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बेघर बच्चे देखें तो डायल करें 1098
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Wed, 29 Mar 2017 12:29 AM IST
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child abuse
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- ब्लाक में बाल संरक्षण पर हुई कार्यशाला
श्रमिक समाज शिक्षा संस्थान की ओर से संचालित चाइल्ड लाइन केंद्र म्याऊं के तहत बीआरसी पर ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण पर हुई। कार्यशाला में मुख्य अतिथि प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. महेंद्रभान सिंह ने कहा कि चाइल्ड हेल्पलाइन बच्चों की परेशानी से निदान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण सेवा है। पीड़ित और असहाय बच्चों की सहायता चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 पर कॉल करके करनी चाहिए। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं पीएचसी म्याऊं से उपलब्ध कराने के लिए आश्वासन दिया।
को-ऑर्डिनेटर नरसिंह ने कहा कि 1098 चौबीस घंटे आपातकालीन राष्ट्रीय नि:शुल्क फोन सेवा है। यह फोन सेवा देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की परेशानी के निदान के लिए है। उन्होंने बताया कि कोई बच्चा बीमार और अकेला हो, किसी बच्चे को आश्रय की जरूरत हो, कोई बच्चा माता-पिता की ओर से छोड़ दिया गया हो या गुम हो गया हो, किसी बच्चे का शोषण हो रहा हो या कोई बच्चा बाल-श्रम में लगा हो या किसी बालक-बालिका का बाल विवाह हो रहा हो तो चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 पर केस दर्ज कराकर बच्चे को बचाने की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने सभी सरकारी और गैरसरकारी शैक्षिक संस्थानों से बच्चों की सहायता करने का आह्वान किया। जिला समन्वयक महेंद्र सिंह, मुस्कान परियोजना के जिला प्रशिक्षक वृषभान सिंह, मोहम्मद इमरान, डब्ल्यूएचओ से डॉ. कुमार गुंजन, सुभाष सिंह, मोहम्मद आकिल खां, दुर्वेश कुमार, भीमसेन भारती, उदयवीर सिंह, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।
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श्रमिक समाज शिक्षा संस्थान की ओर से संचालित चाइल्ड लाइन केंद्र म्याऊं के तहत बीआरसी पर ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण पर हुई। कार्यशाला में मुख्य अतिथि प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. महेंद्रभान सिंह ने कहा कि चाइल्ड हेल्पलाइन बच्चों की परेशानी से निदान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण सेवा है। पीड़ित और असहाय बच्चों की सहायता चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 पर कॉल करके करनी चाहिए। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं पीएचसी म्याऊं से उपलब्ध कराने के लिए आश्वासन दिया।
को-ऑर्डिनेटर नरसिंह ने कहा कि 1098 चौबीस घंटे आपातकालीन राष्ट्रीय नि:शुल्क फोन सेवा है। यह फोन सेवा देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की परेशानी के निदान के लिए है। उन्होंने बताया कि कोई बच्चा बीमार और अकेला हो, किसी बच्चे को आश्रय की जरूरत हो, कोई बच्चा माता-पिता की ओर से छोड़ दिया गया हो या गुम हो गया हो, किसी बच्चे का शोषण हो रहा हो या कोई बच्चा बाल-श्रम में लगा हो या किसी बालक-बालिका का बाल विवाह हो रहा हो तो चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 पर केस दर्ज कराकर बच्चे को बचाने की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने सभी सरकारी और गैरसरकारी शैक्षिक संस्थानों से बच्चों की सहायता करने का आह्वान किया। जिला समन्वयक महेंद्र सिंह, मुस्कान परियोजना के जिला प्रशिक्षक वृषभान सिंह, मोहम्मद इमरान, डब्ल्यूएचओ से डॉ. कुमार गुंजन, सुभाष सिंह, मोहम्मद आकिल खां, दुर्वेश कुमार, भीमसेन भारती, उदयवीर सिंह, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।
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