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लक्ष्य से भटकी धान खरीद, किसानों को राहत नहीं
अमर उजाला, बदायूं
Updated Mon, 19 Oct 2015 11:38 PM IST
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धान खरीद का लक्ष्य पांच गुना
जिले में पहले 11000 एमटी धान खरीद का लक्ष्य था। यह लक्ष्य खरीद करने वाली संस्थाएं पूरा नहीं कर सकीं थीं। इस बार धान खरीद का लक्ष्य 50,000 एमटी रखा गया है। इसमें केवल 300 एमटी धान की खरीद ही हो सकी है।
विपणन विभाग सक्रिय, बाकी निष्क्रिय
सात विभागों को धान खरीद का बदायूं में जिम्मा दिया गया है। इसमें विपणन विभाग ने 300 एमटी धान की अपने छह केंद्रों पर खरीद कर ली है। बाकी कर्मचारी कल्याण निगम के दो, यूपी एसएस के तीन, एग्रो के चार, पीसीएफ के 10, एफसीआई के दो, एसएफआई के दो खरीद केंद्र हैं, किसी ने भी धान का एक दाना नहीं खरीदा है।
19 दिनों के बाद नहीं दिख रहे खरीद केंद्र
एक अक्तूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है जो 31 जनवरी 2016 तक जारी रहेगी। सात संस्थाओं में से केवल एक संस्था ने ही खरीद की है। बाकी ने अपने खरीद केंद्र तक नहीं खोले हैं। किसान आढ़तियों की शरण में जाने को मजबूर हैं। आढ़तिए औने-पौने दाम में किसानों का धान खरीद रहे हैं। जबकि कॉमन धान का सरकारी मूल्य 1410 और ग्रेड वन का धान 1450 रुपये प्रति क्विंटल है।
किसान सुखाकर केंद्रों पर लाएं धान
बदायूं। आरएमओ राममूर्ति पांडेय ने कहा है कि धान खरीद में लापरवाह विभागों पर शिकंजा कसा जा रहा है। बदायूं में उदासीनता पर अपर आयुक्त खाद्य ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि किसान धान को सुखाकर ही खरीद केंद्र पर ले जाएं, ताकि खरीद करने वालों और उनको असुविधा नहीं होगी।
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जिले में पहले 11000 एमटी धान खरीद का लक्ष्य था। यह लक्ष्य खरीद करने वाली संस्थाएं पूरा नहीं कर सकीं थीं। इस बार धान खरीद का लक्ष्य 50,000 एमटी रखा गया है। इसमें केवल 300 एमटी धान की खरीद ही हो सकी है।
विपणन विभाग सक्रिय, बाकी निष्क्रिय
सात विभागों को धान खरीद का बदायूं में जिम्मा दिया गया है। इसमें विपणन विभाग ने 300 एमटी धान की अपने छह केंद्रों पर खरीद कर ली है। बाकी कर्मचारी कल्याण निगम के दो, यूपी एसएस के तीन, एग्रो के चार, पीसीएफ के 10, एफसीआई के दो, एसएफआई के दो खरीद केंद्र हैं, किसी ने भी धान का एक दाना नहीं खरीदा है।
19 दिनों के बाद नहीं दिख रहे खरीद केंद्र
एक अक्तूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है जो 31 जनवरी 2016 तक जारी रहेगी। सात संस्थाओं में से केवल एक संस्था ने ही खरीद की है। बाकी ने अपने खरीद केंद्र तक नहीं खोले हैं। किसान आढ़तियों की शरण में जाने को मजबूर हैं। आढ़तिए औने-पौने दाम में किसानों का धान खरीद रहे हैं। जबकि कॉमन धान का सरकारी मूल्य 1410 और ग्रेड वन का धान 1450 रुपये प्रति क्विंटल है।
किसान सुखाकर केंद्रों पर लाएं धान
बदायूं। आरएमओ राममूर्ति पांडेय ने कहा है कि धान खरीद में लापरवाह विभागों पर शिकंजा कसा जा रहा है। बदायूं में उदासीनता पर अपर आयुक्त खाद्य ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि किसान धान को सुखाकर ही खरीद केंद्र पर ले जाएं, ताकि खरीद करने वालों और उनको असुविधा नहीं होगी।