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घोटाला : रुपये लेने के बाद भी 60 लोगों ने नहीं बनाए आवास
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खेड़ा जलालपुर में आवासों के कागजों को चेक कर प्रमाण पत्र देते खंड विकास अधिकारी उसावां मनीष सिं
बदायूं। विकास खंड उसावां क्षेत्र के गांव खेड़ा जलालपुर के 60 लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रुपये तो ले लिए, लेकिन आवास नहीं बनाए। यह हकीकत तब सामने आई जब खंड विकास अधिकारी मनीष सिंह वर्मा ने निरीक्षण किया। लाभार्थियों ने कहा कि सचिव और एक नेता ने 20-20 हजार रुपये लेकर आवास की रकम आवंटित की थी, तो हम आवास बनाए क्यों। लाभार्थियों के इस उत्तर से अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है।
जिले भर में बनाए जा रहे प्रधानमंत्री आवास योजना में शुरू से ही घोटाले की खबरें आ रहीं हैं। अब एक बार फिर ब्लॉक उसावां क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। म्याऊं विकास खंड के खंड विकास अधिकारी मनीष सिंह वर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत खेड़ा जलालपुर में आवंटित प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थलीय जांच के लिए गांव गए थे। गांव में सौ से अधिक लोगों को आवास का लाभ मिला है। इसमें से मात्र 40 से 50 लोगों ने आवास बनाए हैं।
उन्होंने बताया कि 60 ऐसे लाभार्थी सामने आए जिन्होंने आवास की रकम तो ली है, लेकिन बनाए नहीं। लाभार्थियों को बुलाकर आवास न बनाने का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनसे पूर्व में तैनात रहे सचिव और गांव के ही एक नेता ने प्रति आवास पर 20 हजार रुपये रिश्वत ले ली थी।
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लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि जब उन्हें रिश्वत देकर आवास की रकम मिली है तो वह आवास क्यों बनवाएं। ये सुनकर खंड विकास अधिकारी समेत सभी कर्मचारियों के होश उड़ गए। मामला जिलाधिकारी तक पहुंच गया है। मामले की जांच में दोषियों पर कार्रवाई हो सकेगी। आवास पूर्ण करने वालों को प्रमाण पत्र भी दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे आवासों की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर स्थलीय जांच की थी। गांव में 60 से अधिक ऐसे लाभार्थी हैं जिन्होंने सरकारी पैसा लेने के बाद भी आवास नहीं बनाया हैं। ऐसे लोगों को तत्काल आवास बनाने की चेतावनी दी गई है, इसके बाद भी अगर आवास नहीं बनाए तो कार्रवाई होगी। -मनीष सिंह वर्मा, खंड विकास अधिकारी, उसावां
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जिले भर में बनाए जा रहे प्रधानमंत्री आवास योजना में शुरू से ही घोटाले की खबरें आ रहीं हैं। अब एक बार फिर ब्लॉक उसावां क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। म्याऊं विकास खंड के खंड विकास अधिकारी मनीष सिंह वर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत खेड़ा जलालपुर में आवंटित प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थलीय जांच के लिए गांव गए थे। गांव में सौ से अधिक लोगों को आवास का लाभ मिला है। इसमें से मात्र 40 से 50 लोगों ने आवास बनाए हैं।
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उन्होंने बताया कि 60 ऐसे लाभार्थी सामने आए जिन्होंने आवास की रकम तो ली है, लेकिन बनाए नहीं। लाभार्थियों को बुलाकर आवास न बनाने का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनसे पूर्व में तैनात रहे सचिव और गांव के ही एक नेता ने प्रति आवास पर 20 हजार रुपये रिश्वत ले ली थी।
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लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि जब उन्हें रिश्वत देकर आवास की रकम मिली है तो वह आवास क्यों बनवाएं। ये सुनकर खंड विकास अधिकारी समेत सभी कर्मचारियों के होश उड़ गए। मामला जिलाधिकारी तक पहुंच गया है। मामले की जांच में दोषियों पर कार्रवाई हो सकेगी। आवास पूर्ण करने वालों को प्रमाण पत्र भी दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे आवासों की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर स्थलीय जांच की थी। गांव में 60 से अधिक ऐसे लाभार्थी हैं जिन्होंने सरकारी पैसा लेने के बाद भी आवास नहीं बनाया हैं। ऐसे लोगों को तत्काल आवास बनाने की चेतावनी दी गई है, इसके बाद भी अगर आवास नहीं बनाए तो कार्रवाई होगी। -मनीष सिंह वर्मा, खंड विकास अधिकारी, उसावां

खेड़ा जलालपुर में आवासों के कागजों को चेक कर प्रमाण पत्र देते खंड विकास अधिकारी उसावां मनीष सिं