फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   rice incoming on aadhti is very low

मंडी आढ़तियों के पास भी धान की आमद कम

Thu, 03 Nov 2016 11:05 PM IST
ब्यूरो/बदायूं
ब्यूरो/बदायूं Updated Thu, 03 Nov 2016 11:05 PM IST
विज्ञापन
rice incoming on aadhti is very low
मंडी आढ़तियों के पास भी धान की आमद कम 
धान खरीद के सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की आमद कम होने के साथ ही मंडी समितियों में स्थित आढ़तियों के पास भी इस बार धान की आमद कम है। बीते वर्ष की तुलना में इस बार धान चौथाई आ रहा है। इससे आढ़तियों के माथे पर भी पसीना आ रहा है।
विज्ञापन

धान खरीद के लिए जिले भर में शासन की ओर से 29 क्रय केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर धान की आमद काफी कम हो रही है। इस वजह से अधिकांश क्रय केंद्रों पर धनराशि भी है। क्रय केंद्रों पर भुगतान भी बैंक खातों में तुरंत दे दिया जाता है। बावजूद इसके क्रय केंद्रों पर धान की आमद न के बराबर हो रही है। एक लाख क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष अब तक महज पांच हजार क्विंटल धान की खरीद की जा सकी है। ऐसे में धान खरीद के नोडल अधिकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व हवलदार सिंह यादव ने क्रय केंद्र प्रभारियों के साथ बैठक करके धान खरीद में तेजी लाने की तैयारी में है। 
विज्ञापन

इस बार धान का समर्थन मूल्य और बाजार का भाव लगभग बराबर है। इससे मंडी आढ़तियों को उम्मीद थी कि किसान उन लोगों को अधिक धान बेचेगा, लेकिन इस बार धान की आमद किसानों के यहां पर बीते वर्ष की तुलना में काफी कम है। इससे आढ़तियों के माथे पर भी पसीना आ रहा है। इस बारे में कुंवरगांव मंडी समिति के आढ़ती अनिल पोरवाल, सैय्यद, संजय गुप्ता, पुत्तूलाल गुप्ता आदि ने बताया कि बीते वर्ष उन लोगों की आढ़त पर धान की आमद 150 से 200 क्विंटल रोजाना थी, जो इस बार घटकर 15 से 20 क्विंटल रह गई है। आढ़तियों के मुताबिक धान की पैदावार इस बार कम हुई इै। इस वजह से आमद भी कम हो रही है। कहा कि वे लोग तो भुगतान नगद कर रहे हैं। इसके बावजूद धान की आमद में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान और सरकार को चूना लगा रहे मंडी समिति व्यापारी 
बिल्सी। स्थानीय कृषि उत्पादन मंडी समिति में चौतरफा  कृषकों का शोषण और मंडी शुल्क, व्यापार कर को चूना लगाकर अवैध ढंग से गैर जनपदों को गेहूं, धान, उर्द, ट्रकों से बिना नाइन आर रसीद काटकर भेजा जा रहा है। मंडी समिति के गेट संख्या एक व गेट संख्या दो की दोनों चेक पोस्ट व्यापारियों को किराए पर उठा दी गई हैं। मंडी समिति प्रशासन की साठगांठ से कृषकों का अनाज बिना छह आर रसीद दिए कच्चे पर्ची पर खरीदा जाता है। 
व्यापारी अनाज भंडारण समिति के बाहर स्थिति गोदामों में कर रहे हैं। गेहूं, धान, उर्द, के अन्यत्र मिल मालिकों के खरीदने का सौदा तय होने पर नगर के गोदामों से करीब 10 ट्रक बिना नाइन आर रसीद भेज दिया जाता है। मंडी समिति के अंदर यार्डों में हजारों क्विंटल गेहूं, मक्का, बाजार भंडारण की जांच हो तो आधे की अनाज खरीदारी करने की रसीद नहीं मिलेगी। मंडी समिति का बैंक भवन, कृषक विश्राम कक्ष, मंडी समिति कार्यालय के सामने चेक पोस्ट, गेट संख्या एक एवं दो की दुकानें किराए पर दे दी गई हैं। 
किसान दानसिंह, डालचंद्र, नरेश कश्यप, धर्मवती, नरेश चंद्र ने बताया अनाज नीलाम करने के यार्डों पर व्यापारियों ने अनाज भंडारण कर रखा है। अनाज सस्ता होने पर मंडी समिति में रखने के लिए कृषक भवन मुहैया नहीं कराया जाता है, जिससे किसान औने-पोने दामों पर अनाज बेचने को मजबूर है। 

मंडी समिति के गेट दो पर बनी चेक पोस्ट पर व्यापारी का अवैध कब्जा है, उन्होंने न्यायालय से स्टे प्राप्त कर लिया है। अनाज खरीद पर व्यापारी से किसानों को छह आर रसीद दिलाई जाएगी। बैंक भवन, कृषक विश्राम कक्ष मंडी समिति के अधिकार में ही है।  -शैलेंद्र सिंह, मंडी समिति सहायक  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed