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‘अल्ट्रासोनोग्राफी’ के फायदे और नुकसान बताए
बदायूं
Updated Thu, 22 Jan 2015 11:46 PM IST
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शहर के राजाराम महिला इंटर कॉलेज में गुरुवार को लिंगभेद एवं अल्ट्रासोनोग्राफी के फायदे एवं नुकसान विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं ने इसके फायदे और दोषों पर अपने-अपने विचार रखे।
प्रधानाचार्य सुषमा कथुरिया ने स्त्री को प्रकृति की अनुपम कृति बताया। कहा, संसार की रचना में स्त्री का योगदान अतुलनीय है। आजकल के समाज में लिंग परीक्षण करना, कराना और लिंगभेद करना अपराध है। इसके उपरांत वाद विवाद प्रतियोगिता हुई। इसमें छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हुए विचार रखे।
प्रतियोगिता में मणि सेठी, साक्षी वर्मा, प्रफुल्ल गुप्ता, अलका ने पक्ष में विचार रखते हुए कहा कि अल्ट्रासोनोग्राफी के अनेक फायदे हैं। इसके द्वारा यह पता लगाया जा सकता है कि जन्म से पहले बच्चे में कोई विकृति तो नहीं है यदि है तो उसका उपचार आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में संभव है।
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वहीं विपक्ष में बोलते हुए छात्राओं ने कहा कि आजकल लोग इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। इस कारण भारत में लिंग अनुपात बिगड़ रहा है और लड़कियों की संख्या घट रही है। प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर समस्त स्टाफ भी मौजूद रहा।
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प्रधानाचार्य सुषमा कथुरिया ने स्त्री को प्रकृति की अनुपम कृति बताया। कहा, संसार की रचना में स्त्री का योगदान अतुलनीय है। आजकल के समाज में लिंग परीक्षण करना, कराना और लिंगभेद करना अपराध है। इसके उपरांत वाद विवाद प्रतियोगिता हुई। इसमें छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हुए विचार रखे।
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प्रतियोगिता में मणि सेठी, साक्षी वर्मा, प्रफुल्ल गुप्ता, अलका ने पक्ष में विचार रखते हुए कहा कि अल्ट्रासोनोग्राफी के अनेक फायदे हैं। इसके द्वारा यह पता लगाया जा सकता है कि जन्म से पहले बच्चे में कोई विकृति तो नहीं है यदि है तो उसका उपचार आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में संभव है।
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वहीं विपक्ष में बोलते हुए छात्राओं ने कहा कि आजकल लोग इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। इस कारण भारत में लिंग अनुपात बिगड़ रहा है और लड़कियों की संख्या घट रही है। प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर समस्त स्टाफ भी मौजूद रहा।