमर का कहना है कि आरोपी यादराम थाने के टॉप टेन अपराधियों की सूची में शामिल किया गया था। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान में यह भी चिह्नित किया गया था।
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