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रोडवेज बस स्टैंड का हाल: सुविधाओं पर जोर और पीने के लिए पानी तक नहीं

Sun, 20 Jun 2021 05:29 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 05:29 PM IST
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Roadways bus stand condition: emphasis on facilities and no drinking water
बदायूं। परिवहन निगम के बदायूं बस स्टैंड पर यात्रियों को खटारा बसें मिलती हैं और ढेर सारी दुश्वारियां। बेहतर यात्री सुविधाओं का दावा करने वाले बदायूं बस स्टैंड पर यात्रियों को पीने के लिए पानी तक मयस्सर नहीं है। एक अदद टीन शेड है जो बारिश में टपकता है। इंडिया मार्का हैंडपंप के पास इतनी गंदगी है कि कोई वहां तक जाना नहीं चाहता।
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बदायूं डिपो के बेड़े में कुल 168 बसें शामिल हैं। इनमें 37 अनुबंधित और 131 बसें निगम की हैं। निगम की 131 बसों में 55 बसें दस साल या इससे ज्यादा पुरानी हो चुकी हैं। इन बसों को भी सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। कई बार बूढ़ी हो चुकीं यह बसें रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। इससे यात्रियों को समस्या होती है। बदायूं बस स्टैंड की बात करें तो यहां यात्री सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। बसों के आने-जाने का समय कभी निर्धारित ही नहीं हो सका। इसलिए समय सारिणी जैसी किसी चीज का मतलब नहीं है। बस स्टैंड पर निगम का प्याऊ पानी ही नहीं देता है। समाज सेवियों की ओर से लगवाया गया ठंडे पानी का प्याऊ भी रखरखाव न होने से खराब हो गया है। टंकी की सभी टोटियां सूखी रहती हैं। मंदिर के पास इकलौता नल लोगों की प्यास बुझाता है। ऐसे में ज्यादातर यात्रियों को पीने का पानी तक खरीदना होता है।
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डिपो के बाहर अतिक्रमण और डग्गामारी कई बार सुर्खियां बनती है। पिछले महीनों डग्गामारी और अतिक्रमण के साथ एआरएम पर आरोप लगाते हुए भाजपा नेता कुक्कू महाजन भूख हड़ताल पर भी बैठ गए थे। उस वक्त अधिकारियों ने व्यवस्थाओं में सुधार की बात कही थी, इसके बाद फिर हालात जस के तस बने हुए हैं।
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स्टाफ के लोग भी पैसे देकर जाते हैं शौचालय
बस स्टैंड पर पहले यात्रियों के लिए निशुल्क रूप से शौचालय भी था जिसे बंद करके सुलभ शौचालय बनवा दिया गया। इसके बाद से लोग भुगतान करते हैं। इसके अलावा स्टाफ के लिए वर्कशॉप की ओर शौचालय बना हुआ था जो बंद कर दिया गया है। इससे डिपो की महिला कर्मचारियों को भी दिक्कत झेलनी पड़ती है। सुलभ शौचालय में रोडवेज कर्मचारियों को जनता के मुकाबले आधे पैसे अदा करने पड़ते हैं।
मॉडल बस स्टॉप के रूप में विकसित होना है स्टैंड
बदायूं रोडवेज बस स्टैंड मॉडल बस स्टॉप के रूप में विकसित होना है। डिपो का वर्कशॉप पहले ही शिफ्ट हो चुका है। दातागंज क्रॉसिंग के पास नए वर्कशॉप में अब बाकी के काम हो रहे हैं, लेकिन अब तक डीजल शेड नए वर्कशॉप में शिफ्ट न होने के कारण बसों को डीजल लेने के लिए बस स्टैंड पर ही आना होता है। ऐसे में कई बार यहां जाम के हालात बनते हैं। अधिकारियों का कहना है कि वर्कशॉप शिफ्ट करने के बाद डीजल पंप शिफ्ट करने की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है, लेकिन कोरोना काम के कारण इसमें देरी हुई है। नए वर्कशॉप में डीजल पंप शिफ्ट होने के बाद बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण का काम चालू होगा। इससे पहले डिपो के बाहर अतिक्रमण भी हटवाया जाएगा।
यात्री सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बदायूं डिपो का बस स्टैंड मॉडल बस स्टैंड के रूप में विकसित होना है। इसके लिए मंजूरी मिली चुकी है। काम चल रहा है, अगर कहीं पर कोई समस्या है या फिर पीने के पानी की समस्या है तो उसे भी दूर कराया जाएगा।
- राजेश कुमार, एआरएम, बदायूं डिपो
मामूली बारिश में ही बस स्टैंड परिसर में जलभराव हो जाता है। यात्रियों के बैठने के नाम पर सिर्फ एक यात्री शेड है। पानी तक मोल लेकर पीना होता है। शौचालय की व्यवस्था है ही नहीं, बारिश के दिनों में यात्रियों को ज्यादा समस्या होती है।

- पारस शाक्य
व्यवस्थाएं संभल ही नहीं रहीं। पूरे बस स्टैंड परिसर में पीने के पानी तक का कोई बंदोबस्त नहीं है। बसों की बात करें तो लोकल रूटों पर खटारा बसों को दौड़ाया जा रहा है। किराये के रूप में यात्रियों से कई तरह के टैक्स लिए जाते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं हैं।
- अंकित प्रताप सिंह
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