फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Research should be done to build a better society: Dharmpal Singh

बेहतर समाज के निर्माण के लिए हो अनुसंधान : धर्मपाल सिंह

Fri, 29 Aug 2025 01:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 29 Aug 2025 01:30 AM IST
विज्ञापन
Research should be done to build a better society: Dharmpal Singh
राजकीय डिग्री कॉलेज में हुई अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखते अ​ति​थि। संवाद
बदायूं। राजकीय स्नातक महाविद्यालय में वनस्पति व प्राणी विज्ञान विभाग की ओर से रिसेंट ट्रेंडस इन प्लांट एंड एनिमल साइंस (आरटीपीएएस-205) विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ ऑनलाइन हुआ। सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका, चीन, श्रीलंका, नेपाल सहित विभिन्न देशों और भारत के 20 से अधिक राज्यों से आए प्रतिभागियों ने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इसके अलावा करीब 500 शोधार्थियों और प्राध्यापकों ने पंजीकरण कराया है।
विज्ञापन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पशुधन व दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि बेहतर समाज के निर्माण के लिए अनुसंधान होना चाहिए। उच्च शिक्षा संयुक्त निदेशक डॉ. शशि कपूर ने नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व केंद्रित शोध करने पर बल दिया। सहायक निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने शोधार्थियों से कहा कि वे अपने शोध कार्य को आमजन की आवश्यकताओं से जोड़ें। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने इसे बदायूं की शैक्षणिक उपलब्धियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। पहले दिन एएमयू अलीगढ़ के प्रो. शम्शुल हयात और प्रो. आलोक श्रीवास्तव ने नैनोटेक्नोलॉजिस्ट के जरिए फसल सुधार और पोषक तत्वों से भरपूर अनाज उत्पादन की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। एमजेपीआरयू बरेली के प्रो. आलोक श्रीवास्तव ने भारी धातुओं और प्रदूषकों के बायोडिग्रेडेशन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। इससे पहले उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. प्रियंका सिंह और तकनीकी सत्र का संचालन डॉ. गौरव कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर राजकीय स्नातक महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता, समन्वयक डॉ. सचिन कुमार राघव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

----------
नैनो-बायोइंजीनियरिंग विषय पर दिया व्याख्यान
-रूस के प्रोफेसर विष्णु डी. राजपूत ने राइजोस्फेरिक प्रणाली की नैनो-बायोइंजीनियरिंग विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि राइजोस्फीयर बैक्टीरिया पौधों की जड़ों वाले मृदा क्षेत्र में सूक्ष्मजीवी गतिविधियों और पोषक तत्वों के अवशोषण को प्रभावित करते हैं। जो पौधों की गुणवत्ता और पोषण में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं, यूनाइटेड किंगडम की प्रो. ख्याइन यू मार ने एशियन हाथियों के व्यवसायिक शोषण पर चिंता जताई और उनकी सुरक्षा व स्वतंत्रता के उपाय सुझाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed