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गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव में हजारों ने छका लंगर, कीर्तन से संगत हुई निहाल
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बदायूं। गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब मई बूचन द्वारा श्रीगुरु गोविंद साहिब का 353 वां प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर यहां निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। वहीं गुरु के अटूट लंगर में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
गुरुद्वारे में तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत विगत शुक्रवार से हुई थी। रविवार को गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के आए डेरा कारसेवा के मुख्य सेवादार बाबा कश्मीरा सिंह के साथ कई संतों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हजूरी रागी जत्था के संतोष सिंह ने कीर्तन किया। सुखविंदर सिंह ने कथा के माध्यम से संगत को निहाल किया और गुरु गोबिंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला। इस दौरान कवि उमाशंकर राही द्वारा रचित पुस्तक चमकौर का युद्ध का विमोचन बाबा कश्मीरा सिंह, सरदार हरमेश सिंह, गिरीश जुनेजा व डॉ. अजीत पाल सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कवि दरबार में कामेश पाठक, अजीत सुभाषित, सुरेंद्र नाज, पवन शंखधार, शैलेंद्र मिश्रा आदि कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से संगत में जोश पैैदा किया। बीबी गुरुमीत कौर खालसा ने गुरु गोबिंद के बेटों के बलिदान पर चर्चा की।इस मौके पर लगाए गए निशुल्क चिकित्सा शिविर का उद्घाटन एसीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने किया। शिविर में डॉ. नेहा, मोहम्मद आमिर गाजी, डॉ. इमरान, डॉ. तुरुणा अरोरा, अनूप पटेल आदि का विशेष सहयोग रहा।
गुरुद्वारे के प्रधान गिरीश जुनेजा ने कवियों को तथा महासचिव सरदार भगत सिंह ने पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल सहित अन्य अतिथियों को सरोपा देकर सम्मानित किया। अंत में गुरुका अटूट लंगर हुआ, जिसमें हजारों लोगों प्रसाद छका। कार्यक्रम में सरदार रामचंद्र सिंह, रघुवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, करतार सिंह, संजीव सिंह आदि का सहयोग रहा। संचालन सरदार भगत सिंह ने किया।
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गुरुद्वारे में तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत विगत शुक्रवार से हुई थी। रविवार को गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के आए डेरा कारसेवा के मुख्य सेवादार बाबा कश्मीरा सिंह के साथ कई संतों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हजूरी रागी जत्था के संतोष सिंह ने कीर्तन किया। सुखविंदर सिंह ने कथा के माध्यम से संगत को निहाल किया और गुरु गोबिंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला। इस दौरान कवि उमाशंकर राही द्वारा रचित पुस्तक चमकौर का युद्ध का विमोचन बाबा कश्मीरा सिंह, सरदार हरमेश सिंह, गिरीश जुनेजा व डॉ. अजीत पाल सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कवि दरबार में कामेश पाठक, अजीत सुभाषित, सुरेंद्र नाज, पवन शंखधार, शैलेंद्र मिश्रा आदि कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से संगत में जोश पैैदा किया। बीबी गुरुमीत कौर खालसा ने गुरु गोबिंद के बेटों के बलिदान पर चर्चा की।इस मौके पर लगाए गए निशुल्क चिकित्सा शिविर का उद्घाटन एसीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने किया। शिविर में डॉ. नेहा, मोहम्मद आमिर गाजी, डॉ. इमरान, डॉ. तुरुणा अरोरा, अनूप पटेल आदि का विशेष सहयोग रहा।
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गुरुद्वारे के प्रधान गिरीश जुनेजा ने कवियों को तथा महासचिव सरदार भगत सिंह ने पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल सहित अन्य अतिथियों को सरोपा देकर सम्मानित किया। अंत में गुरुका अटूट लंगर हुआ, जिसमें हजारों लोगों प्रसाद छका। कार्यक्रम में सरदार रामचंद्र सिंह, रघुवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, करतार सिंह, संजीव सिंह आदि का सहयोग रहा। संचालन सरदार भगत सिंह ने किया।
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