{"_id":"60243b048ebc3ee9061a1ae1","slug":"record-badaun-news-bly436809353","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल हुआ दातागंज के आदविक का नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल हुआ दातागंज के आदविक का नाम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। साढ़े चार साल के आदविक गुप्ता ने जिले का नाम रोशन किया है। छोटी सी उम्र में आदविक ने अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज कराया है। इससे उनके परिवार में खुशी का माहौल है। दातागंज के मूल निवासी आदविक फिलहाल मुंबई में अपने माता-पिता के साथ रह रहे हैं।
दातागंज के वार्ड नंबर 15 निवासी दिनेश चंद्र गुप्ता और पायल गुप्ता के पुत्र आदविक अपने माता-पिता के साथ मुंबई के कांदीवली में रह रहे हैं। आदविक चतुर्भुज नरसी मेमोरियल स्कूल, विलेपर्ले पश्चिम मुंबई में एनसी के छात्र हैं। आदविक बचपन से ही काफी मेधावी हैं। परिवारवालों का कहना है कि अगर आदविक कुछ याद कर ले तो उसे भूलता नहीं है। मुंबई में 14 जनवरी को हुई एक प्रतियोगिता में आदविक ने इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में जगह बनाई। आदविक ने यह रिकार्ड 30 तक पहाड़े, अंग्रेजी स्पेलिंग के साथ 100 तक गिनती सुनाने के साथ सभी ग्रहों के नाम, सात महाद्वीपों के नाम, अंग्रेजी में 39 फलों के नाम, 37 सब्जियों के नाम, 40 वाहन, 15 पक्षी, 25 जानवरों के नाम और 29 विलोम शब्द सुनाकर बनाया। इसके साथ ही उन्होंने 31 देशों के झंडों की पहचान की और गणित के 20 कठिन प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
साढ़े चार साल की उम्र में आदविक ने यह उपलब्धि अपने नाम दर्ज कराई है। अब वह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं। आदविक की इस कामयाबी से उनके परिवार के लोगों व परिचितों में काफी खुशी है।
विज्ञापन
बचपन से प्रखर बुद्धि के हैं आदविक
आदविक की उम्र अभी करीब साढ़े चार साल है। एनसी में पढ़ने वाले आदविक के पिता दिनेश एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करते हैं जबकि मां ग्रहणी हैं। आदविक की मां पायल का कहना है कि चीजों को याद करने में आदविक का बचपन से ही रुझान है। जैसे-जैसे वह बड़ा हो रहा है उसकी प्रतिभा और भी निखर रही है। उम्मीद है कि आदविक गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने में कामयाब हो जाएंगे।
विज्ञापन
दातागंज के वार्ड नंबर 15 निवासी दिनेश चंद्र गुप्ता और पायल गुप्ता के पुत्र आदविक अपने माता-पिता के साथ मुंबई के कांदीवली में रह रहे हैं। आदविक चतुर्भुज नरसी मेमोरियल स्कूल, विलेपर्ले पश्चिम मुंबई में एनसी के छात्र हैं। आदविक बचपन से ही काफी मेधावी हैं। परिवारवालों का कहना है कि अगर आदविक कुछ याद कर ले तो उसे भूलता नहीं है। मुंबई में 14 जनवरी को हुई एक प्रतियोगिता में आदविक ने इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में जगह बनाई। आदविक ने यह रिकार्ड 30 तक पहाड़े, अंग्रेजी स्पेलिंग के साथ 100 तक गिनती सुनाने के साथ सभी ग्रहों के नाम, सात महाद्वीपों के नाम, अंग्रेजी में 39 फलों के नाम, 37 सब्जियों के नाम, 40 वाहन, 15 पक्षी, 25 जानवरों के नाम और 29 विलोम शब्द सुनाकर बनाया। इसके साथ ही उन्होंने 31 देशों के झंडों की पहचान की और गणित के 20 कठिन प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
विज्ञापन
साढ़े चार साल की उम्र में आदविक ने यह उपलब्धि अपने नाम दर्ज कराई है। अब वह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं। आदविक की इस कामयाबी से उनके परिवार के लोगों व परिचितों में काफी खुशी है।
विज्ञापन
बचपन से प्रखर बुद्धि के हैं आदविक
आदविक की उम्र अभी करीब साढ़े चार साल है। एनसी में पढ़ने वाले आदविक के पिता दिनेश एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करते हैं जबकि मां ग्रहणी हैं। आदविक की मां पायल का कहना है कि चीजों को याद करने में आदविक का बचपन से ही रुझान है। जैसे-जैसे वह बड़ा हो रहा है उसकी प्रतिभा और भी निखर रही है। उम्मीद है कि आदविक गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने में कामयाब हो जाएंगे।