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Budaun News: वैज्ञानिकों ने साझा किए शोध अनुभव, पौधों की सहनशीलता के बारे में बताया

Mon, 01 Sep 2025 01:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 01 Sep 2025 01:24 AM IST
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Scientists shared their research experiences and explained the tolerance of plants
बदायूं। राजकीय महाविद्यालय के वनस्पति और प्राणी विज्ञान विभाग की ओर से चल रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का रविवार को समापन हो गया। अंतिम दिन भारत सहित विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों, शिक्षकों व शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र का वाचन कर परिचर्चा की। कुल 65 शोधपत्रों की प्रस्तुति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विद्वानों ने अपने विचार साझा किए।
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मुख्य अतिथि लांझोउ यूनिवर्सिटी चीन की प्रो. डॉ. नंदिनी ठाकुर ने पौधों की तनाव सहनशीलता और पुनर्जीवन तंत्र पर शोधपरक व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में पौधों की आणविक व शारीरिक प्रतिक्रियाएं की समझ कृषि और पर्यावरण प्रबंधन के लिए अत्यंत जरूरी है। सम्मेलन में डॉ. मोहम्मद यूसुफ (यूएई), डॉ. अनायत रसूल मीर (चीन), डॉ. मोहम्मद महमूद (सऊदी अरब) और चार्ल्स ओलुवासेन आदेतुंजी (नाइजीरिया) जैसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भी अनुभव साझा किए। वेटनरी विज्ञान, पादप शरीर क्रिया विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरणीय प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, नैनोटेक्नोलॉजी, कृषि नवाचार, मानव स्वास्थ्य, मत्स्य विज्ञान और खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। समापन सत्र की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने की। संचालन डॉ. प्रियंका सिंह व डॉ. गौरव कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। समन्वयक डॉ. सचिन कुमार ने व्यक्त किया।
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