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Budaun News: राजस्व विभाग ने कब्जा मुक्त कराई 16 बीघा सरकारी भूमि
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उझानी के रौली में भूमि को कब्जामुक्त कराने पहुंची राजस्व विभाग की टीम। संवाद
उझानी। दशकों पुराने पट्टे पर कब्जों के मामले में कोर्ट के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम ने करीब 16 बीघा सरकारी भूमि पर कब्जा मुक्त कर दिया। ट्रैक्टर और बुलडोजर लेकर पहुंचे राजस्व कर्मियों का कब्जाधारकों ने विरोध भी किया। इसके बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया। करीब पांच बीघा भूमि पर मक्का की फसल जुतवा दी गई।
मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव रौली का है। गांव के ही दो लोगों के नाम पट्टा का आंवटन कृषि कार्य के लिए हुआ था। इसके बाद पट्टा धारकों की मृत्यु हो गई। इसके बाद में उनके परिजन संबंधित भूमि पर खेती करते रहे। शिकायत के बाद मामला एसडीएम कोर्ट में पहुंचा। वहां से कब्जों को कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद में कमिश्नरी कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली। वर्ष 2020 में भूमि खाली कराने का आदेश हो गया। इसके बाद कब्जा धारकों ने भूमि को कब्जा मुक्त नहीं किया।
मंगलवार को नायब तहसीलदार सृजन सिंह राजस्व कर्मियों और पुलिस की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन भी थी। करीब पांच बीघा खेत में खड़ी मक्का की फसल ट्रैक्टर से जुतवाना शुरू किया गया तो कब्जाधारियों ने विरोध कर दिया। इसको लेकर राजस्व कर्मियों से कहासुनी भी हुई। उसी दौरान पुलिस ने तीन-चार लोगों को हिरासत में लेकर अपने वाहन में बैठा लिया। इसके बाद ही भूमि को कब्जा मुक्त कराया। नायब तहसीलदार सृजन सिंह ने बताया कि कब्जा मुक्ति भूमि प्रधान महेंद्र पाल कश्यप के सुपुर्द की गई है। इधर, तहसीलदार सदर दीपक कुमार ने बताया कि नायब तहसीलदार को रौली गांव भेजा था, वहां सरकारी जमीन पर कब्जा था, उसको कब्जा मुक्त कराया गया है।
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मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव रौली का है। गांव के ही दो लोगों के नाम पट्टा का आंवटन कृषि कार्य के लिए हुआ था। इसके बाद पट्टा धारकों की मृत्यु हो गई। इसके बाद में उनके परिजन संबंधित भूमि पर खेती करते रहे। शिकायत के बाद मामला एसडीएम कोर्ट में पहुंचा। वहां से कब्जों को कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद में कमिश्नरी कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली। वर्ष 2020 में भूमि खाली कराने का आदेश हो गया। इसके बाद कब्जा धारकों ने भूमि को कब्जा मुक्त नहीं किया।
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मंगलवार को नायब तहसीलदार सृजन सिंह राजस्व कर्मियों और पुलिस की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन भी थी। करीब पांच बीघा खेत में खड़ी मक्का की फसल ट्रैक्टर से जुतवाना शुरू किया गया तो कब्जाधारियों ने विरोध कर दिया। इसको लेकर राजस्व कर्मियों से कहासुनी भी हुई। उसी दौरान पुलिस ने तीन-चार लोगों को हिरासत में लेकर अपने वाहन में बैठा लिया। इसके बाद ही भूमि को कब्जा मुक्त कराया। नायब तहसीलदार सृजन सिंह ने बताया कि कब्जा मुक्ति भूमि प्रधान महेंद्र पाल कश्यप के सुपुर्द की गई है। इधर, तहसीलदार सदर दीपक कुमार ने बताया कि नायब तहसीलदार को रौली गांव भेजा था, वहां सरकारी जमीन पर कब्जा था, उसको कब्जा मुक्त कराया गया है।
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