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Budaun News: स्कूलों ने अब तक नहीं भरा यू-डायस प्लस प्रोफाइल
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बदायूं। जिले के कई परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों की ओर से अब तक स्कूल प्रोफाइल अपडेट की जानकारी यू-डायस प्लस पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई है। शिक्षा महानिदेशक ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए डीआईओएस और बीएसए को निर्देश दिया है कि 25 अक्तूबर तक सभी स्कूलों का डाटा हर हाल में अपडेट कराया जाए।
जिला विद्यालय निरीक्षक लालजी यादव ने बताया कि यू-डायस प्लस पोर्टल शिक्षा विभाग का राष्ट्रीय डाटा सिस्टम है। इसमें जिले के सभी स्कूलों की विस्तृत प्रोफाइल दर्ज की जाती है। इसमें छात्र संख्या, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय भवन, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं, स्मार्ट क्लास, टॉयलेट, पानी और अन्य संसाधनों की जानकारी शामिल होती है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार विभिन्न योजनाओं, ग्रांट और नीतियों का निर्माण करती है।
डाटा अपलोड करने में निजी स्कूल पीछे
शिक्षा विभाग के अनुसार, बेसिक शिक्षा के सभी 2158 परिषदीय विद्यालयों की ओर से डाटा अपलोड कर दिया गया है। हालांकि जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन चलने वाले लगभग 900 निजी विद्यालयों में से 137 ने अब तक अपनी जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की है। वहीं, माध्यमिक स्तर पर 248 में से 33 प्राइवेट स्कूलों ने भी यह कार्य पूरा नहीं किया है।
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शिक्षा महानिदेशक ने स्कूलों का डाटा 25 अक्तूबर तक पूरी तरह अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। - वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए
यू-डायस प्लस क्यों है जरूरी
यू-डायस प्लस पोर्टल पर स्कूल प्रोफाइल अपडेट होने से शिक्षा की वास्तविक स्थिति का पता चलता है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि कहां शिक्षकों की कमी है, कहां भवन या बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। किन क्षेत्रों में सुधार की और आवश्यकता है। विभाग के अनुसार, सरकार इन्हीं आंकड़ों के आधार पर बजट आवंटन, नई योजनाएं और सुधार कार्यक्रम तय करती है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक लालजी यादव ने बताया कि यू-डायस प्लस पोर्टल शिक्षा विभाग का राष्ट्रीय डाटा सिस्टम है। इसमें जिले के सभी स्कूलों की विस्तृत प्रोफाइल दर्ज की जाती है। इसमें छात्र संख्या, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय भवन, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं, स्मार्ट क्लास, टॉयलेट, पानी और अन्य संसाधनों की जानकारी शामिल होती है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार विभिन्न योजनाओं, ग्रांट और नीतियों का निर्माण करती है।
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डाटा अपलोड करने में निजी स्कूल पीछे
शिक्षा विभाग के अनुसार, बेसिक शिक्षा के सभी 2158 परिषदीय विद्यालयों की ओर से डाटा अपलोड कर दिया गया है। हालांकि जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन चलने वाले लगभग 900 निजी विद्यालयों में से 137 ने अब तक अपनी जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की है। वहीं, माध्यमिक स्तर पर 248 में से 33 प्राइवेट स्कूलों ने भी यह कार्य पूरा नहीं किया है।
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शिक्षा महानिदेशक ने स्कूलों का डाटा 25 अक्तूबर तक पूरी तरह अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। - वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए
यू-डायस प्लस क्यों है जरूरी
यू-डायस प्लस पोर्टल पर स्कूल प्रोफाइल अपडेट होने से शिक्षा की वास्तविक स्थिति का पता चलता है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि कहां शिक्षकों की कमी है, कहां भवन या बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। किन क्षेत्रों में सुधार की और आवश्यकता है। विभाग के अनुसार, सरकार इन्हीं आंकड़ों के आधार पर बजट आवंटन, नई योजनाएं और सुधार कार्यक्रम तय करती है।