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रोडवेज बसें न मिलने से परेशान यात्रियों का हंगामा
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2016 11:49 PM IST
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इन्क्वायरी काउंटर पर बसों की नहीं मिल पाई लोकेशन
वर्कशॉप में जाकर यात्रियों ने की बसें भेजने की मांग
वृंदावन भेजी गईं बदायूं डिपो की 15 रोडवेज बसें
त्योहारी सीजन हो या सहालग, जब भी कोई बड़ा मौका होता है, अक्सर रोडवेज की यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है, जिससे परेशानी यात्रियों को झेलनी पड़ती है। इस बार डिपो के करीब 135 बसों के खेमे से 15 बसों को मथुरा में होने वाले गोवर्धन मेले में भेज दिया। हमेशा की तरह रोडवेज की यातायात व्यवस्था धड़ाम हो गई और यात्रियों को दिल्ली जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। परेशान यात्री इधर-उधर भटकते रहे। इसके बाद भी उन लोगों को बसों की जानकारी नहीं मिली तो हंगामा किया। इस पर आनन-फानन में बसों को लगाया गया।
रोडवेज डिपो से सहसवान, बिल्सी एवं अन्य रूटों से होते हुए करीब 60 से 65 बसों का संचालन किया जाता है। सुबह के वक्त बस लग जाने से स्थिति काबू में रही, लेकिन दोपहर बाद बसें लगने का काम लचर होता गया। रूटीन में 50 से अधिक बसों का संचालन शाम तीन बजे से पहले हो जाता है, लेकिन मंगलवार को ऐसा नहीं हो सका। शाम तक करीब 50 बसों का संचालन ही पूरा हो सका। वहीं बाहरी डिपो की बसें भी न आने से यात्रियों की भीड़ खासी जमा हो गई। यात्रियों ने बसों के बारे में पूछताछ की, लेकिन इन्क्वायरी काउंटर पर बसों की सही जानकारी नहीं मिली। बाद में इन्क्वायरी काउंटर खाली पड़ा रहा। यात्रियों को बसों की जानकारी नहीं हुई तो वे लोग वर्कशॉप की ओर गए वहां पर हंगामा करने लगे। इस पर वर्कशॉप में कार्यरत रोडवेज कर्मियों ने बसों को लगाया, लेकिन इसके बाद भी यात्रियों की भीड़ शाम ढलने तक बस डिपों रही। बसों की संख्या कम होने की वजह से यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अन्य डिपो की बसें भी नहीं आईं नजर
रोजाना डिपो के बाहर अन्य डिपो की बसें भी बहुतायत में खड़ी रहती थीं, लेकिन मंगलवार को अन्य रोडवेज डिपो की बसें भी नजर नहीं आईं। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्री सड़क से लेकर वर्कशॉप और इन्क्वायरी काउंटर पर बसों के लिए पता करने के लिए दौड़ते नजर आए।
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वृंदावन मेले में जिन 15 बसों को भेजा गया था, उन बसों में से पांच बसें वापस आ गईं हैं। शेष बसें भी जल्द वापस आ जाएंगीं, जिससे यातायात सुचारू हो जाएगा। यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
-राजेश कुमार, एआरएम, बदायूं डिपो
वर्कशॉप में जाकर यात्रियों ने की बसें भेजने की मांग
वृंदावन भेजी गईं बदायूं डिपो की 15 रोडवेज बसें
त्योहारी सीजन हो या सहालग, जब भी कोई बड़ा मौका होता है, अक्सर रोडवेज की यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है, जिससे परेशानी यात्रियों को झेलनी पड़ती है। इस बार डिपो के करीब 135 बसों के खेमे से 15 बसों को मथुरा में होने वाले गोवर्धन मेले में भेज दिया। हमेशा की तरह रोडवेज की यातायात व्यवस्था धड़ाम हो गई और यात्रियों को दिल्ली जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। परेशान यात्री इधर-उधर भटकते रहे। इसके बाद भी उन लोगों को बसों की जानकारी नहीं मिली तो हंगामा किया। इस पर आनन-फानन में बसों को लगाया गया।
रोडवेज डिपो से सहसवान, बिल्सी एवं अन्य रूटों से होते हुए करीब 60 से 65 बसों का संचालन किया जाता है। सुबह के वक्त बस लग जाने से स्थिति काबू में रही, लेकिन दोपहर बाद बसें लगने का काम लचर होता गया। रूटीन में 50 से अधिक बसों का संचालन शाम तीन बजे से पहले हो जाता है, लेकिन मंगलवार को ऐसा नहीं हो सका। शाम तक करीब 50 बसों का संचालन ही पूरा हो सका। वहीं बाहरी डिपो की बसें भी न आने से यात्रियों की भीड़ खासी जमा हो गई। यात्रियों ने बसों के बारे में पूछताछ की, लेकिन इन्क्वायरी काउंटर पर बसों की सही जानकारी नहीं मिली। बाद में इन्क्वायरी काउंटर खाली पड़ा रहा। यात्रियों को बसों की जानकारी नहीं हुई तो वे लोग वर्कशॉप की ओर गए वहां पर हंगामा करने लगे। इस पर वर्कशॉप में कार्यरत रोडवेज कर्मियों ने बसों को लगाया, लेकिन इसके बाद भी यात्रियों की भीड़ शाम ढलने तक बस डिपों रही। बसों की संख्या कम होने की वजह से यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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अन्य डिपो की बसें भी नहीं आईं नजर
रोजाना डिपो के बाहर अन्य डिपो की बसें भी बहुतायत में खड़ी रहती थीं, लेकिन मंगलवार को अन्य रोडवेज डिपो की बसें भी नजर नहीं आईं। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्री सड़क से लेकर वर्कशॉप और इन्क्वायरी काउंटर पर बसों के लिए पता करने के लिए दौड़ते नजर आए।
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वृंदावन मेले में जिन 15 बसों को भेजा गया था, उन बसों में से पांच बसें वापस आ गईं हैं। शेष बसें भी जल्द वापस आ जाएंगीं, जिससे यातायात सुचारू हो जाएगा। यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
-राजेश कुमार, एआरएम, बदायूं डिपो