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नदियों के फाट में खुलेआम हो रही खेती
badaun
Updated Mon, 02 Feb 2015 07:48 PM IST
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जिले में सूख चुकी नदियों के ज्यादातर फाट पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। इसमें खेती भी की जा रही है। दूसरी ओर नदियों के फाट में ट्रैक्टर चलाकर खेती करने वालों पर कोई कार्रवाई भी नहीं की जा रही है। बाढ़ खंड या राजस्व विभाग खुलेआम की जा रही मनमानी के मामले में खुद को जिम्मेदार मानने को तैयार नहीं है।
एक अनुमान के अनुसार जिले में 64,980 हेक्टेयर क्षेत्र नदी और जल क्षेत्रों के दायरे में आता है। जिले में गंगा और रामगंगा को छोड़ कर पांच अन्य नदियां या तो सूख गई हैं या सूखने के कगार पर हैं। इन सूखी नदियों में गांवों में जहां खेती की जा रही है, वहीं शहरों के पास मकान तक बना लिए गए हैं। बिल्सी में भैंसोर नदी के हिस्से में तो पूरी कालोनी ही बस गई है।
उधर, बदायूं में सोत नदी पर किए गए अवैध कब्जों के मामलों की राजस्व विभाग की टीम लंबे अरसे से जांच कर रही है लेकिन जांच पूरी नहीं हो पा रही है। बताया जाता है कि ऐसे मामलों में राजस्व विभाग के लोगों की मिलीभगत रहती है।
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सूख चुकी-सूखने के कगार के पर पहुंचीं नदियां
1. महावा (सहसवान क्षेत्र)
2. भैंसोर (बिल्सी क्षेत्र)
3. असवार (बिल्सी क्षेत्र)
4. सोत (बदायूं क्षेत्र)
5. अरिल (दातागंज क्षेत्र)
बाढ़ खंड विभाग गंगा और रामगंगा नदियों में बाढ़ बचाव के कार्य देखता है। अन्य नदियों के रखरखाव की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।
- डीके जैन, एक्सईएन बाढ़ खंड
जिले में नदियों के फाट में खेती करने वालों को चिह्नित कराया जाएगा। राजस्व विभाग नदियों के रकबों को बचाने के प्रयास करेगा।
- राजेंद्र प्रसाद यादव, एडीएम राजस्व
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एक अनुमान के अनुसार जिले में 64,980 हेक्टेयर क्षेत्र नदी और जल क्षेत्रों के दायरे में आता है। जिले में गंगा और रामगंगा को छोड़ कर पांच अन्य नदियां या तो सूख गई हैं या सूखने के कगार पर हैं। इन सूखी नदियों में गांवों में जहां खेती की जा रही है, वहीं शहरों के पास मकान तक बना लिए गए हैं। बिल्सी में भैंसोर नदी के हिस्से में तो पूरी कालोनी ही बस गई है।
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उधर, बदायूं में सोत नदी पर किए गए अवैध कब्जों के मामलों की राजस्व विभाग की टीम लंबे अरसे से जांच कर रही है लेकिन जांच पूरी नहीं हो पा रही है। बताया जाता है कि ऐसे मामलों में राजस्व विभाग के लोगों की मिलीभगत रहती है।
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सूख चुकी-सूखने के कगार के पर पहुंचीं नदियां
1. महावा (सहसवान क्षेत्र)
2. भैंसोर (बिल्सी क्षेत्र)
3. असवार (बिल्सी क्षेत्र)
4. सोत (बदायूं क्षेत्र)
5. अरिल (दातागंज क्षेत्र)
बाढ़ खंड विभाग गंगा और रामगंगा नदियों में बाढ़ बचाव के कार्य देखता है। अन्य नदियों के रखरखाव की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।
- डीके जैन, एक्सईएन बाढ़ खंड
जिले में नदियों के फाट में खेती करने वालों को चिह्नित कराया जाएगा। राजस्व विभाग नदियों के रकबों को बचाने के प्रयास करेगा।
- राजेंद्र प्रसाद यादव, एडीएम राजस्व