फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Roadways bus faltered, Dggamar capture vehicles

रोडवेज बस सेवा लड़खड़ाई, डग्गामार वाहनों का कब्जा

Mon, 08 Feb 2016 07:04 PM IST
दातागंज (बदायूं)
दातागंज (बदायूं) Updated Mon, 08 Feb 2016 07:04 PM IST
विज्ञापन
बात करीब दो दशक पहले तक की है जब दातागंज-बदायूं मार्ग पर यातायात के लिए किसी को भटकना नहीं पड़ता था, लेकिन आज हालात बहुत बुरे हैं। सुबह को जरूर बसें बदायूं को खूब रफ्तार भरती हैं। इस बीच तीन थानों की सीमाओं को चीरती हुईं तेजी से दौड़ने वाले डग्गामार वाहनों का ही इस रोड पर पूरी तरह कब्जा रहता है। इन वाहनों में बैठना किसी भी यात्री के लिए जान जोखिम में डालने के बराबर होता है। बदायूं की ओर से भी शाम छह बजे के बाद बसें बंद हो जातीं हैं और अंतिम रोडवेज बस रात 8.30 बजे चलती है। लिहाजा, इस दौरान लोगों को बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन

लगभग बीस साल पहले इस रोड पर यातायात के लिए 38 अनुबंधित और करीब आधा दर्जन शटल रोडवेज बस सेवा संचालित थी। हर 10 मिनट पर लोगों के लिए बस सेवा उपलब्ध थी जिसके चलते लोगों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होती थी। समय के साथ-साथ अनुबंधित बसों का एग्रीमेंट खत्म हो गया। वर्तमान में मात्र तीन अनुबंधित बसें संचालित हैं। अनुबंधित बसों से राज्य सड़क परिवहन निगम बदायूं डिपो को हर माह लाखों रुपये का फायदा होता था। जो रोडवेज बसें मार्ग पर संचालित उनका भी कोई समय निर्धारित नहीं है। रोडवेज बसों की संख्या घटती गई और डग्गामार वाहनों ने रोड पर अपना कब्जा जमा लिया। खास बात तो यह है कि इन डग्गामार वाहनों से लगभग हर माह दुर्घटनाएं होतीं रहतीं हैं। तमाम लोगों की जानें जा चुकी हैं। वजह है कि इन वाहनों में यात्रियों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है। कई यात्री तो बाहर ही लटके दिखाई देते हैं। काबिलेगौर है कि तेज रफ्तार  से दौड़ने वाले यह डग्गामार वाहन दातागंज, मूसाझाग, सिविल लाइन की पुलिस चौकी के सामने से गुजरते हैं।
विज्ञापन

ढाई घंटे करना होता है इंतजार
जिला मुख्यालय से शाम छह बजे के बाद  रोडवेज की अंतिम बस सेवा रात 8.30 बजे होती है। लिहाजा,यदि छह बजे की बस किसी वजह से छूट जाए तो दातागंज की ओर आने वाले लोगों को ढाई घंटे तक इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रोजाना होती है 60 हजार की हानि
राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारी बताते हैं कि इस रोड पर डग्गामार वाहनों के कारण रोजाना बदायूं डिपो को रोजाना 50-60 हजार रुपये राजस्व की हानि होती है। इन वाहनों पर रोक लगाने को पुलिस और एआरटीओ द्वारा समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed