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दबतोरी क्षेत्र में चल रहे बगैर मान्यता के स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं/दबतोरी।
Updated Fri, 08 Jul 2016 11:21 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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- कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक कर रहे एडमिशन
जुलाई शुरू होते ही दबतोरी क्षेत्र में फर्जी स्कूल-कॉलेज की दुकानें खुल गई हैं, जिनके पास न तो मान्यता है और न रजिस्ट्रेशन। फिर भी वे छात्र-छात्राओं के एडमिशन कर रहे हैं। यही नहीं बच्चों को पास कराने के नाम पर मुंहमांगी कीमत वसूल कर रहे हैं। स्कूल जाए बिना डिग्री पाने के इच्छुक लोग इसकी कीमत अदा कर रहे हैं। क्षेत्र में यह गोरखधंधा शुरू होने से भोले-भाले छात्र-छात्राओं का भविष्य खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
इस गोरखधंधे में कोचिंग संचालक भी शामिल है, जो स्कूल के नाम पर एडमिशन करा लेते हैं और प्रथम श्रेणी से लेकर पास कराने तक की अलग-अलग कीमत वसूलते हैं। शासन और विभागीय अधिकारियों के तमाम प्रयासों के बावजूद क्षेत्र में संचालित हो रहे इस गोरखधंधे पर लगाम नहीं पा रही है। यदि इसकी जांच कराई जाए तो करीब आधा दर्जन फर्जी स्कूल संचालित होते मिल जाएंगे। इन लोगों पर कार्रवाई होने से हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगने से बच जाएगा।
बिना मान्यता के स्कूल खोलकर बच्चों के एडमिशन करके उनका भविष्य करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी कोचिंग संचालक या अन्य दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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-राकेश कुमार, डीआईओएस
जुलाई शुरू होते ही दबतोरी क्षेत्र में फर्जी स्कूल-कॉलेज की दुकानें खुल गई हैं, जिनके पास न तो मान्यता है और न रजिस्ट्रेशन। फिर भी वे छात्र-छात्राओं के एडमिशन कर रहे हैं। यही नहीं बच्चों को पास कराने के नाम पर मुंहमांगी कीमत वसूल कर रहे हैं। स्कूल जाए बिना डिग्री पाने के इच्छुक लोग इसकी कीमत अदा कर रहे हैं। क्षेत्र में यह गोरखधंधा शुरू होने से भोले-भाले छात्र-छात्राओं का भविष्य खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
इस गोरखधंधे में कोचिंग संचालक भी शामिल है, जो स्कूल के नाम पर एडमिशन करा लेते हैं और प्रथम श्रेणी से लेकर पास कराने तक की अलग-अलग कीमत वसूलते हैं। शासन और विभागीय अधिकारियों के तमाम प्रयासों के बावजूद क्षेत्र में संचालित हो रहे इस गोरखधंधे पर लगाम नहीं पा रही है। यदि इसकी जांच कराई जाए तो करीब आधा दर्जन फर्जी स्कूल संचालित होते मिल जाएंगे। इन लोगों पर कार्रवाई होने से हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगने से बच जाएगा।
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बिना मान्यता के स्कूल खोलकर बच्चों के एडमिशन करके उनका भविष्य करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी कोचिंग संचालक या अन्य दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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-राकेश कुमार, डीआईओएस