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Budaun News: मेडिकोलीगल के नाम पर की गई वसूली की होगी जांच
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बदायूं। मेडिकोलीगल के नाम पर जिला अस्पताल में कुछ कर्मचारी खेल कर रहे हैं। लोगों से सुविधा शुल्क लेते हैं और फर्जीवाड़ा करके चोट दिखा देते हैं। इससे फर्जी तरीके से मेडिकल रिपोर्ट बनवाने वाले अपने विरोधी पक्ष पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराते हैं। ऐसे कई शिकायतें मिली हैं। सीएमएस ने कहा कि एक शिकायत उनके पास आई है, जिसके आधार पर वह जांच कराएंगे।
बिल्सी कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला तराऊ निवासी महेश्वरी देवी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। बताया है कि जमीन के बंटवारे को लेकर उसके साथ परिवार के ही कुछ लोगों ने मारपीट की, जिसमें उसका हाथ टूट गया। अब रिपोर्ट दर्ज होती तो दूसरा पक्ष यानी परिवार वाले फंस सकते थे। इसलिए परिवार वालों में एक ने अपनी उंगली टूटी दिखाकर फर्जी फर्जी मेडिकल तैयार करा लिया। इसके बाद क्रॉस केस दर्ज कराया। अब अगर फर्जी तरीके से तैयार मेडिकल की जांच मजिस्ट्रेट से करा ली जाए तो हकीकत साफ हो जाएगी।
दूसरा मामला वजीरगंज क्षेत्र के गांव बरीपुरा का है। यहां के निवासी चंद्रभान का झगड़ा हो गया था। उन्होंने जिला अस्पताल के कुछ कर्मचारियों पर मेडिकोलीगल के नाम पर दस हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिला अस्पताल में एक रैकेट सक्रिय है। अगर गोपनीय जांच हो जाए तो पूरा खेल सामने आएगा। कई डॉक्टर भी फंस सकते हैं, लेकिन पता नहीं क्यों जिम्मेदार अधिकारी इस पर गौर नहीं कर रहे।
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मेडिकोलीगल के नाम पर वसूली की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता से साक्ष्य मांगे गए हैं। ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके। जो भी कर्मचारी इस तरह का कृत्य कर रहा है उसको जल्द ही चिह्नित कर लिया जाएगा। विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल
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बिल्सी कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला तराऊ निवासी महेश्वरी देवी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। बताया है कि जमीन के बंटवारे को लेकर उसके साथ परिवार के ही कुछ लोगों ने मारपीट की, जिसमें उसका हाथ टूट गया। अब रिपोर्ट दर्ज होती तो दूसरा पक्ष यानी परिवार वाले फंस सकते थे। इसलिए परिवार वालों में एक ने अपनी उंगली टूटी दिखाकर फर्जी फर्जी मेडिकल तैयार करा लिया। इसके बाद क्रॉस केस दर्ज कराया। अब अगर फर्जी तरीके से तैयार मेडिकल की जांच मजिस्ट्रेट से करा ली जाए तो हकीकत साफ हो जाएगी।
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दूसरा मामला वजीरगंज क्षेत्र के गांव बरीपुरा का है। यहां के निवासी चंद्रभान का झगड़ा हो गया था। उन्होंने जिला अस्पताल के कुछ कर्मचारियों पर मेडिकोलीगल के नाम पर दस हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिला अस्पताल में एक रैकेट सक्रिय है। अगर गोपनीय जांच हो जाए तो पूरा खेल सामने आएगा। कई डॉक्टर भी फंस सकते हैं, लेकिन पता नहीं क्यों जिम्मेदार अधिकारी इस पर गौर नहीं कर रहे।
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मेडिकोलीगल के नाम पर वसूली की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता से साक्ष्य मांगे गए हैं। ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके। जो भी कर्मचारी इस तरह का कृत्य कर रहा है उसको जल्द ही चिह्नित कर लिया जाएगा। विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल