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राज्य पक्षी सारस को भा रही बदायूं की आवोहवा, बढ़ रहा कुनबा
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बदायूं। राज्य पक्षी सारस को जिले की आवोहवा पसंद आने लगी है। जिले के चार वन रेंज में जनवरी में हुई सारस की गणना में इनकी संख्या में करीब 64.91 फीसदी की इजाफा दर्ज किया गया है। साल 2020 में जिले के चार वन रेंज में 72 सारस थे जबकि जनवरी- 2021 में इनकी संख्या बढ़कर 114 हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि जिले में सारस को अनुकूल वातावरण मिल रहा है। जिले में कुल 114 सारसों में एक बच्चा भी है।
प्रदेश में सारस को राज्य पक्षी का दर्जा दिया गया है। सारस परिवार में रहता है। नर और मादा सारस जोड़े में रहकर अपना कुनबा बनाते हैं। एक दूसरे के प्रति इनमें अटूट प्रेम होता है। उड़ने वाले पक्षियों में सारस सबसे बड़ा पक्षी है। वह कभी पेड़ पर आशियाना नहीं बनाता। जोड़े में से अगर एक सारस की किसी कारण मृत्यु हो जाती है तो दूसरा सारस भी दम तोड़ देता है। सामाजिक वानिकी और वन्य जंतु प्रभाग शीतकालीन गणना में सारस की संख्या में वृद्धि को अच्छा माना जा रहा है। अधिकारियों और जानकारों का मानना है कि अनुकूल वातावरण और खुद को सुरक्षित महसूस करने के चलते जिले में सारस का कुनबा बढ़ रहा है। सारस तालाब, पोखर और झीलों के किनारे दलदली जमीन के साथ कृषि भूमि को अपना बसेरा बनाते हैं। खेतों के कीड़े मकोड़े उनका भोजन होते हैं। ऐसे में इस पक्षी को किसानों का मित्र भी माना जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि जिले की भौगोलिक संरचना, दलदली भूमि, गंगा और रामगंगा जैसी बड़ी नदियों के साथ तालाब, झीलों की उपलब्धता और वातावरण में सुरक्षा के अहसास से सारस की संख्या में इजाफा हो रहा है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि जनवरी में की गई सारस की गणना वेटलैंड के किनारों और आसपास की गणना है। जिले में सारस की इससे ज्यादा होने का अनुमान है।
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सदर रेंज में सबसे ज्यादा बढ़ी सारस की संख्या
- अगर जिले में रेंजवार सारस की संख्या पर गौर करें तो सदर रेंज में सबसे ज्यादा 17 सारस बढ़े हैं। सबसे कम बिसौली रेंज में इनकी संख्या में चार का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही दातागंज रेंज में 12 और सहसवान वन रेंज में पिछले साल के मुकाबले सात सारस बढ़े हैं। कुछ स्थानों पर सारस के बच्चे भी देखे गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में सारस की संख्या में और भी इजाफा होगा। राज्य पक्षी सारस के संरक्षण के लिए वेटलैंड के आसपास और इन स्थानों पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है जहां सारस की संख्या अच्छी और उनका कुनबा बढ़ने की उम्मीद है।
- अनुकूल और सुरक्षित वातावरण के चलते जिले में सारस की संख्या में इजाफा हुआ है। जिले के चार वन रेंज में जनवरी में सारस की गणना कराई गई है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जिले में कुल 114 सारस मिले हैं। इनमें एक बच्चा भी शामिल है। जिन स्थानों पर सारसों का कुनबा बढ़ रहा है वहां लोगों को इनके संरक्षण के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। - नवनीत कुमार गुप्ता, प्रभारी डीएफओ
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प्रदेश में सारस को राज्य पक्षी का दर्जा दिया गया है। सारस परिवार में रहता है। नर और मादा सारस जोड़े में रहकर अपना कुनबा बनाते हैं। एक दूसरे के प्रति इनमें अटूट प्रेम होता है। उड़ने वाले पक्षियों में सारस सबसे बड़ा पक्षी है। वह कभी पेड़ पर आशियाना नहीं बनाता। जोड़े में से अगर एक सारस की किसी कारण मृत्यु हो जाती है तो दूसरा सारस भी दम तोड़ देता है। सामाजिक वानिकी और वन्य जंतु प्रभाग शीतकालीन गणना में सारस की संख्या में वृद्धि को अच्छा माना जा रहा है। अधिकारियों और जानकारों का मानना है कि अनुकूल वातावरण और खुद को सुरक्षित महसूस करने के चलते जिले में सारस का कुनबा बढ़ रहा है। सारस तालाब, पोखर और झीलों के किनारे दलदली जमीन के साथ कृषि भूमि को अपना बसेरा बनाते हैं। खेतों के कीड़े मकोड़े उनका भोजन होते हैं। ऐसे में इस पक्षी को किसानों का मित्र भी माना जाता है।
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अधिकारियों का कहना है कि जिले की भौगोलिक संरचना, दलदली भूमि, गंगा और रामगंगा जैसी बड़ी नदियों के साथ तालाब, झीलों की उपलब्धता और वातावरण में सुरक्षा के अहसास से सारस की संख्या में इजाफा हो रहा है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि जनवरी में की गई सारस की गणना वेटलैंड के किनारों और आसपास की गणना है। जिले में सारस की इससे ज्यादा होने का अनुमान है।
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सदर रेंज में सबसे ज्यादा बढ़ी सारस की संख्या
- अगर जिले में रेंजवार सारस की संख्या पर गौर करें तो सदर रेंज में सबसे ज्यादा 17 सारस बढ़े हैं। सबसे कम बिसौली रेंज में इनकी संख्या में चार का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही दातागंज रेंज में 12 और सहसवान वन रेंज में पिछले साल के मुकाबले सात सारस बढ़े हैं। कुछ स्थानों पर सारस के बच्चे भी देखे गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में सारस की संख्या में और भी इजाफा होगा। राज्य पक्षी सारस के संरक्षण के लिए वेटलैंड के आसपास और इन स्थानों पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है जहां सारस की संख्या अच्छी और उनका कुनबा बढ़ने की उम्मीद है।
- अनुकूल और सुरक्षित वातावरण के चलते जिले में सारस की संख्या में इजाफा हुआ है। जिले के चार वन रेंज में जनवरी में सारस की गणना कराई गई है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जिले में कुल 114 सारस मिले हैं। इनमें एक बच्चा भी शामिल है। जिन स्थानों पर सारसों का कुनबा बढ़ रहा है वहां लोगों को इनके संरक्षण के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। - नवनीत कुमार गुप्ता, प्रभारी डीएफओ