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Budaun News: यदु शुगर मिल बिसौली के निदेशकों व अधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज
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यदु शुगर मिल। संवाद
बदायूं। पेराई सत्र 2024-25 में गन्ना किसानों का बकाया भुगतान न करने के मामले में यदु शुगर लिमिटेड सुजानपुर बिसौली के प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सहकारी गन्ना विकास समिति ने थाना बिसौली में निदेशक कुनाल यादव और अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव राजीव कुमार सिंह ने बताया कि यदु शुगर मिल ने 11 नवम्बर 2024 को पेराई कार्य शुरू किया और 23 फरवरी 2025 तक 26.15 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की। 18 फरवरी 2025 तक गन्ने की अग्रिम प्रजाति का मूल्य 370 रुपये, सामान्य का 360 रुपये और अस्वीकृत प्रजाति का 355 रुपये प्रति क्विंटल तय था। इसके आधार पर किसानों का कुल देय गन्ना मूल्य 9518.89 लाख रुपये बना।
नियम के मुताबिक, गन्ना खरीद के 14 दिन के भीतर भुगतान होना चाहिए था, लेकिन मिल प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया। जिला गन्ना अधिकारी और उप गन्ना आयुक्त बरेली ने समय-समय पर नोटिस जारी कर भुगतान का आदेश दिया फिर भी नहीं हुआ। स्थिति को देखते हुए डीएम ने 14 नवम्बर 2024 को टैगिंग आदेश जारी किया था। इसके तहत मिल से उत्पादित चीनी, शीरा, प्रेसमड, बैगास व अन्य उप-उत्पादों को गन्ना विभाग और एसडीएम बिसौली के संयुक्त प्रभार में ले लिया गया।
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चीनी व शीरा की बिक्री से 26 अगस्त 2025 तक 8168.37 लाख रुपये प्राप्त हुए, जिसमें से 85% यानी 6943.11 लाख रुपये गन्ना भुगतान काे मिलाना था। फिर भी मिल ने 6317.44 लाख रुपये भुगतान किए और 90.69 लाख रुपये एस्क्रो खाते में जमा किए। इस प्रकार लगभग 444.26 लाख रुपये का दुरुपयोग कर आदेश की अवहेलना की गई। आरोप है कि मिल प्रबंधन ने अगस्त 2025 में 400 लाख रुपये का भुगतान करने की योजना प्रस्तुत की थी, जबकि वास्तव में बीते 29 अगस्त तक केवल 203.23 लाख रुपये ही भुगतान किया गया। 30 अगस्त तक किसानों का 3091.97 लाख रुपये गन्ना मूल्य बकाया रहा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और असंतोष बढ़ रहा है।
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इन अधिकारियों पर एफआईआर
तहरीर में कहा गया है कि मिल प्रबंधन द्वारा लगातार धोखाधड़ी, विश्वासघात और किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। इस पर थाना कोतवाली बिसौली में यदु शुगर लि. सुजानपुर-बिसौली के निदेशक, अध्यक्ष कुनाल यादव, प्रबंध निदेशक सूरज यादव, अध्यासी सुरेश चंद्र जौहरी, इकाई प्रमुख डी.पी. सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक गन्ना बृजेश शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
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वर्जन-
किसानों का बकाया भुगतान न देने पर यदु शुगर मिल, बिसौली के निदेशकों व अधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके लिए इनको कई बार आरसी जारी की गई और रिमाइंडर भी भेजा गया। इसके बाद भी बकाया भुगतान न करने पर यह कार्रवाई की गई है। - अशर्फीलाल, जिला गन्ना अधिकारी
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पूर्व सांसद डीपी यादव के बेटे की है चीनी मिल
बदायूं। गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान न करने पर यदु चीनी मिल निदेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। यह चीनी मिल पूर्व सांसद डीपी यादव के बेटे कुनाल यादव की है। वह चीनी मिल के निदेशक व अध्यक्ष हैं।
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सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव राजीव कुमार सिंह ने बताया कि यदु शुगर मिल ने 11 नवम्बर 2024 को पेराई कार्य शुरू किया और 23 फरवरी 2025 तक 26.15 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की। 18 फरवरी 2025 तक गन्ने की अग्रिम प्रजाति का मूल्य 370 रुपये, सामान्य का 360 रुपये और अस्वीकृत प्रजाति का 355 रुपये प्रति क्विंटल तय था। इसके आधार पर किसानों का कुल देय गन्ना मूल्य 9518.89 लाख रुपये बना।
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नियम के मुताबिक, गन्ना खरीद के 14 दिन के भीतर भुगतान होना चाहिए था, लेकिन मिल प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया। जिला गन्ना अधिकारी और उप गन्ना आयुक्त बरेली ने समय-समय पर नोटिस जारी कर भुगतान का आदेश दिया फिर भी नहीं हुआ। स्थिति को देखते हुए डीएम ने 14 नवम्बर 2024 को टैगिंग आदेश जारी किया था। इसके तहत मिल से उत्पादित चीनी, शीरा, प्रेसमड, बैगास व अन्य उप-उत्पादों को गन्ना विभाग और एसडीएम बिसौली के संयुक्त प्रभार में ले लिया गया।
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चीनी व शीरा की बिक्री से 26 अगस्त 2025 तक 8168.37 लाख रुपये प्राप्त हुए, जिसमें से 85% यानी 6943.11 लाख रुपये गन्ना भुगतान काे मिलाना था। फिर भी मिल ने 6317.44 लाख रुपये भुगतान किए और 90.69 लाख रुपये एस्क्रो खाते में जमा किए। इस प्रकार लगभग 444.26 लाख रुपये का दुरुपयोग कर आदेश की अवहेलना की गई। आरोप है कि मिल प्रबंधन ने अगस्त 2025 में 400 लाख रुपये का भुगतान करने की योजना प्रस्तुत की थी, जबकि वास्तव में बीते 29 अगस्त तक केवल 203.23 लाख रुपये ही भुगतान किया गया। 30 अगस्त तक किसानों का 3091.97 लाख रुपये गन्ना मूल्य बकाया रहा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और असंतोष बढ़ रहा है।
इन अधिकारियों पर एफआईआर
तहरीर में कहा गया है कि मिल प्रबंधन द्वारा लगातार धोखाधड़ी, विश्वासघात और किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। इस पर थाना कोतवाली बिसौली में यदु शुगर लि. सुजानपुर-बिसौली के निदेशक, अध्यक्ष कुनाल यादव, प्रबंध निदेशक सूरज यादव, अध्यासी सुरेश चंद्र जौहरी, इकाई प्रमुख डी.पी. सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक गन्ना बृजेश शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
वर्जन-
किसानों का बकाया भुगतान न देने पर यदु शुगर मिल, बिसौली के निदेशकों व अधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके लिए इनको कई बार आरसी जारी की गई और रिमाइंडर भी भेजा गया। इसके बाद भी बकाया भुगतान न करने पर यह कार्रवाई की गई है। - अशर्फीलाल, जिला गन्ना अधिकारी
पूर्व सांसद डीपी यादव के बेटे की है चीनी मिल
बदायूं। गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान न करने पर यदु चीनी मिल निदेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। यह चीनी मिल पूर्व सांसद डीपी यादव के बेटे कुनाल यादव की है। वह चीनी मिल के निदेशक व अध्यक्ष हैं।