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लॉकडाउन अवधि में स्कूल वाहन का किराया नहीं ले सकेंगे स्कूल संचालक, जारी हुए निर्देश
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बदायूं। लॉकडाउन की वजह से लोगों की दिनचर्या में कई तरह के बदलाव आए हैं। स्कूल बंद होने से बच्चे भी पढ़ाई ऑनलाइन कर रहे हैं। हालांकि इसमें उन्हें काफी कठिनाई आ रही है। इन सबके बीच में कुछ नहीं बदला, तो वह है प्राइवेट स्कूल संचालकों का रवैया। लॉकडाउन में भी कई स्कूलों के संचालक अभिभावकों को मैसेज और फोन के जरिए बच्चों की स्कूल फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं। वहीं कुछ स्कूल संचालक तो अभिभावकों से लॉकडाउन अवधि के दौरान वाहनों का किराया तक मांगने से परहेज नहीं कर रहे हैं। हालांकि इसको लेकर विभागीय अधिकारियों द्वारा सभी स्कूल संचालकों को साफ निर्देश दिए चुके हैं कि लॉकडाउन अवधि का वाहनों का किराया कोई स्कूल नहीं लेगा।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च से संपूर्ण देश में 21 दिन और उसके बाद में 19 दिनों के लॉकडाउन के घोषणा की। ऐसे में सभी तरह की गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। यहां तक कि प्रदेश सरकार ने कक्षा से एक लेकर नौ और 11 के सभी छात्र-छात्राओं को प्रोन्नति के आधार पर पास कर दिया और सरकार के निर्देश पर स्कूल, कॉलेजों मेें ऑनलाइन पढ़ाई को शुरू करा दिया गया।
शासन से निर्देश मिलने के बाद में जिला प्रशासन ने शिक्षा विभाग के माध्यम से सभी स्कूल, कॉलेजों के प्रबंधकों को निर्देश जारी किए। निर्देश मिलने के बाद में जनपद के स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई, लेकिन इन सबके बीच में अधिकांश स्कूल, कॉलेजों के संचालक अभिभावकों को मैसेज और फोन के जरिए बच्चों की स्कूल फीस और वाहन किराया जमा करने का दबाव बनाने से नहीं चूक रहे हैं। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से सभी स्कूल संचालकों को लॉकडाउन की अवधि में वाहन शुल्क नहीं लेने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान एक साथ तीन माह की फीस भी नहीं ली जा सकेगी।
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ऑनलाइन शिक्षा से किसी भी छात्र को नहीं किया जा सकता वंचित
जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि अभी ऑनलाइन पढ़ाई शासन के निर्देश पर सभी कालेजों में की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान कोई भी स्कूल संचालक किसी भी छात्र को फीस जमा न होने की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित नहीं रख सकता है।
लॉकडाउन की अवधि में स्कूलों का कोई भी वाहन नहीं चला है। ऐसे में कोई भी स्कूल संचालक किसी भी अभिभावक से वाहन शुल्क नहीं लेगा। वहीं, लॉकडाउन की अवधि में कोई भी स्कूल एक साथ में अप्रैल से जून तक तीन माह की फीस नहीं ले सकता है। स्कूल संचालक यह फीस आने वाले महीनों की फीस में एडजस्ट करके ले सकते हैं। - राममूरत, डीआईओएस
जनपद में कोई भी स्कूल संचालक लॉकडाउन के दौरान किसी भी अभिभावक पर दवाब बनाकर फीस नहीं जमा करा सकता है। लॉकडाउन के दौरान वाले माह की फीस को आगामी किसी माह में जोड़कर लिया जा सकता है। अगर कोई अभिभावक स्कूल संचालक को स्वेच्छा से फीस देना चाहता है, तो वह जमा कर सकता है। - कुमार प्रशांत, डीएम
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कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च से संपूर्ण देश में 21 दिन और उसके बाद में 19 दिनों के लॉकडाउन के घोषणा की। ऐसे में सभी तरह की गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। यहां तक कि प्रदेश सरकार ने कक्षा से एक लेकर नौ और 11 के सभी छात्र-छात्राओं को प्रोन्नति के आधार पर पास कर दिया और सरकार के निर्देश पर स्कूल, कॉलेजों मेें ऑनलाइन पढ़ाई को शुरू करा दिया गया।
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शासन से निर्देश मिलने के बाद में जिला प्रशासन ने शिक्षा विभाग के माध्यम से सभी स्कूल, कॉलेजों के प्रबंधकों को निर्देश जारी किए। निर्देश मिलने के बाद में जनपद के स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई, लेकिन इन सबके बीच में अधिकांश स्कूल, कॉलेजों के संचालक अभिभावकों को मैसेज और फोन के जरिए बच्चों की स्कूल फीस और वाहन किराया जमा करने का दबाव बनाने से नहीं चूक रहे हैं। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से सभी स्कूल संचालकों को लॉकडाउन की अवधि में वाहन शुल्क नहीं लेने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान एक साथ तीन माह की फीस भी नहीं ली जा सकेगी।
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ऑनलाइन शिक्षा से किसी भी छात्र को नहीं किया जा सकता वंचित
जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि अभी ऑनलाइन पढ़ाई शासन के निर्देश पर सभी कालेजों में की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान कोई भी स्कूल संचालक किसी भी छात्र को फीस जमा न होने की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित नहीं रख सकता है।
लॉकडाउन की अवधि में स्कूलों का कोई भी वाहन नहीं चला है। ऐसे में कोई भी स्कूल संचालक किसी भी अभिभावक से वाहन शुल्क नहीं लेगा। वहीं, लॉकडाउन की अवधि में कोई भी स्कूल एक साथ में अप्रैल से जून तक तीन माह की फीस नहीं ले सकता है। स्कूल संचालक यह फीस आने वाले महीनों की फीस में एडजस्ट करके ले सकते हैं। - राममूरत, डीआईओएस
जनपद में कोई भी स्कूल संचालक लॉकडाउन के दौरान किसी भी अभिभावक पर दवाब बनाकर फीस नहीं जमा करा सकता है। लॉकडाउन के दौरान वाले माह की फीस को आगामी किसी माह में जोड़कर लिया जा सकता है। अगर कोई अभिभावक स्कूल संचालक को स्वेच्छा से फीस देना चाहता है, तो वह जमा कर सकता है। - कुमार प्रशांत, डीएम